ट्रंप की दो टूक: ईरान ने डील नहीं की तो पावर प्लांट और पुल सब उड़ा देंगे
News In Short
- ट्रंप ने ईरान को पावर प्लांट उड़ाने की धमकी दी।
- इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता सोमवार को।
- पहले दौर में 20-21 घंटे बातचीत, नतीजा शून्य।
- ईरान होर्मुज बंद होने से रोज 500 मिलियन खोता है।
- बुधवार को सीजफायर खत्म, दुनिया की नजर टिकी है।
News In Detail
ईरान अमेरिका जंग:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता का ऐलान किया है। इस्लामाबाद (Islamabad Talks) में सोमवार को यह बातचीत होगी।
साथ ही ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने डील नहीं की तो पावर प्लांट और पुल सब तबाह कर दिए जाएंगे। ईरान-अमेरिका सीजफायर (Iran-America Ceasefire) बुधवार को खत्म होने वाला है।
ट्रंप का ऐलान और धमकी एक साथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने रविवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टीम सोमवार को इस्लामाबाद जाएगी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल से वहां बातचीत होगी।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक निष्पक्ष और उचित डील का प्रस्ताव दे रहा है। उन्हें उम्मीद है कि ईरान इसे स्वीकार करेगा। लेकिन साथ ही ट्रंप ने तबाही की धमकी (Destruction Threat) भी दी। उन्होंने कहा कि अगर डील नहीं हुई तो ईरान के पावर प्लांट और पुल उड़ा दिए जाएंगे। यह बयान पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया।
ट्रंप का पोस्ट और चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ लिखा। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिनिधि इस्लामाबाद पाकिस्तान जा रहे हैं। सोमवार शाम तक वे वहां पहुंच जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि डील न होने पर अमेरिकी सेना ईरान के बुनियादी ढांचे को तबाह करेगी।
ईरान-अमेरिका वार्ता (Iran-America Talks) पर पूरी दुनिया की निगाह है। यह बातचीत इसलिए भी अहम है क्योंकि सीजफायर बुधवार को खत्म होने वाला है। ट्रंप का यह बयान कूटनीतिक और सैन्य दोनों संदेश एकसाथ देता है। यह दबाव की राजनीति का स्पष्ट उदाहरण है।
होर्मुज फायरिंग पर ट्रंप का पलटवार
ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जहाजों पर गोलियां चलाईं। यह फैसला अजीब है क्योंकि यह समुद्री गलियारा पहले ही बंद है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है। ऐसे में गोलियां चलाकर ईरान खुद अपना नुकसान कर रहा है। होर्मुज बंद होने से ईरान को रोज 500 मिलियन डॉलर का नुकसान होता है। अमेरिका का इस बंदी में कोई नुकसान नहीं है। ट्रंप ने इसे ईरान की रणनीतिक भूल बताया।
पहले दौर में नहीं बनी बात
ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि बीते हफ्ते पाकिस्तान में मिले थे। शनिवार रात 20 से 21 घंटे तक बातचीत चली। लेकिन दोनों पक्ष किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। इस्लामाबाद वार्ता (Islamabad Talks) का पहला दौर बेनतीजा रहा। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा कि वार्ता में कुछ प्रगति हुई है। लेकिन डील होने में अभी समय लगेगा। दोनों पक्ष अभी समझौते से काफी दूर हैं। कुछ अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बनी है।
इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है। रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल नूर खान एयर बेस पर उतरेंगे। वहां से वे राजधानी इस्लामाबाद जाएंगे।
पाकिस्तान इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। यह पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण है। ईरान-अमेरिका सीजफायर (Iran-America Ceasefire) बुधवार को समाप्त होगा। इसलिए यह वार्ता बेहद महत्वपूर्ण और समयसंवेदनशील है।
दुनिया की नजर इस वार्ता पर
ईरान-अमेरिका तनाव (Iran-America Tension) पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत समेत कई देश इस स्थिति से सीधे प्रभावित हैं। अगर बातचीत फिर विफल होती है तो युद्ध का खतरा बढ़ जाएगा।
दुनिया के देश शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ट्रंप की धमकी और ईरान की अड़ियल नीति दोनों चिंताजनक हैं। इस वार्ता का नतीजा मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेगा। सोमवार की बैठक पर पूरे विश्व की निगाह टिकी है।
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