जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़: बैरिकेड गिरा या भीड़ का दबाव, जानें असली वजह
समझें क्या है पूरा मामला...
- बैरिकेड गिरा या भीड़ का दबाव, जानें असली वजह।
- रस्सी टूटी और मच गई अफरा-तफरी, पूरा सच।
- बारिश और भीड़ ने कैसे बिगाड़े रथ यात्रा के हालात।
- पुरी रथ यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति, एक श्रद्धालु की मौत।
- बड़ा डांडा पर उमड़ी भीड़, 40-50 लोग एक-दूसरे पर गिरे।
- रथ यात्रा में हादसा, 200 श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती।
पुरी में गुरुवार को जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। इस हादसे में एक श्रद्धालु की मौत और करीब 200 लोग घायल हो गए थे।
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसे हालात मरीचि कुंड चौक के पास बैरिकेड गिरने से बने। पीछे से भीड़ का दबाव बढ़ता गया। करीब 50 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। भारी बारिश ने स्थिति और खराब कर दी।
बैरिकेड गिरने से शुरू हुई परेशानी
घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने IANS को पूरी जानकारी दी। उनके मुताबिक मरीचि कुंड चौक के पास बाहरी घेरे की रस्सी वाली बैरिकेड गिर गई। कुछ लोग शायद संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े थे। यह ठीक-ठीक साफ नहीं था कि रस्सी पहले टूटी या भीड़ के धक्के से लोग गिरे।
भीड़ के दबाव ने बढ़ाई मुश्किल
बैरिकेड गिरते ही पीछे से आ रही भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़ने लगे। देखते ही देखते करीब 40 से 50 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। इनमें चार से पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं। वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बारिश ने बिगाड़े हालात
घटना के वक्त पुरी में लगातार बारिश हो रही थी। गीली सड़कों पर भीड़ का संतुलन बनाना मुश्किल हो गया। घुटन, चक्कर और चोट की शिकायत के बाद करीब 200 लोगों को अस्पताल और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। भारी भीड़ और बारिश की जोड़ी ने खतरे को और बढ़ा दिया।
भारी भीड़ भी बनी बड़ी वजह
इस साल रथ यात्रा देखने लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा होने लगी थी। इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ एक जगह जमा हो गए। सीमित जगह में इतनी भीड़ संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया।
रस्मों में देरी ने बढ़ाया इंतजार
रथ यात्रा की शुरुआत पारंपरिक 'पहंडी बीजे' रस्म से हुई। कार्यक्रम समय से पहले शुरू तो हुआ, लेकिन रस्मों को पूरा होने में दो घंटे से ज्यादा देरी हुई। लंबे इंतजार के दौरान भीड़ लगातार बढ़ती रही। इससे भी भीड़ के दबाव को बढ़ने का मौका मिला।
प्रशासन ने नहीं की पुष्टि
प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर भगदड़ की पुष्टि नहीं की है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। अग्निशमन सेवा के महानिरीक्षक उमाशंकर दास ने बताया कि राहत टीमों ने भीड़ में फंसे करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे लोगों को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
पिछले साल भी हुआ था ऐसा हादसा
पिछले साल भी रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ हुई थी। उस हादसे में तीन लोगों की जान गई थी। इस बार की घटना के बाद सुरक्षा इंतजाम और भीड़ नियंत्रण को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।
विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में हादसा
ओडिशा के पुरी में गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस घटना में कई श्रद्धालु घायल हुए। एक श्रद्धालु की मौत की भी खबर सामने आई है।
यह हादसा बड़ा डांडा यानी ग्रैंड रोड पर हुआ। यहीं भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ खींचने का मुख्य कार्यक्रम होता है। इसे देखने के लिए लाखों श्रद्धालु जमा हुए थे।
तुरंत शुरू हुआ बचाव अभियान
घटना के तुरंत बाद आपातकालीन बचाव दलों ने घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। उन्हें पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां अभी इलाज चल रहा है।
जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर भीड़ को नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
चश्मदीद ने बताई आपबीती
घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने इस हादसे को लेकर अहम जानकारी दी। उनके मुताबिक मरीचि कुंड चौक के पास या तो बैरिकेड की रस्सी गिर गई, या कुछ लोग संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े।
चश्मदीद ने बताया कि उन्होंने करीब 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा। इनमें से चार से पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने खुद करीब 20 लोगों को बचाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। बाद में उन्हें पता चला कि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की इस हादसे में मौत हो गई।
करीब 200 श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
सूत्रों के अनुसार गुरुवार को भारी भीड़ और लगातार बारिश के बीच कई श्रद्धालुओं को घुटन और चोटों की शिकायत हुई। करीब 200 मरीजों को पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। भगदड़ के ठीक कारणों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और पुलिस अधिकारी पूरे मामले का जायजा ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस हादसे में हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले।
एक्सपर्ट कोट्स
-ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस हादसे में हुई मौत पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
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