11 साल बाद जेल से रिहा हुए संत रामपाल, साल 2014 में हुई हिंसा के बाद हुई गिरफ्तारी
News in Short
- रामपाल को 2014 में हिसार के सतलोक आश्रम हिंसा के मामले में जमानत मिली।
- 11 साल बाद जेल से रिहाई के बाद रामपाल का स्वागत उनके अनुयायियों ने किया।
- उनकी यात्रा में 20 गाड़ियों का काफिला था, पुलिस सुरक्षा के बीच उन्हें आश्रम भेजा गया।
- रामपाल की रिहाई के बाद एक मई से तीन मई तक देश-विदेश में सत्संग का आयोजन होगा।
- रामपाल की गिरफ्तारी हिंसा के बाद हुई थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे।
News in Detail
हरियाणा के हिसार स्थित बरवाला के सतलोक आश्रम में 2014 में हुई हिंसा में 6 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद जेल में बंद रामपाल को शुक्रवार को जमानत मिल गई। 78 साल के रामपाल को 11 साल, 4 महीने और 24 दिन बाद जेल से रिहा किया गया। रिहाई के बाद रामपाल के अनुयायी बड़ी संख्या में जेल के बाहर जमा हो गए। उनके काफिले में 20 गाड़ियों का हुजूम था, जो उन्हें सोनीपत स्थित सतलोक आश्रम ले गया।
रिहाई की खुशी में
रामपाल की रिहाई के बाद एक मई से तीन मई तक देशभर और विदेशों में सत्संग का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में रामपाल की उपस्थिति में विश्व शांति के लिए आध्यात्मिक चर्चा की जाएगी। सतलोक के भारत में 14 आश्रम चल रहे हैं और 6 नए आश्रमों का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा 72 देशों में उनके आश्रम की शाखाएं हैं, जहां इस दौरान सत्संग का आयोजन होगा।
पुलिस सुरक्षा के बीच यात्रा
रामपाल के काफिले में लगभग 20 गाड़ियां शामिल थीं। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। रिहाई के बाद रामपाल अपने गांव धनाना के सतलोक आश्रम के लिए रवाना हुए। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को जमानत मंजूर की थी। जेल के बाहर और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने बल तैनात किया था। रामपाल का स्वागत मुस्कुराते हुए हुआ। वे सफेद पर्दे वाली फॉर्च्यूनर में बैठकर यात्रा पर निकले।
रामपाल की हुई थी गिरफ्तारी
रामपाल की गिरफ्तारी 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में हुई हिंसा के बाद हुई थी। हिंसा में महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोग मारे गए थे। कोर्ट ने रामपाल को हत्या और अन्य आरोपों में दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा दी। जेल में उन्हें कैदी नंबर 1005 के रूप में रखा गया था। वह एक विशेष बैरक में रहते थे और अधिकांश समय आध्यात्मिक किताबें पढ़ने में बिताया।
रामपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बरवाला स्थित सतलोक आश्रम को सील कर दिया था। पुलिस ने आश्रम के बाहरी हिस्सों को बुलडोजर से तोड़ा और अनुयायियों को बाहर निकाला। आश्रम की छत से पेट्रोल बम फेंके जा रहे थे, जिससे पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में कठिनाई हुई। बाद में दोनों आश्रमों को सील कर दिया गया और उनकी संपत्ति को केस से अटैच कर लिया गया।
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