ईरान में पहलवान सालेह मोहम्मदी को सरेआम फांसी, पहले भी खिलाड़ियों को उतारा मौत के घाट
Aman Vaishnav | Mar 20, 2026, 15:05 IST
iran wrestler saleh mohammadi executed protests 2026
ईरान सरकार ने पहलवान सालेह मोहम्मदी को सरेआम फांसी दी। इस कार्रवाई में उनके साथ दो और प्रदर्शनकारी भी शामिल थे। यह कदम देश में उठ रहे विरोध को कुचलने के लिए उठाया गया है।
ईरान ने हाल ही में 19 साल के चैंपियन पहलवान सालेह मोहम्मदी कोम शहर में पब्लिक के सामने फांसी दे दी गई। साथ ही दो और प्रदर्शनकारियों को भी फांसी दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह एक सख्त और बड़ा कदम है। इससे सरकार अपनी आलोचना करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश भेजना चाहती है। पहलवान सालेह मोहम्मदी के साथ सईद दावोदी और मेहदी कासेमी को भी फांसी दी गई है।
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इन तीनों पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप था। जानकारी के अनुसार मोहम्मदी पर खुदा के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप भी लगाया गया था। ये ईरान में मौत की सजा का कारण बनता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फांसी कोम शहर में एक भीड़ के सामने दी गई है। दिसंबर 2025 के अंत से जनवरी 2026 तक हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े ये पहले लोग हैं जिन्हें फांसी दी गई है।
वहीं मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई की सख्त आलोचना की है और इसके पीछे की न्याय प्रक्रिया पर बड़े सवाल उठाए हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि इन तीनों लोगों को अपनी रक्षा करने का सही मौका नहीं दिया गया। मुकदमे की प्रक्रिया जल्दी में पूरी की गई। इसलिए इसे किसी भी नजरिए से सही तरीके से किया गया मुकदमा नहीं कहा जा सकता है।
इस घटना ने 2020 में ईरान के मशहूर पहलवान नवीद अफकारी को फांसी देने की याद ताजा कर दी है। इस पर पूरी दुनिया ने गुस्सा जताया था। ईरानी कॉम्बैट एथलीट और मानवाधिकार कार्यकर्ता नीमा फर ने इसे राजनीतिक हत्या बताया है। उनका कहना है कि ईरानी सरकार जानबूझकर खिलाड़ियों को निशाना बना रही है।
इसका कारण समाज में डर पैदा करने और विरोध को दबाना है। फर ने अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं से अपील की है कि, वे तब तक ईरान को प्रतियोगिताओं से बैन करें, जब तक वह एथलीटों और प्रदर्शनकारियों को फांसी देना बंद नहीं कर देता।
ईरान में साल की शुरुआत में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान हजारों लोग गिरफ्तार किए गए थे। अब कार्यकर्ताओं को डर है कि आने वाले हफ्तों में और भी लोगों को फांसी दी जा सकती है। IHRNGO ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर यूरोपीय संघ (EU) से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ को सभी कूटनीतिक उपायों का इस्तेमाल करके इन फांसियों को रोकना चाहिए।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह एक सख्त और बड़ा कदम है। इससे सरकार अपनी आलोचना करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश भेजना चाहती है। पहलवान सालेह मोहम्मदी के साथ सईद दावोदी और मेहदी कासेमी को भी फांसी दी गई है।
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क्या है फांसी देने की वजह?
वहीं मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई की सख्त आलोचना की है और इसके पीछे की न्याय प्रक्रिया पर बड़े सवाल उठाए हैं।
ईरान ह्यूमन राइट्स (IHRNGO) के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दम ने कहा कि इन प्रदर्शनकारियों को गलत मुकदमों के बाद मौत की सजा दी गई है। उनका कहना था कि ये सजाएं जबरदस्ती के बयान पर आधारित थीं। उन्होंने इसे न्याय के बिना हत्याएं बताया। साथ ही कहा कि इसका मकसद लोगों में डर पैदा कर राजनीतिक विरोध को दबाना है।
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बचाव का मौका नहीं मिला
पहले भी दी थी फांसी की सजा
इसका कारण समाज में डर पैदा करने और विरोध को दबाना है। फर ने अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं से अपील की है कि, वे तब तक ईरान को प्रतियोगिताओं से बैन करें, जब तक वह एथलीटों और प्रदर्शनकारियों को फांसी देना बंद नहीं कर देता।
और भी लोगों को फांसी दी जा सकती है
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