शिमला का जाखू हनुमान मंदिर बनेगा और भव्य, 5 करोड़ 67 लाख में होगी चांदी से नक्काशी

Anjali Dwivedi | Dec 01, 2025, 19:11 IST
shimla temple
शिमला के मशहूर जाखू मंदिर में 5.67 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान मंजूर हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में चांदी की नक्काशी होगी। एक डोनर इसका खर्च उठाएगा। बाकी सारी सुविधाएं भी जल्द शुरू होगी।

हिमाचल की राजधानी शिमला का जाखू मंदिर बहुत मशहूर है। जल्द ही इस मंदिर में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। हनुमान मंदिर (Hanuman Temple Shimla) न्यास समिति की मीटिंग में यह फैसला हुआ है। मंदिर के गर्भगृह के आसपास चांदी की नक्काशी होगी।



इस पूरी नक्काशी का खर्च एक डोनर उठाएगा। डोनर ने खुद आगे बढ़कर यह प्रस्ताव दिया था।



भव्य नक्काशी को मिली मंजूरी

डीसी शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। न्यास समिति ने डोनर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। चांदी की नक्काशी का डिजाइन खास होगा। एसडीएम, न्यास सदस्य और जिला भाषा अधिकारी यह तय करेंगे। वे मंदिर की पारंपरिक शैली का ध्यान रखेंगे। धार्मिक महत्व को भी बनाए रखा जाएगा।



जाखू मंदिर न्यास समिति मीटिंग की में मौजूद डीसी शिमला व अन्य।




5.67 करोड़ का मास्टर प्लान

इस मीटिंग में मंदिर परिसर के विकास पर बात हुई। एक विशाल मास्टर प्लान को मंजूरी मिली है। हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने इसे तैयार किया है। इस प्लान पर 5 करोड़ 67 लाख रुपए खर्च होंगे।



प्लान में ये सुविधाएं मिलेंगी

  • जाखू मंदिर में यज्ञशाला का निर्माण होगा।
  • शू हाउस यानी जूता घर भी बनेगा।
  • नए शौचालय ब्लॉक बनाए जाएंगे।
  • परिसर में दुकानें और शेड भी विकसित होंगे।
  • अन्य जरूरी सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।

वेबसाइट जल्द लॉन्च होगी

न्यास समिति की मीटिंग में एक और फैसला हुआ है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट लगभग तैयार है। इसे जल्द ही लाइव करने के निर्देश दिए गए। वेबसाइट को एक सप्ताह के भीतर शुरू किया जाएगा।



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2,500 मीटर ऊंचाई पर हनुमान का धाम

जाखू मंदिर शिमला शहर की सबसे ऊंची हिल पर है। यह समुद्र तल से 2 हजार 455 मीटर की ऊंचाई पर है।



मंदिर की पौराणिक कहानी

मान्यता है कि लंका युद्ध के दौरान यह घटना हुई थी। जब लक्ष्मण बेहोश हो गए थे। तब हनुमान संजीवनी बूटी लेने हिमालय के इसी रास्ते से गए थे। रास्ते में हनुमान जी जाखू पर्वत पर रुके भी थे।



यहीं उनकी मुलाकात ऋषि याकू के साथ हुई थी। कहते हैं कि हनुमान का पैर जिस जगह पड़ा था, उसी जगह यह मंदिर बना है।



क्यों मशहूर है जाखू मंदिर

जाखू मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी मशहूर है।



  • सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा: जाखू में दुनिया की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा है। यह प्रतिमा 108 फीट की है। यह प्रतिमा दूर-दूर से दिखाई देती है। यह शिमला की एक खास पहचान बन गई है।
  • अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता: जाखू मंदिर से नजारे बहुत मनमोहक दिखते हैं। यहां से शिमला के बादलों से घिरे दृश्य दिखते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य भी अद्भुत होते हैं। इसीलिए शिमला आने वाले टूरिस्ट यहां जरूर जाते हैं।
  • धार्मिक आस्था का केंद्र: हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंगलवार और शनिवार को यहां बहुत भीड़ होती है।

इन बदलावों से जाखू मंदिर और भी भव्य दिखेगा। टूरिस्टों को यहां अच्छी सुविधाएं मिलेंगी।



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