रुपए की ऐतिहासिक गिरावट, डॉलर के मुकाबले 87 के पार
भारतीय रुपया (Indian Rupee) सोमवार को अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले 87 रुपए के पार चला गया। यह पहली बार है जब रुपया इस स्तर तक गिरा है। रुपए की इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा कनाडा (Canada), मैक्सिको (Mexico) और चीन (China) पर टैरिफ (Tariffs) बढ़ाना है। इस फैसले से एशियाई मुद्राओं (Asian Currencies) और शेयर बाजारों (Stock Markets) में भी गिरावट देखी गई।
अब तक 4 फीसदी हुआ कमजोर
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व्यापार युद्ध की आशंका
ट्रंप के टैरिफ बढ़ाने के फैसले से व्यापार युद्ध (Trade War) की आशंका बढ़ गई है। कनाडा और मैक्सिको ने भी जवाबी कदम उठाने की घोषणा की है। मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) के अनुसार, "हमारी सबसे बुरी आशंकाओं के सच होने का जोखिम बढ़ गया है।" एशियाई देशों की उच्च व्यापार निर्भरता के कारण वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
रुपए की इस गिरावट का असर भारतीय आईटी कंपनियों (Indian IT Companies) पर भी पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें अपने राजस्व का बड़ा हिस्सा डॉलर में मिलता है। रुपए की कमजोरी से इन कंपनियों को लाभ हो सकता है।
रुपए की गिरावट के साथ ही भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में भी कमजोरी देखी गई। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशक (Foreign Investors) भारतीय बाजार से धन निकाल सकते हैं, जिससे बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है।
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FAQ
- 1. रुपए में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा कनाडा, मैक्सिको और चीन पर टैरिफ बढ़ाने के फैसले से डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे रुपया कमजोर हुआ है। - 2. रुपए की गिरावट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
रुपए की कमजोरी से आयात महंगा होगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, आईटी और निर्यातक कंपनियों को लाभ हो सकता है। - क्या अन्य एशियाई मुद्राओं पर भी इसका असर पड़ा है?
हां, अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से अन्य एशियाई मुद्राओं, जैसे कोरियाई वोन (Korean Won), मलयेशियाई रिंगिट (Malaysian Ringgit), इंडोनेशियाई रुपिया (Indonesian Rupiah) और थाई बाहट (Thai Baht) में भी गिरावट देखी गई है। - भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपए की गिरावट को कैसे संभाल रहा है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI ने रुपए को स्थिर करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर की बिक्री की है, लेकिन इसके बावजूद रुपया कमजोर हो रहा है। - रुपए की गिरावट से आम जनता पर क्या असर होगा?
रुपए की कमजोरी से पेट्रोल, डीजल और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा।
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