World Bank Report 2026: अमेरिका के गरीबों से भी कम कमाते हैं भारत के 10% अमीर, क्या आप हैं इस लिस्ट में शामिल
The Arithmetic of Indian Income: क्या आप जानते हैं कि भारत में हर दिन 956 रुपए कमाने वाला व्यक्ति देश के सबसे अमीर 10% लोगों में गिना जाता है? वर्ल्ड बैंक के 2026 पॉवर्टी एंड इनइक्वालिटी प्लेटफॉर्म के डेटा एनालिसिस से ये चौकाने वाली बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के धनी देशों के सबसे गरीब लोग भारत के टॉप 10% अमीरों से भी ज्यादा कमाते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका में सबसे गरीब 10% में शामिल व्यक्ति रोजाना कम से कम 24 सौ रुपए कमाता है।
हालांकि, इस असमानता के बीच एक बहुत अच्छी खबर भी सामने आई है। साल 2012 से 2024 के बीच भारत में करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। आइए समझें कि ग्लोबल लेवल पर भारतीय आय का गणित आखिर क्या कहता है।
भारत में टॉप इनकम स्कोप
वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अमीर होना बहुत अलग है। यहां रोजाना 956 रुपए कमाने वाला व्यक्ति भी टॉप 10% में है। इसे अगर सालाना देखें तो यह रकम लगभग 2.90 लाख रुपए बनती है। इतना कमाने वाला व्यक्ति भी देश के शीर्ष अमीरों में गिना जाता है। अमीर देशों के सबसे गरीब लोग भारतीय अमीरों से ज्यादा कमाते हैं।
- अमेरिका में सबसे गरीब 10% लोग रोज 24 सौ रुपए कमाते हैं।
- कनाडा में सबसे गरीब 10% लोग रोजाना दो हजार 964 रुपए कमाते हैं।
- जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में यह आंकड़ा दो हजार 678 रुपए रोजाना का है।
- वहीं भारत में सबसे गरीब 10% लोगों की रोजाना कमाई 287 रुपए है।
- अमेरिका के टॉप 10% अमीर रोज कम से कम 16 हजार 500 रुपए कमाते हैं।
देश में गरीबी में बड़ी गिरावट
वर्ल्ड बैंक के आंकड़े भारत की एक बहुत प्लीजेंट पिक्चर भी दिखाते हैं। साल 2012 से 2024 के दौरान 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। यह आंकड़ा रोजाना 400 रुपए की आय सीमा के आधार पर मापा गया है।
साल 2011-12 में भारत की 27.1% आबादी बहुत ज्यादा गरीब थी। साल 2023-24 में यह संख्या घटकर केवल 2.6% ही रह गई है। हालांकि अभी भी 23.2 करोड़ लोग रोज 400 रुपए वाली सीमा से नीचे हैं। साथ ही 3.5 करोड़ लोग रोजाना 287 रुपए वाली अत्यधिक गरीबी में हैं।
गांवों और शहरों का बदला अंतर
गांवों और शहरों के बीच की गरीबी का अंतर अब काफी कम हो गया है। साल 2012 में गांवों में अत्यधिक गरीबी 31.0% दर्ज की गई थी। साल 2024 में यह ग्रामीण अत्यधिक गरीबी घटकर केवल 3.1% रह गई।
शहरी इलाकों में अत्यधिक गरीबी 17.4% से घटकर 1.4% पर आ गई है। रोजाना 400 रुपए से कम कमाने वाले ग्रामीण 64.9% से घटकर 19.3% रह गए। शहरी इलाकों में ऐसे लोग 39.7% से घटकर अब केवल 8.6% बचे हैं।
क्या कहता है वर्ल्ड बैंक का ये डेटा
वर्ल्ड बैंक का ये डेटा भारत में Economic Inequality and Unprecedented Progress दोनों की एक जरूरी तस्वीर पेश करता है। एक तरफ जहां देश के टॉप 10% अमीरों की इनकम और ग्लोबल लेवल के बीच बड़ा अंतर दिखता है।
वहीं दूसरी तरफ पिछले 12 सालों में 49.6 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर निकलना भारत की एक ऐतिहासिक सफलता है। गांवों और शहरों के बीच घटती असमानता ये साबित करती है कि समावेशी विकास (inclusive growth) का असर जमीन पर दिख रहा है।
संक्षेप में कहें तो, भारत में आय का फासला अभी भी एक चुनौती है। लेकिन गरीबी उन्मूलन (Poverty Eradication) की दिशा में देश की रफ्तार बहुत पॉजिटिव और इन्स्पिरिंग है।
Source Credit:
- World Bank Poverty and Inequality Platform 2026
FAQs:
- भारत में सबसे अमीर 10% के लिए कितनी आय की आवश्यकता होती है?
भारत में सबसे अमीर 10% में शामिल होने के लिए एक व्यक्ति को रोजाना कम से कम 956 रुपए कमाने की आवश्यकता होती है। - भारत में गरीबी की स्थिति क्या है?
भारत में 2012 से 2024 के बीच लगभग 49.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जिससे 2011-12 में 27.1% गरीबों की संख्या घटकर 2023-24 में 2.6% रह गई है। - भारत में ग्रामीण और शहरी गरीबी में क्या अंतर है?
भारत में 2012 से 2024 के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच गरीबी का अंतर काफी कम हुआ है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्र में अत्यधिक गरीबी 31.0% से घटकर 3.1% रह गई है और शहरी क्षेत्रों में 17.4% से घटकर 1.4% पर आ गई है।