दो विमानों के विंग आपस में टकराए, बड़ा हादसा टला, जानें पूरा मामला

Sandeep Kumar | Apr 16, 2026, 18:12 IST
two planes wing
दिल्ली एयरपोर्ट पर दो विमानों के विंग आपस में टकरा गए, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई, लेकिन दोनों विमानों को नुकसान पहुंचा। डीजीसीए ने जांच के आदेश दिए हैं।

News in Short

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा एयर और स्पाइसजेट विमानों के विंग टकराए।
  • यह हादसा ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुआ, दोनों विमानों के बीच की सुरक्षित दूरी का अनुमान सही नहीं था।
  • डीजीसीए ने मामले की जांच के आदेश दिए।
  • यात्रियों को हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन विमान क्रू ने स्थिति को संभाल लिया।
  • एयरपोर्ट सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं, और विशेषज्ञों ने ग्राउंड ऑपरेशंस की समीक्षा की मांग की है।

News in Detail

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टल गया। दो विमानों के विंग आपस में टकरा गए। इस घटना में दोनों विमानों को नुकसान हुआ, लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। यह हादसा अकासा एयरलाइन और स्पाइसजेट के विमानों के बीच ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुआ। डीजीसीए ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।



हादसा कैसे हुआ?

विमानन सूत्रों के मुताबिक, यह घटना ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुई। एक विमान पार्किंग बे की ओर बढ़ रहा था, जबकि दूसरा विमान टैक्सी कर रहा था। दोनों विमानों के बीच सुरक्षित दूरी का सही अनुमान नहीं लगाया जा सका, जिससे विंग आपस में टकरा गए। एयरपोर्ट के टैक्सीवे पर विमानों की गति धीमी होती है, जिससे हादसा बड़ा नहीं हुआ। तेज गति में यह टक्कर गंभीर हो सकती थी।



यात्रियों की स्थिति

इस घटना के बाद यात्रियों को एक हल्का झटका महसूस हुआ, जिससे कुछ देर के लिए चिंताएं और घबराहट फैल गई। हालांकि, विमान के क्रू मेंबर्स ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को यह आश्वासन दिया कि सभी सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने तत्परता से कार्रवाई की और दोनों विमानों को वहीं रोक दिया। इसके बाद, यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया। उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई।



डीजीसीए की जांच

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सख्त कदम उठाए। डीजीसीए जांच कर रहा है कि गलती एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की थी या ग्राउंड स्टाफ और पायलटों के बीच तालमेल की कमी थी। डीजीसीए के आदेश के बाद दोनों विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई। इंजीनियरों की टीम को नुकसान का आकलन करने के लिए भेजा गया है।



सुरक्षा पर उठे सवाल

दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं। इस घटना ने एविएशन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान एसओपी का सख्ती से पालन होना चाहिए। इस हादसे के बाद उम्मीद की जा रही है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस अपने ग्राउंड ऑपरेशंस की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे।



यात्रियों की नाराजगी

हादसे के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उनका कहना था कि ऐसे हादसे से उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। एविएशन एक्सपर्ट्स ने इसे ग्राउंड कंट्रोल की 'गंभीर लापरवाही' बताया और कड़े एक्शन की मांग की। डीजीसीए की टेक्निकल टीम फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच करेगी। साथ ही, एटीसी अधिकारियों और ग्राउंड स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।



सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग को अनिवार्य बनाने की मांग वाली याचिका की खारिज, जानें क्या बोले CJI



PM मोदी बोले- परिसीमन से किसी के साथ नहीं होगा अन्याय, नारी शक्ति का हक छीनने वालों को माफी नहीं



स्कॉलरशिप पाने का एक और मौका: प्रतिभा किरण 2.0 पोर्टल खुला



IPS विकास कुमार को केंद्र से बुलावा, देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी



Tags:
  • नई दिल्ली
  • अकासा एयरलाइन
  • दिल्ली एयरपोर्ट
  • डीजीसीए
  • स्पाइसजेट
  • इंदिरा गांधी एयरपोर्ट