शेयर बाजार में 1700 अंकों की भारी गिरावट, निवेशकों को नुकसान

Sandeep Kumar | Mar 27, 2026, 18:56 IST
sensex falls
शेयर बाजार में गिरावट का कारण ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और रुपए की कमजोरी हैं। रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और अन्य बड़े शेयरों में भारी गिरावट हुई।

News in Short

  • भारतीय शेयर बाजार में 27 मार्च को भारी गिरावट आई।
  • सेंसेक्स में 1690 अंक (2.25%) की गिरावट आई।
  • निफ्टी और निफ्टी बैंक में भी गिरावट देखी गई।
  • रिलायंस इंडस्‍ट्री के शेयर में 4.60% की गिरावट आई।
  • निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

News in Detail

27 मार्च यानी आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। पिछले दो दिनों की तेजी के बाद, लॉर्जकैप, मिड और स्मॉलकैप स्टॉक्स में जबरदस्त गिरावट देखी गई। बीएसई सेंसेक्स में 1690 अंक (2.25%) की गिरावट आई और यह 73 हजार 583 पर बंद हुआ। निफ्टी में 486 अंक (2.09%) की गिरावट रही, जो 22 हजार 819 पर क्लोज हुआ। निफ्टी बैंक 1433 अंक गिरकर 52 हजार 274 पर बंद हुआ। इस गिरावट का प्रमुख कारण ईरान और अमेरिका के बीच स्थिति का सामान्य न होना है।



प्रमुख शेयरों में गिरावट

बीएसई टॉप 30 शेयरों में केवल एयरटेल, टीसीएस और पावरग्रिड के शेयरों में सुधार देखने को मिला। बाकी 27 शेयरों में गिरावट आई। सबसे बड़ी गिरावट रिलायंस इंडस्‍ट्री के शेयरों में देखी गई, जो 4.60% गिरकर 1347 रुपए पर आ गए। इसके अलावा, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी 4% से अधिक की गिरावट आई। इन शेयरों में भारी गिरावट ने निवेशकों को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है।



निवेशकों को भारी नुकसान

बीएसई की मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी गिरावट आई है। 431 लाख करोड़ रुपए से घटकर यह 422 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जिससे निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपए डूब गए हैं।



शेयर बाजार में गिरावट के कारण

1. प्रॉफिट बुकिंग

पिछले दो सत्रों में शेयरों में 3.5% की तेजी देखने के बाद, 27 मार्च को मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया। आईटी सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टर्स बुरी तरह प्रभावित हुए। स्मॉल और मिडकैप स्टॉक्स में भी 1.7% की गिरावट आई।



2. जियो-पॉलिटिकल तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आ रहा है। हालांकि ट्रंप ने 6 अप्रैल तक डेडलाइन बढ़ाई है, फिर भी बाजार इसे नकारात्मक रूप से देख रहा है। इसी कारण ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट आई है।



3. कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ रही है। शुक्रवार को कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा।



4. भारतीय रुपए का गिरना

भारतीय रुपया शुक्रवार को 94 प्रति डॉलर के पार चला गया। यह रुपए का सबसे निचला स्तर है। मिडल ईस्ट वॉर और ऊर्जा आपूर्ति संकट की चिंता ने रुपए को और कमजोर किया।



5. VIX में बड़ी उछाल

भारत का बाजार अस्थिरता सूचकांक इंडिया VIX करीब 9% बढ़कर 28 पर पहुंच गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार को निकट भविष्य में और बिकवाली का दबाव महसूस हो सकता है।



33 फीसदी महिला आरक्षण के बाद MP, CG और राजस्थान कितना फायदा, जानिए परिसीमन का पूरा गणित



धर्मांतरण कानून के खिलाफ मसीही समाज का बड़ा प्रदर्शन, नवा रायपुर में हजारों की संख्या में पहुंचे लोग



रायपुर में जीएसटी छापेमारी; 1 करोड़ की टैक्स चोरी का हुआ खुलासा



बिना गारंटी मिलेगा 10 लाख तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन



Tags:
  • निफ्टी
  • अमेरिका
  • भारतीय शेयर बाजार
  • ईरान
  • भारतीय रुपया
  • रिलायंस
  • बीएसई सेंसेक्स