वाराणसी लोकसभा : मोदी के खिलाफ प्रत्याशियों की लंबी कतार, 100 से अधिक उम्मीदवार पहुंचे, अगर 384 पार हुए प्रत्याशी तो ऐसे हो सकता है चुनाव

Sandeep Kumar | May 14, 2024, 08:22 IST
2024-05-14T082850.177.jpg
सोमवार यानी 13 मई 2024 की सुबह वाराणसी कलेक्ट्रेट में नामांकन करने के लिए इतने लोग पहुंच गए कि पुलिस को गेट बंद करना पड़ा। खबर है कि वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ नामांकन करने देशभर से 100 से ज्यादा लोग पहुंच गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) आज यानी 14 मई दिन मंगलवार को काशी ( वाराणसी ) से नामांकन दाखिल करेंगे। इससे पहले वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की संख्या लगातार बढ़ने से यहां पर चुनावी समीकरण बड़ा दिलचस्प होने जा रहा है। खबर है कि सोमवार यानी 13 मई 2024 की सुबह वाराणसी कलेक्ट्रेट में नामांकन करने के लिए इतने लोग पहुंच गए कि पुलिस को गेट बंद करना पड़ा। मिल रही जानकारी के मुताबिक देशभर से 100 से ज्यादा प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंच गए। इस दौरान पुलिस से झड़प और धक्का-मुक्की हो गई। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर अफसर मौके पर पहुंचे। सभी को समझाकर शांत कराया। सभी लाइन में लगकर बारी-बारी से नॉमिनेशन दाखिल किया। राजस्थान के मिमिक्री आर्टिस्ट श्याम रंगीला ( Mimicry Artist Shyam Rangeela ) भी नामांकन करने वाराणसी पहुंचे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि इस सीट पर अगर प्रत्याशियों की संख्या 384 से अधिक हुई तो क्या वोटिंग बैलेट पेपर से होगी।



अगर 384 पार हुए प्रत्याशी तो बैलेट पेपर से होगा चुनाव


वाराणसी सीट पर अब तक 100 से ज्यादा उम्मीदवार नामांकन के लिए पहुंच चुके हैं। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक, अगर किसी सीट पर प्रत्याशियों की संख्या 384 का आंकड़ा पार कर जाती है तो वहां EVM से वोटिंग नहीं हो सकती है। बैलेट पेपर से वोटिंग करानी पड़ती है।



384 से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो क्या होगा ?


चुनाव आयोग के पास फिर यही विकल्प है कि मतपत्र से वोटिंग कराए, लेकिन ये भी इतना आसान नहीं होगा। जब 400 उम्मीदवार होंगे तो बैलेट पेपर भी 30 से 40 पेज का बनेगा। इसके लिए मतपेटी भी नए सिरे से डिजाइन करनी होगी। जिसमें 30 से 40 पेज का एक बैलेट पेपर जा सके। उसी हिसाब से पोलिंग बूथ पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी पड़ेगी। मतगणना में भी तीन गुना कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।



हार-जीत से नहीं, बल्कि रिकार्ड से है मतलब


काशी नामांकन दाखिल करने आए प्रत्याशियों में से कई लोग तो सिर्फ पीएम मोदी के खिलाफ लड़कर रिकॉर्ड में शामिल होना चाहते हैं। इन्हें हार-जीत से कोई मतलब नहीं है। यहां नामांकन की आखिरी तारीख 14 मई है। प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को नामांकन दाखिल करेंगे।



नामांकन के लिए आज आखिरी दिन


वाराणसी में 7वें चरण यानी 1 जून को चुनाव है। 7 से 14 मई तक प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर सकते हैं। यानी नॉमिनेशन के लिए सिर्फ एक दिन बचा है। 15 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 17 मई तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे।



मिमिक्री आर्टिस्ट श्याम भी पहुंचे नामांकन दाखिल करने


राजस्थान के रहने मिमिक्री आर्टिस्ट श्याम रंगीला भी वाराणसी में नामांकन के लिए पहुंचे, लेकिन वह नामांकन नहीं कर पाए। उन्होंने कहा- एक बार नामांकन हो जाए। इसके बाद मीडिया से बात करूंगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि मुझे डर है कि मैं नामांकन कर भी पाऊंगा या नहीं। एक दिन पहले भी यही बात कहीं थी। उन्होंने कहा था कि इतनी रोक-टोक है। मैं किसी से मिल नहीं पा रहा।



दिल्ली से आए अवधेश कुमार सिंह


दिल्ली के अवधेश कुमार सिंह ने पीएम मोदी पर अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना है- जनता ही नेता चुनती है। इसी कॉन्सेप्ट के साथ आया हूं। वह कहते हैं कि मुझे हार-जीत से मतलब नहीं है। मैं लोगों को यह बताना चाहता हूं कि लोकतंत्र में आम आदमी भी किसी के खिलाफ चुनाव लड़ सकता है।



गुजरात से पहुंचे चंद्रशेखर रघुवंशी


गुजरात से चंद्रशेखर रघुवंशी भी नामांकन करने पहुंचे हैं। खुद को इंसानियत पार्टी का प्रेसिडेंट बताया। अमित शाह को वजीर बताते हुए कहा-उनके खिलाफ लड़ चुका हूं। इस बार राजा जी ( मोदी ) की बारी है। जनसंपर्क कैसे करेंगे? इस सवाल पर कहते हैं कि पहले नामांकन हो जाएगा। इसके बाद चुनाव लड़ने की प्लानिंग करूंगा।



मुंबई से राकेश राऊल भी पहुंचे नामांकन करने


मुंबई के रहने वाले राकेश राऊल भी पीएम मोदी के खिलाफ नामांकन करने के लिए पहुंचे। राऊल ने कहा कि मेरी मांग है कि आपराधिक छवि के लोग सांसद न बने। इसलिए चुनाव लड़ रहा हूं।





Tags:
  • Prime Minister Narendra Modi
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • Mimicry Artist Shyam Rangeela
  • आर्टिस्ट श्याम रंगीला
  • नामांकन के लिए आज आखिरी दिन