ममता बनर्जी को बड़ा झटका: TMC टूटने की कगार पर, 59 विधायकों ने खोला मोर्चा

Anjali Dwivedi | Jun 03, 2026, 12:45 IST
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पश्चिम बंगाल में टीएमसी टूट की कगार पर है। निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने बगावत कर दी है। सूत्रों के मुताबिक ऋतब्रत को 80 में से 59 विधायकों का समर्थन है, जो ममता के लिए बड़ा झटका है।

पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद से ममता बनर्जी की सियासी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब टीएमसी गहरे संकट में नजर आ रही है। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने खुलकर बगावत कर दी है, जिससे टीएमसी टूट के कगार पर पहुंच गई है।



सूत्रों के मुताबिक, ऋतब्रत बनर्जी को टीएमसी के 80 में से 59 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल है। सत्ता गंवाते ही पार्टी के अंदर का असंतोष पूरी तरह सामने आ गया है। पार्टी में मची इस खींचतान के बीच ऋतब्रत बनर्जी बंगाल विधानसभा भी पहुंचे।



बताया जा रहा है कि बागी गुट ऋतब्रत बनर्जी को टीएमसी के नए नेता प्रतिपक्ष (LOP) के रूप में पेश करने की तैयारी में है। विधानसभा में करीब 20 विधायकों की मौजूदगी ममता बनर्जी की पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।



टीएमसी बागियों का नया दावा

टीएमसी के बागी विधायकों में शामिल मुस्तफिजुर रहमान ने कहा कि पार्टी के 59 विधायकों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। हम सभी ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमारी मांग है कि किसी वरिष्ठ नेता को ही नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए।



बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस भी सदन पहुंच चुके हैं, जिनसे टीएमसी के बागी विधायक जल्द ही मुलाकात करेंगे। इस बैठक के दौरान वे स्पीकर के सामने नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।



ऋतब्रत की मुलाकात से सियासी हलचल

ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने सोमवार रात कोलकाता के विधायक हॉस्टल में TMC के कई विधायकों से मुलाकात की। इससे पहले टीएमसी के 80 विधायकों में से 60 विधायकों ने ममता बनर्जी की बैठक से दूरी बना ली थी। अब उन्हीं विधायकों से ऋतब्रत बनर्जी की इस मुलाकात ने बंगाल में सियासी हलचल को काफी बढ़ा दिया है।



बंगाल की सत्ता से बाहर होते ही ममता बनर्जी की सियासी चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टीएमसी के कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं तक का पार्टी से मोहभंग हो रहा है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर भी अब टीएमसी के भीतर विरोध के सुर लगातार तेज होते जा रहे हैं।



ममता पर परिवारवाद का आरोप

टीएमसी के कई बड़े नेता और विधायक पार्टी की इस मौजूदा हालत के लिए खुले तौर पर उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वे उन पर भ्रष्टाचार, घमंड, परिवारवाद, सीनियर नेताओं को किनारे करने और I-PAC के प्रोफेशनल्स के जरिए पार्टी को अपनी जागीर की तरह चलाने का सीधा आरोप लगा रहे हैं।



ममता बनर्जी ने मंगलवार 2 जून को जो धरना दिया, उसमें भी टीएमसी के ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने दूरी बनाए रखी। इस पूरे प्रोटेस्ट में टीएमसी के केवल 8 विधायक और 6 सांसद ही शामिल हुए। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल उठता है कि बाकी विधायक और सांसद इस प्रदर्शन में ममता बनर्जी के साथ क्यों नहीं पहुंचे?



FAQ

  1. TMC के बागी विधायक ऋतव्रत बनर्जी को किसका समर्थन प्राप्त है?
    सूत्रों के अनुसार, TMC से निष्कासित विधायक ऋतव्रत बनर्जी को पार्टी के 80 में से 59 से अधिक विधायकों का खुला समर्थन हासिल है। इस बगावत के बाद से ही पश्चिम बंगाल में ममता के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
  2. TMC के बागी नेता ममता बनर्जी और उनके परिवार पर क्या आरोप लगा रहे हैं?
    TMC के कई विधायक पार्टी की इस खराब हालत के लिए खुलकर अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वे उन पर भ्रष्टाचार, घमंड, घोर परिवारवाद और सीनियर नेताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं।

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