अमेरिका की भारत समेत कई देशों पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी

Sandeep Kumar | Mar 12, 2026, 19:32 IST
donald trump
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 16 देशों की व्यापार नीतियों के खिलाफ नई जांच शुरू की है। इससे भारत, चीन, यूरोपीय संघ समेत अन्य देशों पर नए टैरिफ और जुर्माने की संभावना बढ़ गई है।

News in Short

  • ट्रंप प्रशासन ने 16 देशों की व्यापार नीतियों पर जांच शुरू की।
  • जांच का मुख्य उद्देश्य जरूरत से ज्यादा उत्पादन और जबरन मजदूरी है।
  • भारत, चीन, यूरोपीय संघ, जापान समेत कई देशों पर टैरिफ लगाए जा सकते हैं।
  • अमेरिका ने पहले ही चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सामान पर कार्रवाई की है।
  • ट्रंप और शी जिनपिंग की अप्रैल में प्रस्तावित बैठक पर असर पड़ सकता है।

News in Detail

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने 16 प्रमुख देशों की व्यापारिक नीतियों के खिलाफ नई जांच शुरू की है। अमेरिका इन नीतियों को 'अनुचित' मानता है। इस कदम से भारत सहित कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ और जुर्माने लग सकते हैं। यह फैसला तब लिया गया जब सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को खारिज कर दिया। अब ट्रंप नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।



यह जांच औद्योगिक क्षमता से अधिक उत्पादन पर केंद्रित है। मुख्य रूप से भारत, यूरोपीय संघ, चीन, जापान और अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाएं निशाने पर हैं। अमेरिका के इस कड़े कदम से इन देशों के साथ संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।



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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का कड़ा रुख

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने जानकारी दी। उन्होंने कहा है कि ट्रंप प्रशासन दो अलग-अलग जांचें शुरू कर रहा है। पहली जांच जरूरत से ज्यादा उत्पादन पर है। दूसरी जांच जबरन मजदूरी से बने सामानों पर है।



ग्रीर ने कहा कि इस गर्मी तक नए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। यह टैरिफ चीन, यूरोपीय संघ, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको पर होंगे। ताइवान, वियतनाम, थाइलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे भी इस सूची में हैं। अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार कनाडा इस जांच से बाहर है।



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लगाए जा सकते हैं नए टैरिफ

ग्रीर ने कहा कि हमें अमेरिकी नौकरियों की रक्षा करनी है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि व्यापार निष्पक्ष हो। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या हल करने के लिए टैरिफ लगाए जा सकते हैं। हालांकि, ग्रीर ने यह नहीं बताया कि टैरिफ अलग-अलग देशों के लिए होंगे या समान।



ग्रीर के मुताबिक, चीन की ईवी उत्पादन क्षमता घरेलू मांग से ज्यादा है। BYD उज्बेकिस्तान, थाइलैंड, ब्राजील, हंगरी और तुर्की में फैक्ट्रियां स्थापित कर रहा है। यूरोपीय संघ की अतिरिक्त क्षमता को जर्मनी और आयरलैंड के व्यापार अधिशेष से समझा गया है। सिंगापुर में सेमीकंडक्टर की अतिरिक्त वैश्विक क्षमता है। नॉर्वे में ईंधन और समुद्री भोजन का भारी निर्यात हो रहा है।



जबरन मजदूरी पर दूसरी जांच शुरू हो सकती है। इस जांच से 60 देशों पर असर पड़ेगा। अमेरिका ने पहले ही चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सामान पर कार्रवाई की है। अमेरिका का आरोप है कि चीन ने लेबर कैंप बनाए हैं, जिसका चीन ने इनकार किया है। अब जांच का दायरा अन्य देशों तक बढ़ सकता है।



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ट्रंप और शी जिनपिंग की अप्रैल में बैठक

ट्रंप प्रशासन का यह ताजा व्यापारिक कदम रणनीतिक रूप से अहम है। यह फैसला तब लिया गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक अप्रैल में बीजिंग में होनी है। इस नई जांच का असर दोनों नेताओं की आगामी बातचीत पर हो सकता है।



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