कमांडेंट आवास के पेड़ से अमरूद चोरी, SDRF जवान को लापरवाही पर नोटिस

Aman Vaishnav | Jan 13, 2026, 14:20 IST
sdrf jawan guava explanation notice lucknow
लखनऊ में SDRF के सिपाही को अमरूद खाना महंगा पड़ गया। कमांडेंट के आवास पर तैनात इस सिपाही ने पेड़ से फल तोड़कर खा लिया था। विभाग ने इसे बड़ी अनुशासनहीनता मानते हुए उसे लिखित नोटिस दे दिया। सिपाही ने पेट दर्द और यूट्यूब के नुस्खे का हवाला देकर माफी मांगी।

News In Short

  • लखनऊ एसडीआरएफ की पहली बटालियन में यह अजीबोगरीब मामला सामने आया ।
  • ड्यूटी के दौरान कमांडेंट आवास के पेड़ से सिपाही ने अमरूद तोड़कर खा लिया।
  • अधिकारी ने देख लिया और विभाग ने जवान से स्पष्टीकरण मांग लिया।
  • सिपाही ने पेट दर्द के इलाज के लिए अमरूद खाने की बात कही।
  • सीनियर अधिकारियों ने चेतावनी देकर सिपाही को इस बार माफ कर दिया।

News In Detail

चर्चा में आई पहली बटालियन

एसडीआरएफ आमतौर पर आपदाओं में लोगों की जान बचाने के लिए जानी जाती है। लेकिन लखनऊ की पहली बटालियन इन दिनों एक अमरूद के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। यहां एक सिपाही की ड्यूटी ने महकमे में हलचल मचा दी। यह घटना अब फाइलों से निकलकर सोशल मीडिया पर फैल गई है।



a248b88d-68e


जनवरी की वह सर्द सुबह

मामला जनवरी के पहले सप्ताह का बताया जा रहा है। लखनऊ मुख्यालय में कमांडेंट आवास पर सिपाही की पहरा ड्यूटी थी। कड़ाके की ठंड में जवान गेट पर अपनी ड्यूटी कर रहा था। परिसर में ही एक अमरूद का पेड़ भी लगा हुआ था।



423fa278-5ec


सिपाही को मिला नोटिस

ड्यूटी के दौरान सिपाही ने पेड़ से अमरूद तोड़कर खा लिया। किसी बड़े अधिकारी की नजर अचानक इस हरकत पर पड़ गई। इसे अनुशासन के खिलाफ मानकर फौरन लिखित नोटिस जारी हुआ। सूबेदार सैन्य नायक ने सिपाही से इस पर जवाब मांगा था।



जवान का दिलचस्प स्पष्टीकरण

सिपाही ने बताया कि उस दिन उसके पेट में दर्द था। छुट्टियां बंद होने के कारण वह घर नहीं जा सकता था। उसने राहत के लिए यूट्यूब पर घरेलू उपाय सर्च किए थे। वीडियो में अमरूद को पेट दर्द का इलाज बताया गया था।



sdrf jawan guava explanation notice lucknow


यूट्यूब के नुस्खे पर भरोसा

जवान ने बताया कि उसने सिर्फ दर्द मिटाने को फल खाया। उसका इरादा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का बिल्कुल भी नहीं था। सिपाही ने अपनी मजबूरी बताते हुए विभाग से माफी भी मांगी। जवान का यह मानवीय जवाब अब काफी वायरल हो रहा है।



b0860ad5-ca9


चेतावनी के साथ खत्म विवाद

अधिकारियों ने जवान की बात सुनकर लंबी चर्चा की। अंत में उन्होंने जवान की मजबूरी को सही माना। उसे भविष्य में ऐसी गलती न करने की हिदायत दी। सख्त चेतावनी के साथ यह अमरूद केस बंद कर दिया।



Sootr Knowledge

सरकारी परिसर में लगे फल या संपत्ति का उपयोग करना वर्जित है। ड्यूटी के दौरान किसी भी गतिविधि के लिए अनुमति लेना जरूरी है। बीमारी की स्थिति में खुद इलाज के बजाय डॉक्टर से मिलें।



आगे क्या

इस घटना के बाद फोर्स में अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ेगी। जवानों को अपनी समस्याओं के लिए सही चैनल अपनाने की सीख मिली। भविष्य में ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के नुस्खे भारी पड़ेंगे।



निष्कर्ष

लखनऊ एसडीआरएफ का यह मामला नियमों और मजबूरी की कहानी है। अंततः मानवीय आधार पर जवान को बड़ी राहत मिल गई है। विभाग ने अनुशासन और संवेदना के बीच संतुलन कायम किया है।



ये खबरें भी पढ़िए...



रीवा पुलिस के गवाह निकले अंतर्यामी, 6 गवाहों ने देख ली हजार वारदातें, ऐसे खुला राज



Tags:
  • SDRF
  • एसडीआरएफ
  • सोशल मीडिया
  • जवान
  • लखनऊ
  • सिपाही