दो विमानों के विंग आपस में टकराए, बड़ा हादसा टला, जानें पूरा मामला
News in Short
- दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा एयर और स्पाइसजेट विमानों के विंग टकराए।
- यह हादसा ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुआ, दोनों विमानों के बीच की सुरक्षित दूरी का अनुमान सही नहीं था।
- डीजीसीए ने मामले की जांच के आदेश दिए।
- यात्रियों को हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन विमान क्रू ने स्थिति को संभाल लिया।
- एयरपोर्ट सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं, और विशेषज्ञों ने ग्राउंड ऑपरेशंस की समीक्षा की मांग की है।
News in Detail
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टल गया। दो विमानों के विंग आपस में टकरा गए। इस घटना में दोनों विमानों को नुकसान हुआ, लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। यह हादसा अकासा एयरलाइन और स्पाइसजेट के विमानों के बीच ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुआ। डीजीसीए ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
हादसा कैसे हुआ?
विमानन सूत्रों के मुताबिक, यह घटना ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुई। एक विमान पार्किंग बे की ओर बढ़ रहा था, जबकि दूसरा विमान टैक्सी कर रहा था। दोनों विमानों के बीच सुरक्षित दूरी का सही अनुमान नहीं लगाया जा सका, जिससे विंग आपस में टकरा गए। एयरपोर्ट के टैक्सीवे पर विमानों की गति धीमी होती है, जिससे हादसा बड़ा नहीं हुआ। तेज गति में यह टक्कर गंभीर हो सकती थी।
यात्रियों की स्थिति
इस घटना के बाद यात्रियों को एक हल्का झटका महसूस हुआ, जिससे कुछ देर के लिए चिंताएं और घबराहट फैल गई। हालांकि, विमान के क्रू मेंबर्स ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को यह आश्वासन दिया कि सभी सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने तत्परता से कार्रवाई की और दोनों विमानों को वहीं रोक दिया। इसके बाद, यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया। उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई।
डीजीसीए की जांच
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सख्त कदम उठाए। डीजीसीए जांच कर रहा है कि गलती एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की थी या ग्राउंड स्टाफ और पायलटों के बीच तालमेल की कमी थी। डीजीसीए के आदेश के बाद दोनों विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई। इंजीनियरों की टीम को नुकसान का आकलन करने के लिए भेजा गया है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं। इस घटना ने एविएशन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान एसओपी का सख्ती से पालन होना चाहिए। इस हादसे के बाद उम्मीद की जा रही है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस अपने ग्राउंड ऑपरेशंस की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे।
यात्रियों की नाराजगी
हादसे के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ऐसे हादसे से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। एविएशन एक्सपर्ट्स ने इसे ग्राउंड कंट्रोल की 'गंभीर लापरवाही' बताया और कड़े एक्शन की मांग की। डीजीसीए की टेक्निकल टीम फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच करेगी। साथ ही, एटीसी अधिकारियों और ग्राउंड स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।
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