विकसित भारत रोजगार योजना: पहली नौकरी लगते ही सरकार देगी 15 हजार, जानें कैसे
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- केंद्र सरकार विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी जॉइन करने वाले युवाओं को 15 हजार रुपए देगी।
- इस योजना को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ऑपरेट और मैनेज कर रहा है।
- योजना का लक्ष्य दो सालों के अंदर देश में करीब 3.5 करोड़ नए रोजगार के अवसरों को पैदा करना है।
- यह स्कीम 1 अगस्त 2025 से शुरू हो चुकी है और 31 जुलाई 2027 तक युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलता रहेगा।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत
देश के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए मौके देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक बेहद शानदार पहल की है। सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM Viksit Bharat Rozgar Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पहली बार संगठित क्षेत्र में कदम रखने वाले युवाओं को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है।
इस योजना का ऐलान शुरुआत में केंद्रीय बजट 2024-25 में 'एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव' (Employment Linked Incentive - ELI) के नाम से किया गया था। बाद में इसका नाम बदलकर विकसित भारत रोजगार योजना कर दिया गया। यह स्कीम देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में क्रांति लाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
युवाओं और कंपनियों दोनों को मिलेगा डबल फायदा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ नौकरी पाने वाले युवाओं को ही नहीं, बल्कि उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों को भी सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहन (Financial Incentive) दिया जा रहा है।
1. फ्रेशर्स के लिए 15 हजार रुपए की मदद
जब कोई युवा पहली बार किसी कंपनी में नौकरी शुरू करता है, तो उसे शुरुआती खर्चों के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार सीधे कर्मचारी के ईपीएफओ (EPFO) खाते के जरिए तीन किश्तों में कुल 15 हजार रुपए ट्रांसफर करेगी।
2. कंपनी को प्रोत्साहन
युवाओं को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां देने के लिए कंपनियों को भी इस स्कीम से जोड़ा गया है। नए कर्मचारियों को काम पर रखने वाली कंपनियों को सरकार प्रति कर्मचारी 3 हजार रुपए तक की मदद देगी। इससे कंपनियां बिना किसी आर्थिक दबाव के फ्रेशर्स को हायर कर सकेंगी।
विकसित भारत रोजगार योजना का विजन
- रिकॉर्ड रोजगार का लक्ष्य: अगले दो साल के भीतर यानी 31 जुलाई 2027 तक देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करने का बड़ा टारगेट रखा गया है।
- मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस: भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ‘मेक इन इंडिया‘ (Make in India) प्रोजेक्ट को इस योजना से सीधा जोड़ा गया है।
- सोशल सिक्योरिटी का लाभ: ईपीएफओ के माध्यम से जुड़ने के कारण युवाओं को भविष्य में पेंशन, इंश्योरेंस और पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा (Social Security) का लाभ अपने आप मिलने लगेगा।
- छोटे उद्योगों को सपोर्ट: यह स्कीम छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को कम लागत में स्किल्ड कर्मचारी ढूंढने में मदद करेगी।
एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
- उम्र सीमा: आवेदक युवा की उम्र 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए।
- पहला रोजगार: यह कर्मचारी की जीवन की पहली आधिकारिक नौकरी होनी चाहिए, जिसका रिकॉर्ड ईपीएफओ में पहले न हो।
- सैलरी लिमिट: इस योजना का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी मासिक सैलरी एक निश्चित सीमा (जैसे ₹25,000 तक) के दायरे में होगी।
- संस्थान का पंजीकरण: नौकरी देने वाली कंपनी या संस्थान का ईपीएफओ (EPFO) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है।
कैसे काम करेगा ईपीएफओ का यह पूरा सिस्टम?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस पूरी योजना की रीढ़ की हड्डी है। जैसे ही कोई नया कर्मचारी किसी कंपनी में जॉइन करेगा, कंपनी को उसका रजिस्ट्रेशन ईपीएफओ पोर्टल पर करना होगा। इसके बाद सरकार सीधे डिजिटल माध्यम से पैसे ट्रांसफर करेगी।
इस पारदर्शी सिस्टम की वजह से किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं बचती है। युवाओं को मिलने वाला पैसा सीधे उनके बैंक खाते से लिंक पीएफ अकाउंट में जमा होगा। सरकार का यह कदम देश के डिजिटल इकोसिस्टम को भी मजबूत बनाता है।
कैसे करें अप्लाई
- अपने मोबाइल में प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से UMANG App डाउनलोड करें।
- उमंग ऐप पर उपलब्ध फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का उपयोग करके अपना नया यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) जेनरेट करें।
- नौकरी ज्वाइन करते समय यह UAN नंबर अपने नियोक्ता (कंपनी) को सौंपें।
- कंपनी में कम से कम 6 महीने लगातार काम पूरा करने के बाद, पहली किश्त आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते (DBT) में आ जाएगी। दूसरी किश्त 12 महीने बाद एक फ्री 'वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम' पूरा करने पर मिलेगी।
आवश्यक डाक्यूमेंट्स
- कर्मचारी के लिए: आधार कार्ड (बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक), पैन कार्ड, और बैंक खाता जानकारी।
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