एयरफोर्स के पूर्व ऑफिसर और शुभेंदु अधिकारी के सारथी चंद्रनाथ की हत्या
Amresh Kushwaha | May 07, 2026, 11:43 IST
chandranath rath murder west bengal suvendu adhikari aide killed
पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए और पूर्व वायुसेना अधिकारी चंद्रनाथ रथ की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर खून से रंग गई है। चुनाव परिणामों की तपिश अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि बुधवार, 06 मई की देर शाम उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है।
भाजपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वायुसेना की वर्दी से लेकर सियासत के सफेद कुर्ते तक का चंद्रनाथ का सफर जिस खौफनाक मोड़ पर खत्म हुआ, उसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुधवार की वह शाम चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर के लिए काल बनकर आई। पुलिस सूत्रों और चश्मदीदों (Eyewitnesses) के अनुसार, चंद्रनाथ की कार का पीछा एक संदिग्ध कार और बाइक सवार कर रहे थे। हमलावरों ने बेहद शातिराना तरीके से पहले उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवाया और फिर उन पर मौत बनकर टूट पड़े।
लगभग 10 राउंड फायरिंग की गई। इसमें से पांच गोलियां सीधे चंद्रनाथ को लगीं। इस हमले में उनके ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अस्पताल ले जाने के कुछ ही देर बाद चंद्रनाथ ने दम तोड़ दिया।
42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली था। वह मूल रूप से पूर्वी मिदनापुर के चांदीपुर के रहने वाले थे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में एक अधिकारी के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा की थी।
साल 2019 में वह शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में आए, जो उस समय ममता सरकार में मंत्री थे। तब से लेकर आज तक, चाहे शुभेंदु का टीएमसी छोड़ना हो या भाजपा में शामिल होना, चंद्रनाथ साये की तरह उनके साथ रहे। उन्हें शुभेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद सारथी और पीए (Personal Assistant) माना जाता था।
चंद्रनाथ रथ केवल एक सहायक नहीं थे, बल्कि मुश्किल वक्त में पार्टी के मोर्चेबाज भी थे। साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह तब चर्चा में आए जब भवानीपुर के स्ट्रॉन्गरूम के बाहर भारी विवाद हुआ था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के स्ट्रॉन्गरूम में प्रवेश करने पर जब भाजपा ने विरोध जताया, तो शुभेंदु अधिकारी की अनुपस्थिति में चंद्रनाथ ने ही मोर्चा संभाला था। नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई थी। इसके बाद केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
पुलिस को इस हत्याकांड में एक सुनियोजित साजिश (Pre-planned Conspiracy) की बू आ रही है। वारदात स्थल से एक संदिग्ध कार बरामद हुई है, जिस पर सिलीगुड़ी का नंबर दर्ज है। हालांकि, जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई है।
हमलावरों की बाइक पर तो नंबर प्लेट तक नहीं थी, जो इस बात की तस्दीक करता है कि हत्या की पूरी प्लानिंग पहले ही कर ली गई थी। फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपने पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद अपना पहला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हत्या पूरी तरह से सोची-समझी थी।
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि यह 15 सालों के महाजंगल राज का नतीजा है... बीजेपी गुंडों की सफाई का काम शुरू करेगी... हम अपील करते हैं कि लोग कानून अपने हाथ में न लें।
इस हत्या के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। घटना के विरोध में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) को जाम कर दिया है। साथ ही, ममता सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। चुनावी नतीजों के तुरंत बाद हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजां में एक बार फिर डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
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भाजपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वायुसेना की वर्दी से लेकर सियासत के सफेद कुर्ते तक का चंद्रनाथ का सफर जिस खौफनाक मोड़ पर खत्म हुआ, उसने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरेराह घेराबंदी कर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
लगभग 10 राउंड फायरिंग की गई। इसमें से पांच गोलियां सीधे चंद्रनाथ को लगीं। इस हमले में उनके ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अस्पताल ले जाने के कुछ ही देर बाद चंद्रनाथ ने दम तोड़ दिया।
वायुसेना की सुरक्षा से शुभेंदु के सारथी तक
साल 2019 में वह शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में आए, जो उस समय ममता सरकार में मंत्री थे। तब से लेकर आज तक, चाहे शुभेंदु का टीएमसी छोड़ना हो या भाजपा में शामिल होना, चंद्रनाथ साये की तरह उनके साथ रहे। उन्हें शुभेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद सारथी और पीए (Personal Assistant) माना जाता था।
स्ट्रॉन्गरूम विवाद के वो चर्चित चेहरे
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के स्ट्रॉन्गरूम में प्रवेश करने पर जब भाजपा ने विरोध जताया, तो शुभेंदु अधिकारी की अनुपस्थिति में चंद्रनाथ ने ही मोर्चा संभाला था। नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई थी। इसके बाद केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
साजिश के तार और सिलीगुड़ी कनेक्शन
हमलावरों की बाइक पर तो नंबर प्लेट तक नहीं थी, जो इस बात की तस्दीक करता है कि हत्या की पूरी प्लानिंग पहले ही कर ली गई थी। फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
सोची-समझी थी हत्या- शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि यह 15 सालों के महाजंगल राज का नतीजा है... बीजेपी गुंडों की सफाई का काम शुरू करेगी... हम अपील करते हैं कि लोग कानून अपने हाथ में न लें।
सड़कों पर आक्रोश और सियासी उबाल
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