यूक्रेन का रूस पर 1000 ड्रोन से हमला: एक भारतीय समेत 4 की मौत, सेमीकंडक्टर प्लांट तबाह
समझें पूरा मामला...
- यूक्रेन ने रूस पर दागे 1000 से ज्यादा ड्रोन।
- एक भारतीय मजदूर की मौत, 3 घायल।
- सेमीकंडक्टर प्लांट और ऑयल रिफाइनरी निशाने पर।
- मॉस्को में 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं।
- रूस ने 24 घंटे में 1054 ड्रोन मार गिराए।
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में शनिवार रात एक बड़ा मोड़ आया। यूक्रेन ने रूस पर 1000 से ज्यादा ड्रोन से हमला (Drone Attack) किया। मॉस्को में सेमीकंडक्टर प्लांट (Semiconductor Plant) और ऑयल रिफाइनरी (Oil Refinery) को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हुए। भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि की है।
रूस पर यूक्रेन का सबसे बड़ा हमला
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में यूक्रेन ने शनिवार रात बड़ी कार्रवाई की। यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों पर 1000 से ज्यादा ड्रोन दागे।
यह हाल के महीनों में मॉस्को पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमले (Drone Attack) में से एक है। रातभर मॉस्को और आसपास के इलाकों में एयर रेड सायरन बजते रहे। कई इलाकों में जोरदार धमाके सुनाई दिए और आग लगने की खबरें आईं।
भारतीय की मौत, 3 घायल
इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई है। इसमें एक भारतीय मजदूर (Indian Worker) भी शामिल है। रूस में भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
दूतावास के मुताबिक 3 भारतीय नागरिक घायल भी हुए हैं। अधिकारियों ने हमले की जगह का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। अभी तक मृतक और घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
सेमीकंडक्टर प्लांट बना निशाना
यूक्रेन ने मॉस्को इलाके में सैन्य और ईंधन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें सबसे अहम एंगस्ट्रेम प्लांट (Angstrem Plant) है। यह प्लांट रूसी सेना के लिए सेमीकंडक्टर (Semiconductor) बनाता है।
इसके अलावा मॉस्को ऑयल रिफाइनरी (Moscow Oil Refinery), सोलनेचनोगोर्स्क और वोलोडार्स्कोये ईंधन स्टेशन भी हमले में निशाने पर आए। ये सभी रूस की सैन्य ताकत के लिए जरूरी ठिकाने हैं।
जेलेनोग्राद टेक्नोपार्क भी जला
रूस के एक टेलीग्राम चैनल के मुताबिक जेलेनोग्राद का एल्मा टेक्नोपार्क (Elma Technopark) भी इस हमले में जल गया। यहां माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और रिसर्च से जुड़ी कंपनियां काम करती हैं।
दुबना इलाके में राडुगा डिजाइन ब्यूरो को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। यह वह जगह है जहां क्रूज मिसाइलें बनाई जाती हैं। इन ठिकानों पर हमले से रूस की रक्षा क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
क्रीमिया पर भी किया हमला
यूक्रेन ने कब्जे वाले क्रीमिया (Crimea) में भी हमला किया। बेलबेक एयरफील्ड पर एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defense System) को निशाना बनाया गया।
S-400 रडार सिस्टम का हैंगर, ड्रोन कंट्रोल सिस्टम और डेटा ट्रांसमिशन सेंटर भी हमले में प्रभावित हुए। एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को भी नुकसान पहुंचाने का दावा यूक्रेन ने किया है। यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसी SBU ने सेना के साथ मिलकर यह ऑपरेशन चलाया।
मॉस्को एयरपोर्ट पर अफरातफरी
ड्रोन हमलों (Drone Attack) का असर मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा। शेरमेत्येवो एयरपोर्ट पर करीब 200 उड़ानें लेट या रद्द हो गईं। व्नुकोवो एयरपोर्ट पर करीब 100 उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट परिसर में ड्रोन के टुकड़े भी गिरे। यात्रियों में अफरातफरी का माहौल रहा। कुल मिलाकर 300 से अधिक उड़ानें इस हमले से प्रभावित हुईं।
जेलेंस्की ने हमले को बताया जायज
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (President Zelensky) ने इस हमले को उचित ठहराया। उनका कहना है कि रूस लगातार यूक्रेन के आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। इसीलिए यह जवाबी कार्रवाई की गई। यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसी SBU ने भी हमलों की जिम्मेदारी ली। यह हमला रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में एक नया और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
रूस ने 1054 ड्रोन मार गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय (Russia Defense Ministry) ने दावा किया कि 24 घंटे में 1054 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। इसके साथ 8 गाइडेड बम और 2 मिसाइलों को भी रोका गया।
मंत्रालय ने फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल और नेपच्यून-एमडी मिसाइल को रोकने का भी दावा किया। हालांकि, यूक्रेन ने इन मिसाइलों के उपयोग पर कुछ नहीं कहा। मॉस्को के मेयर ने कापोतन्या ऑयल रिफाइनरी के पास 12 लोगों के घायल होने की पुष्टि की।
FAQ
- यूक्रेन के ड्रोन हमले (Drone Attack) में भारतीय नागरिकों को क्या नुकसान हुआ?
यूक्रेन के 1000 ड्रोन हमले में एक भारतीय मजदूर (Indian Worker) की मौत हो गई। रूस में स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इसके अलावा 3 अन्य भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। भारतीय अधिकारियों ने हमले की जगह का दौरा किया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। फिलहाल मृतक और घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। - यूक्रेन ने रूस में किन ठिकानों पर ड्रोन हमला (Drone Attack) किया?
यूक्रेन ने रूस के कई अहम सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर हमला किया। इनमें एंगस्ट्रेम सेमीकंडक्टर प्लांट (Semiconductor Plant) सबसे अहम है, जो रूसी सेना के लिए चिप बनाता है। मॉस्को ऑयल रिफाइनरी (Moscow Oil Refinery), जेलेनोग्राद का एल्मा टेक्नोपार्क और दुबना में राडुगा डिजाइन ब्यूरो भी निशाने पर रहे। क्रीमिया (Crimea) में बेलबेक एयरफील्ड पर एयर डिफेंस और S-400 रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया। - रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में यह हमला क्यों खास है?
यह हमला हाल के महीनों में मॉस्को पर हुए सबसे बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) में यूक्रेन ने पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एक साथ 1000 से अधिक ड्रोन इस्तेमाल किए। राष्ट्रपति जेलेंस्की (President Zelensky) ने इसे रूसी हमलों का जवाब बताया। इस हमले से रूस के सैन्य उत्पादन और ऊर्जा ढांचे को बड़ा झटका लगा है। मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, जिससे रूस में व्यापक अफरातफरी का माहौल बना।
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