डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट, रूस के बाद दूसरा बड़ा कदम
News in Short
- ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल पर 30 दिनों के लिए प्रतिबंध हटा दिए।
- प्रतिबंध हटने से 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल वैश्विक बाजारों में भेजा जाएगा।
- अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने छूट की जानकारी सोशल मीडिया पर दी।
- अमेरिका ने चीन को ईरानी तेल से अकेले लाभ नहीं लेने दिया।
- ईरान पर तेल प्रतिबंध पहले 1979 से थे, और 2018 में ट्रंप ने इन्हें और कड़ा कर दिया था।
News in Detail
ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल पर 30 दिनों के लिए प्रतिबंध हटा दिया है। यह कदम क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल के बीच उठाया गया है। अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी और कहा कि यह कदम वैश्विक बाजारों को तेजी से स्थिर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बेसेंट ने ईरान को ग्लोबल आतंकवाद का सरगना बताया और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई को बहुत तेजी से जीत रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य में ईरान की बाधा डालने की क्षमता कमजोर हो गई है।
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140 मिलियन बैरल ईरानी तेल की आपूर्ति
बेसेंट ने कहा कि इस छूट से 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल को अस्थायी रूप से वैश्विक बाजारों में भेजने में मदद मिलेगी। यह ईरानी तेल पहले से ही समुद्र में लदा हुआ है और अब तक जहाजों पर फंसा हुआ था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के लाइसेंस के अनुसार, यह छूट 20 मार्च तक लागू होगी और 19 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी।
चीन के लिए परेशानी
बेसेंट ने यह भी कहा कि चीन अकेला उस ईरानी तेल से लाभ उठा रहा था जो सस्ते दामों पर जमा किया जा रहा था। अमेरिका ने इस कदम के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि चीन को इसका एकमात्र लाभार्थी न बनने दिया जाए।
ईरानी तेल पर प्रतिबंध से जुड़े नियम
बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल समुद्र में फंसे तेल तक सीमित है। यह नई खरीद या उत्पादन के लिए नहीं है। उनका कहना था कि इस कदम से दुनिया भर में ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा। अमेरिका अब भी तेहरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी रखेगा।
ईरान पर तेल प्रतिबंध मुख्य रूप से उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने के उद्देश्य से लगाए गए थे। प्रतिबंधों की शुरुआत 1979 में हुई थी, जब तेहरान में अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को बंधक बना लिया गया था।
2015 में ओबामा प्रशासन के दौरान ईरान के साथ परमाणु समझौता हुआ था (JCPOA)। इसके बदले में ईरान पर से कई पाबंदियां हटा ली गईं, खासकर तेल निर्यात पर।
2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते से बाहर निकलते हुए कड़े प्रतिबंध लगा दिए। ईरान की तेल कमाई को 'जीरो' करने के लिए यह कदम उठाया गया।
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रूस को भी मिली थी इसी तरह की छूट
इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने रूस के तेल पर भी इसी तरह की छूट दी थी, जिसमें समुद्र में मौजूद रूसी तेल शिपमेंट की खरीद पर 30 दिनों की छूट दी गई थी। प्रशासन ने पहले ही वैश्विक बाजार में 44 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।