दृश्यम देख दो हजाार किमी दूर से पिता का कत्ल करने पहुंचा बेटा, बस एक कॉल ने खोला पूरा राज

Aman Vaishnav | Oct 05, 2026, 12:54 IST
बिहार के समस्तीपुर में पिता की हत्या का आरोपी बेटा पुलिस गिरफ्त में
बिहार के समस्तीपुर में दृश्यम फिल्म देखकर एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। आरोपी पुलिस से बचने के लिए दो हजार किलोमीटर का सफर तय करके रात में गांव पहुंचा था। पिता की गाली-गलौज और विवाद से नाराज होकर उसने इस खौफनाक मर्डर केस को अंजाम दिया। घटना के बाद एक छोटी सी चूक की वजह से वह पकड़ा गया।

बॉलीवुड फिल्म दृश्यम देख किया मर्डर

बता दें कि आरोपी बेटा गुजरात के सूरत में रहता था। उसने मशहूर बॉलीवुड फिल्म दृश्यम (Drishyam Movie) देखी थी। उसे वहीं से उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान तैयार किया।



बेटे को लगा कि जैसे फिल्म में कोई सुराग नहीं मिलता, वैसे ही वह भी पुलिस की पकड़ से हमेशा बचा रहेगा। इसके लिए वह दो हजार किलोमीटर दूर सूरत से ट्रेन पकड़कर चुपचाप गांव आया।



इसके बाद सोते हुए पिता को कुल्हाड़ी मारी और उसी रात वापस सूरत भाग निकला। दूसरी ओर उसकी एक छोटी सी लापरवाही ने पुलिस के सामने उसका पूरा सच ला दिया।



कुल्हाड़ी से की पिता की हत्या

26 जुलाई की देर रात रघुवीर सहनी अपने घर के दरवाजे के बाहर आराम से सो रहे थे। तभी कातिल ने मौका पाकर घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और उनके सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। रघुवीर सहनी की मौके पर ही तड़प-तड़पकर जान चली गई।



वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर कुल्हाड़ी को घर में ही छोड़कर अंधेरे में ही भाग निकला। अगली सुबह जब खून से लथपथ शव मिला तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।



सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद पुलिस को यकीन हुआ कि यह काम घर के ही किसी करीबी का है।



जमीन विवाद और गाली-गलौज बना कत्ल की वजह

घटना के बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की जांच शुरू की। जांच करने पर सबसे पहला शक रघुवीर सहनी के बेटे शिव शंकर पर गया। पुलिस की पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई कि, शिव शंकर का अपने पिता से जमीन बेचने को लेकर पुराना झगड़ा चल रहा था।



पिता अक्सर अपने बेटे और बहू को गालियां देते थे। इसी वजह सेवह परेशान होकर अपनी पत्नी को साथ लेकर सूरत चला गया था । दूसरी ओर उसका पिता के प्रति गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा था।



सूरत से समस्तीपुर तक का फिल्मी सफर

पुलिस पूछताछ में शिव शंकर ने बताया कि सूरत में उसने अजय देवगन की फिल्म दृश्यम देखी थी। फिल्म देखने के बाद उसने सोचा कि वह अपनी लोकेशन छुपा ले तो पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी। इसके बाद उसने कदम-दर-कदम योजना बनाई।



  • सूरत से ट्रेन पकड़ी: सफर शुरू करने से ठीक पहले उसने अपना मोबाइल फोन पूरी तरह स्विच ऑफ कर दिया। टावर लोकेशन न मिले।
  • पटना और हाजीपुर का सफर: वह ट्रेन से पहले पटना पहुंचा और फिर शाम को हाजीपुर जाकर दूसरी लोकल ट्रेन पकड़ी।
  • पटोरी स्टेशन से गांव की दूरी: वह पटोरी रेलवे स्टेशन पर उतरा वहां से ऑटो पकड़कर जोरपुरा पहुंचा।
  • 4 किलोमीटर पैदल यात्रा: जोरपुरा से वह रात में करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर ठीक 12 बजे अपने घर पहुंचा।
  • वारदात और वापसी: वह घर के पिछले दरवाजे से अंदर घुसा और कोठरी से कुल्हाड़ी निकाली। इसके बाद बाहर सो रहे पिता के सिर पर वार करके उनकी जान ले ली। हत्या के तुरंत बाद वह रात में ही वापस पटोरी स्टेशन के लिए निकल गया।

वो एक गलती, जिसने बिगाड़ दिया पूरा खेल

शिव शंकर ने अपनी तरफ से कोई भी सुराग न छोड़ने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन एक छोटी सी भूल ने उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।



  • पटोरी स्टेशन पर फोन चालू करना: वारदात के बाद वह वापस भागने के लिए पटोरी स्टेशन पहुंचा। इसके बाद उसने कुछ ही मिनटों के लिए अपना फोन ऑन कर लिया।
  • पत्नी को किया फोन: उसने स्टेशन से अपनी पत्नी को कॉल करके बात की और फिर तुरंत मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।
  • टावर लोकेशन का खेल: जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो हत्या वाली रात उस मोबाइल की लोकेशन सीधे पटोरी स्टेशन पर मिली।
  • 36 घंटे बाद सूरत में एक्टिव: इसके करीब 36 घंटे बाद वही फोन सूरत में एक्टिव हुआ। पुलिस ने तुरंत कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाए। इससे साफ हो गया कि हत्या वाली रात वह गांव के पास ही मौजूद था।
  • श्राद्ध में न आना: पिता की मौत के बाद शिव शंकर उनके श्राद्ध कर्म में भी शामिल होने गांव नहीं आया था। इस बात ने पुलिस के शक को पूरी तरह पक्के सबूत में बदल दिया।

इसके बाद पुलिस की टीम सूरत पहुंची और आरोपी शिव शंकर को गिरफ्तार कर लिया।



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