विकेंद्रीकरण: RSS संगठनात्मक बदलाव– संघ में 46 प्रांत की जगह होंगे 80 संभाग

Pawan Modiya | Mar 16, 2026, 17:19 IST
Photograph: (the sootr)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) संगठनात्मक बदलाव के तहत 46 प्रांत की जगह 80 संभाग बनाए जाएंगे। विकेंद्रीकरण से संघ की संरचना को निचले स्तर तक मजबूत करने की तैयारी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। हरियाणा के समालखा में आयोजितसंघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (All India Representative Assembly) की बैठक में संघ ने विकेंद्रीकरण (Decentralization) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नया सांगठनिक मॉडल अपनाने का फैसला किया है।


इस फैसले के तहत अब तक मौजूद 46 प्रांत (Provinces) की व्यवस्था को बदलकर 80 संभाग (Divisions) बनाए जाएंगे। संघ का मानना है कि इस कदम से संगठन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी और निचले स्तर तक संगठन की पकड़ मजबूत होगी।


संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले (Dattatreya Hosabale) ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह बदलाव संगठन को अधिक सक्षम और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से किया गया है।



जाति आधारित आकलन पर संघ का रुख

जाति संबंधी यूजीसी सर्कुलर पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार्यवाह होसबाले ने कहा कि यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने समाज में जातिगत विभेद (Caste Discrimination) समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में जाति के आधार पर विभाजन को खत्म करने के लिए मीडिया को भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। होसबाले ने यह भी सुझाव दिया कि चुनावों के दौरान मतदाताओं की संख्या का जाति आधारित आकलन (Caste-based voter analysis) बंद होना चाहिए, क्योंकि इससे सामाजिक विभाजन बढ़ता है।



पश्चिम एशिया युद्ध पर संघ की प्रतिक्रिया

बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से पश्चिम एशिया युद्ध (West Asia Conflict) को लेकर सवाल उठाए गए। इस पर दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत सरकार इस संवेदनशील स्थिति में संतुलित और जिम्मेदार कूटनीतिक प्रयास कर रही है।



उन्होंने भारत सरकार की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि सरकार देश के सर्वोच्च हित को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है। संघ का मानना है कि विश्व में शांति और विकास (Peace and Development) को बढ़ावा देना आवश्यक है।



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ईरान से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया

पत्रकारों ने ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामनेई (Iranian Supreme Leader Ali Khamenei) से जुड़े विवादों और देश में हुए प्रदर्शनों पर भी सवाल किया। इस पर होसबाले ने कहा कि किसी भी प्रकार का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु पर विरोध या आक्रोश व्यक्त करने की परंपरा नहीं है। इसलिए समाज को संयम और शांति बनाए रखनी चाहिए।



प्रशिक्षण वर्गों की संख्या बढ़ेगी

बैठक में संगठन के विस्तार के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि अगले वर्ष संघ 96 प्रशिक्षण वर्ग (Training Camps) आयोजित करेगा। इन प्रशिक्षण वर्गों का उद्देश्य होगा:



  • नए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना
  • संगठनात्मक कौशल विकसित करना
  • समाज सेवा के कार्यक्रमों को मजबूत करना

बैठक में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की भी योजना बनाई गई। संघ ने निर्णय लिया कि अगले वर्ष संत रविदास (Saint Ravidas) के 650वें प्राकट्य वर्ष (650th Birth Anniversary) को व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देना होगा।



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