60 के बाद पुरुषों से ज्यादा खुश रहती हैं महिलाएं, लेकिन अच्छे जीवन के मामले में पीछे, हैरान कर देंगे ये आंकड़े
जानिए अपने देश के अलग-अलग राज्यों के हैरान करने वाले आंकड़े।
क्या अधिक लंबा जीवन जीना ही हमेशा खुशहाली की गारंटी होता है? हमारे देश में इस सवाल का जवाब चौंकाने वाला मिला है। हाल ही में बुजुर्गों के जीवन पर एक खास स्टडी हुआ। इस स्टडी में कई बड़े और नए फैक्ट सामने आए हैं।
स्टडी के मुताबिक 60 के बाद महिलाओं की उम्र पुरुषों से ज्यादा होती है। महिलाएं पुरुषों की तुलना में औसतन ढाई साल ज्यादा जीती हैं। पहली नज़र में यह आंकड़े बहुत अच्छे महसूस होते हैं। लेकिन इसके पीछे की दूसरी सच्चाई काफी चिंताजनक नजर आती है।
लंबी जिंदगी जीने के बावजूद महिलाओं को खुशहाल जीवन कम मिलता है। 60 की ऐज पार करने के बाद बीमारी और तंगी घेर लेती है। वे फिजिकल और मेन्टल दिक्कतों से ज्यादा समय तक जूझती हैं। दूसरी तरफ पुरुषों को अच्छे जीवन के ज्यादा साल मिलते हैं।
ये रिसर्च देश के मेजर राज्यों के स्टेटिस्टिक्स पर बेस है। इसमें गरीबी, बीमारी और सटिस्फैक्शन जैसे मानकों को मापा गया। आइए जानें इस रिपोर्ट के की एस्पेक्ट्स और राज्यों के आंकड़े।
60 के बाद जीवन की क्या है असली स्थिति
रेसेअर्चेर ने देश के कई राज्यों में गहराई से जांच की। इस दौरान 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को देखा गया। देखा गया कि वे आर्थिक तंगी से कितने मुक्त हैं। साथ ही उनके शरीर और दिमाग की सेहत भी जांची गई।
स्टडी में पाया गया कि महिलाएं 60 के बाद 19 साल जीती हैं। वहीं पुरुषों का औसतन जीवनकाल साढ़े सत्रह साल का ही होता है। यानी महिलाएं उम्र के मामले में पुरुषों से आगे निकल गईं।
लेकिन खुशहाल जीवन के मामले में आंकड़े उल्टे देखने को मिले। महिलाओं को अच्छे जीवन के औसतन केवल 5.7 साल मिलते हैं। जबकि पुरुषों को ऐसे अच्छे 8.2 साल प्राप्त होते हैं। महिलाओं की उम्र लंबी होने के बाद भी सेहत साथ नहीं देती। वे जीवन का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य समस्याओं में गुजारती हैं।
राज्यों के हिसाब से बड़ा अंतर आया सामने
देश के अलग-अलग राज्यों में स्थिति एक जैसी बिल्कुल नहीं है। पंजाब राज्य इस मामले में सबसे आगे नजर आया है। पंजाब में बुजुर्ग महिलाओं को 9.9 साल अच्छा जीवन मिलता है।
दक्षिण भारत के राज्यों का प्रदर्शन भी काफी बेहतर रजिस्टर्ड हुआ। केरल में महिलाओं को 8.15 साल अच्छे जीवन के मिलते हैं। कर्नाटक में यह अवधि 7.79 साल दर्ज की गई है।
तमिलनाडु में महिलाएं 7.76 साल खुशहाल जीवन जीती हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की स्थिति काफी खराब देखने को मिली है। वहां महिलाओं के अच्छे जीवन का समय सबसे कम है। महाराष्ट्र भी नीचे से दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया। इन राज्यों में महिलाओं को केवल 19 से 21% अच्छा समय मिलता है।
ग्रामीण और शहरी इलाकों की सच्चाई
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की स्थिति और चिंताजनक है। देश की ग्रामीण महिलाओं को केवल 4.6 साल अच्छे मिलते हैं। हालांकि ग्रामीण केरल की स्थिति काफी शानदार देखने को मिली। वहां गांव की महिलाओं को 10.1 साल का अच्छा जीवन मिलता है।
दूसरी ओर महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों का हाल बेहद खराब है। वहां महिलाओं को 60 के बाद केवल 2.7 साल ही अच्छे मिलते हैं। महाराष्ट्र में महिलाओं के शेष जीवन का केवल 14 प्रतिशत हिस्सा अच्छा माना गया। यह आंकड़ा बताता है कि जगह बदलने से सेहत का स्तर बदल जाता है।
देश के प्रमुख राज्यों की रैंकिंग की लिस्ट
मानव विकास सूचकांक में महाराष्ट्र हमेशा ऊपर गिना जाता है। चौथे स्थान पर रहने के बाद भी यहां बुजुर्ग महिलाएं परेशान हैं। अच्छे जीवन के मामले में महाराष्ट्र 21वें स्थान पर खिसक गया। 21 राज्यों की इस पूरी सूची में पंजाब पहले नंबर पर है। कर्नाटक दूसरे और हिमाचल प्रदेश तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
केरल को इस लिस्ट में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। जम्मू-कश्मीर पांचवें नंबर पर अपनी जगह बनाने में सफल रहा। मध्य प्रदेश 17वें और छत्तीसगढ़ 16वें स्थान पर दर्ज हुए। गुजरात 18वें और ओडिशा 19वें स्थान पर पाए गए।
क्यों पिछड़ जाती हैं भारतीय महिलाएं
भारतीय समाज में महिलाएं अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज करती हैं। वे परिवार की देखभाल में खुद को पूरी तरह भूल जाती हैं। खान-पान में पोषण की कमी उनके शरीर को कमजोर बनाती है।
उम्र बढ़ने के साथ वे हड्डियों और जोड़ों के दर्द से जूझती हैं। आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर होना भी बड़ी वजह है। फाइनेंसियल क्रंच के कारण उन्हें सही इलाज समय पर नहीं मिल पाता।
कमर तोड़ मेहनत और सही आराम न मिलना बीमारी बढ़ाता है। सामाजिक स्तर पर उन्हें मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ता है। यही वजह है कि उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा कष्ट में बीतता है।
कैसे सुधर सकती है महिलाओं की स्थिति
महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देना होगा। गांव और टाउन में बेहतर मेडिकल सुविधाएं पहुंचानी होंगी। बुजुर्ग महिलाओं के लिए फ्री जांच और इलाज जरूरी है। उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने वाली योजनाएं चलानी होंगी। पेंशन और सहायता राशि से उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा।
परिवार में भी महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी। सही पोषण और व्यायाम की आदत से उनका जीवन बेहतर होगा। जब समाज और सरकार मिलकर कदम उठाएंगे तभी बदलाव आएगा। तभी हमारी बुजुर्ग महिलाएं लंबी उम्र के साथ खुशहाल जीवन जी सकेंगी।
FAQs:
- क्या बुजुर्ग महिलाओं की उम्र पुरुषों से अधिक होती है?
हां, अध्ययन के मुताबिक, 60 वर्ष के बाद महिलाएं औसतन ढाई साल ज्यादा जीवित रहती हैं। - महिलाएं लंबे जीवन के बावजूद खुशहाल क्यों नहीं होतीं?
महिलाएं लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक तंगी का सामना करती हैं, जिससे उनका जीवन खुशहाल नहीं होता। - कौन से राज्य में बुजुर्ग महिलाओं को सबसे बेहतर जीवन मिलता है?
पंजाब राज्य में बुजुर्ग महिलाओं को औसतन 9.9 साल का अच्छा जीवन मिलता है।