घर लौट आओ, भारत को आपकी जरूरत है, Zoho के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की अमेरिका में बसे भारतीयों से अपील

Aman Vaishnav | Apr 28, 2026, 14:42 IST
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जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में बसे भारतीयों को भारत लौटने की सलाह दी है। उन्होंने ट्रंप के हेलहोल बयान और राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारतीयों को देश निर्माण में जुटने को कहा है।

भारत की दिग्गज टेक कंपनी जोहो (Zoho ) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X पर एक पत्र साझा किया है। इस पत्र ने दुनियाभर में बसे भारतीयों विशेषकर अमेरिका में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।



श्रीधर वेम्बू ने बहुत ही भावुक लेकिन तार्किक अंदाज में भारतीयों से अपील की है कि, वे अब घर वापसी पर गंभीरता से विचार करें।



वेम्बू का मानना है कि अमेरिका में अब भारतीयों के लिए परिस्थितियां वैसी नहीं रही जैसी पहले थीं। उन्होंने अपने 37 वर्षों के लंबे अनुभव (एक छात्र से लेकर टेक टाइकून बनने तक) का हवाला दिया और कहा कि भारत का भविष्य निर्माण ही अब असली सम्मान का रास्ता है।



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अमेरिका में दोतरफा हमले के बीच फंसे भारतीय

श्रीधर वेम्बू ने अपने पत्र में अमेरिका के वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कुछ कड़वे सच सामने रखे हैं:



वेम्बू के अनुसार, अमेरिका में भारतीय अब हार्ड राइट और वोक लेफ्ट के बीच की वैचारिक लड़ाई में मूकदर्शक बनकर रह गए हैं। वे इन दोनों के बीच हो रहे हमलों में फंस चुके हैं।



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ट्रंप के हेलहोल बयान का किया जिक्र

वेम्बू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया हेलहोल वाले बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई अमेरिकी आज भी भारत को एक पिछड़ा और दयनीय देश मानते हैं।



वेम्बू ने चेतावनी दी कि अमेरिका का एक बड़ा वर्ग अब यह मानने लगा है कि भारतीयों ने जो सफलता हासिल की है। वह अनुचित तरीके से अर्जित की गई है।



वेम्बू का कहना है कि अगला चुनाव भी इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा। प्रवासियों के लिए वहां सुरक्षा और सम्मान अब पहले जैसा सुनिश्चित नहीं रहा है।



भारत को बनाना होगा टेक्नोलॉजी महाशक्ति

श्रीधर वेम्बू का मानना है कि किसी भी देश या उसके नागरिकों को वैश्विक स्तर पर सम्मान तभी मिलता है, जब वह देश तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और शक्तिशाली हो।



प्रतिभा का पलायन रोकना जरूरी

वेम्बू ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत के पास पर्याप्त बौद्धिक क्षमता है। दुख की बात यह है कि हमने अपनी इस महान प्रतिभा का एक बहुत बड़ा हिस्सा विदेशों, खासकर अमेरिका को निर्यात कर दिया है।



सभ्यतागत शक्ति का उदय

उनका कहना है कि जैसे-जैसे हम भारत के भीतर इस तकनीकी क्षमता को विकसित करेंगे, हमारी सभ्यतागत शक्ति अपने आप पूरी दुनिया के सामने दिखेगी।



भारत को अब केवल टैलेंट एक्सपोर्ट करने वाला देश नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी लीडरशिप करने वाला देश बनना चाहिए।



भारत माता को आपके टैलेंट की जरूरत

अपने पत्र के आखिर में वेम्बू बहुत भावुक नजर आए। उन्होंने अमेरिका में सफल हो चुके भारतीय पेशेवरों से संवाद करते हुए कहा कि, अब समय आ गया है जब भारत को उनके अनुभव और कौशल की सबसे ज्यादा जरूरत है।



भारत माता को आपके टैलेंट की जरूरत है। भारत की युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन देने और देश को समृद्ध बनाने के लिए आपको वापस लौटने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।



यह कोई पहली बार नहीं है जब वेम्बू ने ऐसी बात कही हो। इससे पहले साल 2025 में भी H-1B वीजा को लेकर मची अनिश्चितता के दौरान उन्होंने भारतीयों को डर के साये में जीने के बजाय स्वदेश लौटने की सलाह दी थी।



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