Zepto से सामान मंगाना हुआ महंगा: फ्री डिलीवरी की लिमिट बढ़कर 199 रुपए हुई
समझें क्या है पूरा मामला
- क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू बढ़ा दी है।
- पहले यह सीमा 149 रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 199 रुपए कर दिया गया है।
- भारी डिमांड वाले पीक ऑवर्स में यह सीमा और भी बढ़कर 299 रुपए तक हो जाती है।
- इस बदलाव के बाद Zepto, Blinkit और Instamart जैसी कंपनियों के बराबर आ गई है।
- वहीं Zomato पर सस्टेनेबल पैकेजिंग अपनाने से खाना मंगाना भी महंगा हो सकता है।
क्विक कॉमर्स मार्केट में Zepto ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू को 149 रुपए से बढ़ाकर 199 रुपए कर दिया है। यानी अब बिना किसी डिलीवरी चार्ज के सामान मंगाने के लिए ग्राहकों को कम से कम 199 रुपए का कार्ट वैल्यू बनाना होगा।
इस बढ़ोतरी के बाद Zepto का फ्री डिलीवरी बेस प्राइस Blinkit और Instamart जैसी अपनी दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बराबर आ गया है। इतना ही नहीं, भारी डिमांड वाले पीक ऑवर्स में मिनिमम ऑर्डर वैल्यू बढ़कर 299 रुपए तक हो जाती है।
कंपनी ने क्यों किया यह बदलाव
कंपनी अब सिर्फ ऑर्डर की संख्या बढ़ाने पर फोकस नहीं कर रही है, बल्कि उसका ध्यान एवरेज बास्केट वैल्यू बढ़ाने पर भी है, ताकि हर डिलीवरी पर होने वाला खर्च कम किया जा सके। दरअसल कम कीमत वाले ऑर्डर पर पैकेजिंग और डिलीवरी बॉय का खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। अब कंपनी के इस नियम के चलते लोग फ्री डिलीवरी पाने के लिए कार्ट में ज्यादा से ज्यादा सामान जोड़ेंगे।
Zomato से खाना मंगाना भी हो सकता है महंगा
Zomato पर खाना ऑनलाइन ऑर्डर करना 10 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है, अगर कंपनी सस्टेनेबल और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग मटीरियल का इस्तेमाल करती है। Zomato Limited की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने कहा कि प्लास्टिक पैकेजिंग से हटने पर ग्राहकों के लिए लागत बढ़ सकती है।
अभी ज्यादातर खाने की डिलीवरी प्लास्टिक के डिब्बों या प्लास्टिक रैपिंग मटीरियल में की जाती है। पैकेजिंग का खर्च आमतौर पर ऑर्डर की कुल कीमत का करीब 5 प्रतिशत होता है, जिसका बोझ ग्राहक को ही उठाना पड़ता है।
पर्यावरण और ग्राहकों की जेब, दोनों का रखा जा रहा ध्यान
कंपनी की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने कहा कि ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर बढ़ने का फैसला पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं और ग्राहकों की भुगतान क्षमता, दोनों को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।
एक्सपर्ट कोट्स
Zomato Limited की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने कहा कि प्लास्टिक पैकेजिंग से हटने पर ग्राहकों के लिए लागत बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने का फैसला पर्यावरण चिंताओं और ग्राहकों की भुगतान क्षमता, दोनों से तय हो रहा है।
FAQ
- Zepto पर फ्री डिलीवरी के लिए अब कितना ऑर्डर करना जरूरी है?
Zepto ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू 149 रुपए से बढ़ाकर 199 रुपए कर दी है। पीक ऑवर्स में यह सीमा बढ़कर 299 रुपए तक हो जाती है। यह बदलाव Blinkit और Instamart जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बराबर लाने के लिए किया गया है। - कंपनी ने यह बदलाव क्यों किया है?
कंपनी अब ऑर्डर की संख्या के बजाय एवरेज बास्केट वैल्यू बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इससे हर डिलीवरी पर होने वाला खर्च कम करने की कोशिश की जा रही है। कम कीमत वाले ऑर्डर पर पैकेजिंग और डिलीवरी का खर्च निकालना मुश्किल होता है। - Zomato पर खाना क्यों महंगा हो सकता है?
अगर Zomato सस्टेनेबल और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग अपनाता है, तो खाना 10 से 30 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है। अभी पैकेजिंग का खर्च कुल ऑर्डर कीमत का करीब 5 प्रतिशत होता है। यह फैसला पर्यावरण और ग्राहकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।
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