पहली ही नजर में राजीव गांधी पर दिल हार बैठी थीं सोनिया, सोनिया गांधी की आत्मकथा में खुलेंगे कई दिलचस्प राज
बात सत्तर के दशक की है जब इंग्लैंड के कैम्ब्रिज शहर में दोनों की राहें टकराई थीं। वहां एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां में दो अनजान युवा मिले थे। सोनिया इटैलियन खाना ढूंढ रही थीं और वहीं किस्मत ने उन्हें राजीव से मिला दिया। पहली नजर की उस बातचीत ने दो दिलों को हमेशा के लिए एक मजबूत डोर में बांध दिया। राजीव के सौम्य और शांत मिजाज ने सोनिया का दिल पल भर में जीत लिया।
पहली मुलाकात में ही सोनिया समझ गई थीं कि यही वो इंसान हैं जिनके साथ वो अपनी पूरी जिंदगी बिता सकती हैं। कैम्ब्रिज के उसी छोटे से ठिकाने से शुरू हुआ यह खूबसूरत सफर आगे चलकर भारतीय राजनीति के इतिहास का एक बेहद अहम अध्याय बन गया।
हाल ही में सोनिया गांधी ने अपना पहला आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक खास वीडियो शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने कैम्ब्रिज के दिनों और राजीव गांधी संग पहली मुलाकात को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक ग्रीक रेस्टोरेंट में उनकी प्रेम यात्रा की शुरुआत हुई थी। सोशल मीडिया पर उनका यह डेब्यू और वीडियो लोगों के बीच खूब चर्चा में है।
सालों बाद अब सोनिया गांधी अपनी इस खूबसूरत दुनिया की यादें लोगों के साथ शेयर करने जा रही हैं। उनकी आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' आज 10 नवंबर को सामने आ रही है। इस किताब में उन्होंने राजीव गांधी के साथ बिताए अपने अनमोल पलों, हंसी और मोहब्बत की यादों को दर्ज किया है। आइए जानें उनकी जिंदगी के इस दिल छू लेने वाले सफर को।
रेस्टोरेंट से शुरू हुआ हसीन सफर
सोनिया ने अपनी आत्मकथा Belonging: A Journey of Love के आने से पहले इस रिश्ते की कुछ खास यादें साझा की हैं। इंग्लैंड में पढ़ाई के दौरान सोनिया गांधी अक्सर अपनी पसंद का सादा खाना ढूंढती रहती थीं। उन दिनों वहां आज की तरह बहुत ज्यादा रेस्तरां नहीं हुआ करते थे।
काफी खोज के बाद सोनिया को एक छोटा ग्रीक रेस्तरां मिला जहां कई छात्र आते थे। उसी जगह एक कॉमन फ्रेंड के जरिए सोनिया और राजीव की पहली मुलाकात हुई। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों में काफी अच्छी दोस्त हो गई। फिर दोस्तों के साथ घूमना और बातें करना उनकी डेली रूटीन का हिस्सा बन गया।
राजीव के सौम्य अंदाज पर फिदा
सोनिया बताती हैं कि राजीव बेहद स्मार्ट और हैंडसम थे। लेकिन उनके लुक्स से ज्यादा उनके नेचर ने सोनिया का ध्यान खींचा। राजीव का स्वभाव बहुत शांत, कोमल और सौम्य था।
उनकी यही सचाई और सहजता सोनिया के दिल को बहुत गहराई तक छू गई। सोनिया को पहली नजर में ही लगा कि राजीव ही उनके जीवनसाथी बनेंगे। बाद में राजीव ने भी माना कि वह भी ऐसा ही सोचते थे।
भारतीय संस्कृति में खुद को ढाला
दोनों ने 1968 में शादी की और सोनिया भारत आ गईं। उन्होंने बहुत प्यार से भारतीय जीवनशैली और संस्कृति को अपनाया। शुरुआत में नई भाषा सीखना और साड़ी पहनना उनके लिए नया था। लेकिन उन्होंने पूरे दिल से परिवार के साथ तालमेल बैठा लिया। इंदिरा गांधी के साथ भी उनके रिश्ते काफी प्यारे और सहज रहे। सोनिया ने हर मोड़ पर अपने नए परिवार का पूरा साथ दिया।
मुश्किल पलों में खुद को संभाला
साल 1984 में इंदिरा गांधी की दुखद हत्या के बाद राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। राजीव देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने और सोनिया हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। लेकिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु में राजीव गांधी की भी एक हमले में हत्या कर दी गई।
इस दुखद हादसे ने सोनिया गांधी की दुनिया को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। निजी जिंदगी को पसंद करने वाली सोनिया को वक्त ने एक मुश्किल मोड़ पर ला खड़ा किया। इतने बड़े व्यक्तिगत नुकसान के बाद भी सोनिया ने धैर्य बनाए रखा। उन्होंने बच्चों की खातिर खुद को बहुत मजबूती से संभाला।
राजनीति के मैदान में मजबूत कदम
राजीव गांधी के जाने के बाद भी सोनिया ने कई सालों तक खुद को राजनीति से दूर रखा। लेकिन साल 1997 में कांग्रेस पार्टी को बिखरने से बचाने के लिए उन्होंने कदम आगे बढ़ाया। वे 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं और सबसे लंबे समय तक इस पद पर काम किया। साल 2004 में यूपीए को बहुमत मिला और सहयोगियों ने सोनिया का नाम आगे किया। लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री पद ठुकरा दिया और डॉ मनमोहन सिंह को देश का पीएम बनाया।
आज 10 नवंबर को रिलीज होगी किताब
सोनिया गांधी की यह आत्मकथा उनके जीवन की हर छोटी-बड़ी याद को बयां करती है। किताब में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के बचपन की कई खूबसूरत तस्वीरें भी शामिल हैं। यह किताब एक साधारण लड़की के भारतीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचने की अनोखी दास्तान है। 10 नवंबर को पाठक सोनिया गांधी की इस भावुक और इंस्पायरिंग दुनिया से रूबरू हो सकेंगे। राजीव गांधी से जुड़ी ये यादें आज भी सोनिया के दिल के सबसे करीब बसी हुई हैं।