बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है जॉनी-जॉनी यस पापा कविता: यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय
UP News. उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शिक्षा और संस्कारों पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है। बुधवार 6 मई को कानपुर के मर्चेंट चैंबर हॉल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अंग्रेजी कविताओं (राइम्स) पर निशाना साधा।
मंत्री जी का कहना है कि बचपन में बच्चों को जो कुछ मशहूर अंग्रेजी कविताएं पढ़ाई जाती हैं, वे उनके व्यवहार और चरित्र पर बुरा असर डाल रही हैं और पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने क्या कहा
हिंदी कविताओं में छिपे हैं जीवन के गहरे मूल्य
अपने भाषण के दौरान यूपी के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने पुरानी पीढ़ियों द्वारा पढ़ी गई हिंदी कविताओं को याद किया। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय कविताओं में जीवन के गहरे मूल्य थे, जो बच्चों को सही और गलत का फर्क समझाने में मदद करते थे।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सिर्फ कोर्स पूरा करने तक ही न सीमित रहें, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाएं। इससे बच्चों में संस्कार बढ़ सकें।
शिक्षक से गुरु बनने का दिया खास मंत्र
मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं है। उन्होंने मर्चेंट चैंबर हॉल में मौजूद शिक्षकों और शिक्षामित्रों से कहा कि जिस दिन एक शिक्षक पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार की बातें सिखाने लगेगा, वह गुरु की श्रेणी में आ जाएगा।
मंत्री ने जोर दिया कि गुरु वही है जो छोटी-छोटी बातों के जरिए बच्चों को जीवन का सही रास्ता दिखाए, क्योंकि तभी एक बेहतर राष्ट्र का निर्माण संभव है।
मानदेय 10 हजार से बढ़कर 18 हजार हुआ
इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण शिक्षामित्रों के मानदेय में हुई बढ़ोतरी रही। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी बताया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने उनका मानदेय 10 हजार रुपए से बढ़ाकर सीधे 18 हजार रुपए कर दिया है।
इस मौके पर उन्होंने 12 शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि के डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।
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