सड़क हादसों के घायलों को इस महीने से तुरंत मिलेगा FREE कैशलेस इलाज
मार्च 2025 से सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इस योजना के तहत अस्पताल बिना किसी फीस के प्राथमिक उपचार देंगे, जिससे दुर्घटनाग्रस्त लोगों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस योजना को लागू करने की नोडल एजेंसी होगी।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद हुआ विस्तार
इस योजना को लागू करने से पहले सरकार ने छह राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट चलाया था। इनमें पुड्डूचेरी, असम, हरियाणा और पंजाब शामिल थे। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद केंद्र सरकार ने इसे पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया।
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इलाज के लिए किसी भी अस्पताल में होगा कैशलेस भुगतान
गोल्डन ऑवर में इलाज से बढ़ेगी बचने की संभावना
दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है, सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान समय पर इलाज मिलने से हजारों जानें बच सकती हैं। भारत में हर साल 1.5 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। इनमें से 30-40% की मौत इलाज में देरी के कारण होती है।
डेढ़ लाख से अधिक खर्च होने पर खुद करना होगा भुगतान
अगर इलाज की लागत 1.5 लाख रुपए से अधिक होती है, तो अतिरिक्त राशि मरीज या उसके परिजनों को खुद वहन करनी होगी। सरकार इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने पर भी विचार कर रही है।
नितिन गडकरी ने कैशलेस ट्रीटमेंट योजना का किया था ऐलान
पिछले वर्ष 2024 में देशभर में सड़क हादसों के कारण एक लाख अस्सी हजार लोगों की जान चली गई। इन मृतकों में 66% युवा थे, जिनकी उम्र 18 से 34 साल के बीच थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर इन घायलों को समय पर इलाज मिल जाता, तो कई की जान बचाई जा सकती थी। इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए, 7 जनवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की घोषणा की। यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत और मुफ्त चिकित्सा सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।ट
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