क्या है वियतनाम के ट्री 55 की कहानी, जिससे सड़कों पर उतरा वियतनाम का Gen Z
Vietnam Gen Z Protest: आजकल सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में Gen Z (जनरेशन जेड) का जबरदस्त ट्रेंड देखने को मिल रहा है। भारत से लेकर विदेशों तक, हर जगह युवा पीढ़ी का जबरदस्त ट्रेंड देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया के इस दौर में Gen Z गलत नीतियों और सिस्टम की नाकामियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रही है।
इसी ग्लोबल ट्रेंड का एक बड़ा उदाहरण Vietnam की राजधानी हनोई में देखने को मिला है। हनोई की शांत सड़कों पर आज युवाओं का गुस्सा चरम पर है। इस जन-आक्रोश का केंद्र बना है Tree 55 नाम का एक बरगद का पेड़। करीब 15 महीने पहले इसी जगह पर एक वीआईपी बीएमडब्ल्यू कार ने 18 साल की छात्रा मीना को कुचल दिया था।
कार चला रहा शख्स सत्ताधारी पार्टी का पूर्व बड़ा नेता था। रसूख के दम पर इस केस को लंबे समय तक दबाया गया। लेकिन वियतनाम की Gen Z ने इस सच को मिटने नहीं दिया और इस पेड़ को 'ट्री ऑफ जस्टिस' बनाकर पूरे सिस्टम के खिलाफ जंग छेड़ दी है।
क्या है ये ट्री ऑफ जस्टिस
घटनास्थल पर मौजूद Tree 55 अब केवल एक पेड़ नहीं रहा। इसे वियतनाम के युवाओं ने ट्री ऑफ जस्टिस (न्याय का पेड़) नाम दिया है। देशभर के युवा अब उस पेड़ के पास जाकर फोटो खींचते हैं और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।
यह पेड़ अब अमीर और गरीब के बीच के अंतर के खिलाफ विरोध का बड़ा प्रतीक बन गया है। वियतनाम की युवा पीढ़ी का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। फिर चाहे जुर्म करने वाला कोई बड़ा नेता हो या फिर आम नागरिक।
सोशल मीडिया पर लगाम लगाने की कोशिश
वियतनाम के जनता के इस बढ़ते आक्रोश को देखकर वियतनाम सरकार की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। वियतनामी अधिकारियों ने राज्य समर्थित मीडिया आउटलेट्स को इस कवरेज को कम करने की चेतावनी दी है। सरकार को डर है कि युवाओं का ये आंदोलन देश की आर्थिक स्थिरता को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
हाल ही में नेपाल और इंडोनेशिया में भी युवाओं की ताकत से तख्तापलट जैसी स्थितियां देखने को मिली थीं। वियतनाम की कम्युनिस्ट सरकार को भी अब अपने ही देश के युवाओं के इस अनएक्सपेक्टेड मूवमेंट से डर लग रहा है।
क्या बोल रहे हैं लीगल एक्सपर्ट्स
लीगल एक्सपर्ट्स का मानना है कि पीड़ित परिवार के मना करने के बावजूद केस बंद नहीं होना चाहिए। इतने गंभीर एक्सीडेंट में क्रिमिनल केस रजिस्टर होना बेहद जरूरी है। लेकिन रसूखदार नेता को बचाने के लिए देश के कानूनी सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया गया। इंटरनेट पर फर्जी सोब्रिएटी टेस्ट रिपोर्ट दिखाने का भी आरोप लगा है। युवाओं का कहना है कि हमारा लीगल सिस्टम ऐसा बन चुका है, जहां पैसे वाले आसानी से बच निकलते हैं।
सेंसरशिप के खिलाफ उबला गुस्सा
सरकार ने इस खबर की यूट्यूब वीडियो को भी इंटरनेट से हटवा दिया था। लेकिन सरकार की इस सेंसरशिप ने आग में घी डालने का काम किया। जितना ज्यादा खबर को दबाने की कोशिश की गई, युवाओं का गुस्सा उतना ही ज्यादा भड़कता चला गया।
अब यह मामला सिर्फ एक कार दुर्घटना तक सीमित नहीं रहा। यह लड़ाई अब भ्रष्टाचारियों, वीआईपी कल्चर (gen z protest)और सरकार की तानाशाही के खिलाफ बन चुकी है। वियतनाम की जनरेशन जेड अब पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं है।
क्रेडिट:
- Damien Cave, Vietnam tourist place
- New York Times (NYT)
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