स्कूल गेट के 50 मीटर दायरे में बैन होगा जंक फूड, अब बच्चों को मिलेगा हेल्दी खाना

Kaushiki | Aug 12, 2026, 12:30 IST
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School Canteen Rules
School Canteen Rules

देश में बढ़ते मोटापे और डायबिटीज को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने स्कूलों में जंक फूड पर रोक लगाई है। अब स्कूल परिसर और कैंटीन में तय सीमा के तहत ही कैलोरी, शुगर और नमक मिलेगा। यह नियम इसी सत्र से लागू होगा।

School Canteen Rules: बच्चों की सेहत को लेकर अब केंद्र सरकार काफी गंभीर दिख रही है। देश में तेजी से बढ़ रहे मोटापे को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। अब बच्चों के खान-पान में कैलोरी की मात्रा तय कर दी गई है। इसके साथ ही शुगर और नमक की सीमा भी तय की गई है।

यह नया नियम इसी एकेडमिक सेशन से पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। देश के सभी निजी और सरकारी स्कूल इसके दायरे में आएंगे। इस फैसले का सीधा असर देश के 24.69 करोड़ स्कूली छात्रों पर पड़ेगा। अब स्कूलों में बच्चों को सेहतमंद खाना देने की जिम्मेदारी होगी।

JUNK FOOD BAN
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पिज्जा-बर्गर और कोल्ड ड्रिंक्स पर रोक

स्कूल कैंटीन और मेस से अब जंक फूड को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। पिज्जा और बर्गर जैसी हाई-कैलोरी चीजें अब नहीं बिकेंगी। इसके साथ ही ज्यादा चीनी वाले शीतल पेय यानी कोल्ड ड्रिंक्स पर रोक लगेगी। कैंटीन और हॉस्टल मेस को अब हेल्दी फूड का मेन्यू रखना होगा।

यह नियम सिर्फ स्कूल के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी लागू होगा। स्कूल गेट के 50 मीटर के दायरे में यह पाबंदी प्रभावी रहेगी। साल 2020 के पुराने गाइडलाइंस में मात्रा तय नहीं की गई थी। इस वजह से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाती थी।

School Canteen Rule
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खाने में तय हुई न्यूट्रिएंट्स की मात्रा

अब सरकार ने हर 100 ग्राम फूड इंग्रेडिएंट के लिए मानक तय कर दिए हैं। ठोस और तरल दोनों तरह के खाने के लिए अलग आंकड़े तय हैं। ठोस फूड इंग्रेडिएंट्स में अधिकतम 4.2 ग्राम कैलोरी तय की गई है। इसके साथ ही इसमें 3.0 ग्राम शुगर और 0.625 ग्राम नमक होगा।

लिक्विड फूड आइटम्स में अधिकतम 1.5 ग्राम कैलोरी की सीमा रखी गई है। इसके साथ ही 2.0 ग्राम शुगर और 0.175 ग्राम नमक होगा। यदि कोई स्कूल इन तय सीमाओं का उल्लंघन करेगा तो कार्रवाई होगी। अब जांच अधिकारी लैब टेस्ट के बेस पर सीधे चालान कर सकेंगे।

स्कूलों के अंदर और 50 मीटर दूर तक नहीं बिक सकेंगे जंक फूड, इस राज्य में नया  नियम - maharashtra schools junk food ban fda tukaram munde child health  edmm - AajTak
स्कूलों के अंदर और 50 मीटर दूर तक नहीं बिक सकेंगे जंक फूड, इस राज्य में नया नियम - maharashtra schools junk food ban fda tukaram munde child health edmm - AajTak


बच्चों में तेजी से बढ़ता डायबिटीज का खतरा

देश में करीब 4.1 करोड़ बच्चे ओवरवेट या मोटापे का शिकार हैं। इनमें 6.16% लड़के और 5.4 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं। 6 से 19 वर्ष के 10 प्रतिशत बच्चे प्री-डायबिटीज की गिरफ्त में हैं। 15 से 19 वर्ष के किशोरों में यह आंकड़ा 23% तक है।

इसके अलावा 10 से 14 साल के एज ग्रुप में यह आंकड़ा 11% है। कम उम्र में ही डायबिटीज के लक्षण दिखना चिंता का विषय है। आईडीएफ एटलस के मुताबिक भारत में 8.98 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। वहीं नौ साल तक के तीन लाख से ज्यादा बच्चे टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे हैं।

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स्कूल परिसर में लागू होंगे नए क्राइटेरिया

नए नियम मिड-डे मील से लेकर प्राइवेट स्कूलों की कैंटीन तक लागू होंगे। बच्चों को सही पोषण देना ही इस गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य है। अब स्कूलों को अपने कैफेटेरिया में बैलेंस डाइट चार्ट लगाना अनिवार्य होगा। इससे बच्चों को हेल्दी ईटिंग हैबिट्स सीखने में मदद मिलेगी।

अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे टिफिन में जंक फूड न दें। घर के बने ताजे और पौष्टिक खाने को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अगर सभी स्कूल इन नियमों को सख्ती से लागू करेंगे तो बदलाव दिखेगा। बच्चों में मोटापे और लाइफस्टाइल बीमारियों की समस्या काफी कम हो जाएगी।

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लाइफस्टाइल सुधारना आज के समय की जरूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में 7.7 करोड़ वयस्क टाइप-2 पीड़ित हैं। कम उम्र में ही खान-पान की गलत आदतें आगे चलकर गंभीर बनती हैं। संसद में दिए आंकड़े बताते हैं कि दर्ज युवा मरीजों में 65.6% टाइप-1 वाले हैं। इसलिए बचपन से ही कैलोरी इनटेक को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।

स्कूलों में मिलने वाला खाना बच्चों के शारीरिक विकास को प्रभावित करता है। नए नियमों के लागू होने से जंक फूड का चस्का कम हो सकेगा। प्रशासन और स्कूल प्रबंधकों को मिलकर इस नीति को लागू करना होगा। बच्चों के बेहतर भविष्य और अच्छी सेहत के लिए यह कदम जरूरी है।

References:

  • Safe Food and Balanced Diets for Children in School Regulations 2020
  • IDF Diabetes Atlas 2025 and WHO Report, Healthy Diet

FAQ

  1. स्कूलों में जंक फूड बैन को लेकर सरकार का नया नियम क्या है?
    सरकार ने स्कूलों में 100 ग्राम भोजन में कैलोरी, शुगर और नमक की सीमा तय कर दी है। पिज्जा, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक्स स्कूल कैंटीन तथा परिसर के 50 मीटर दायरे में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
  2. भोजन में कैलोरी, शुगर और नमक की कितनी मात्रा तय की गई है?
    प्रति 100 ग्राम ठोस भोजन में अधिकतम 4.2 ग्राम कैलोरी, 3.0 ग्राम शुगर और 0.625 ग्राम नमक तय है। वहीं तरल पदार्थों में 1.5 ग्राम कैलोरी, 2.0 ग्राम शुगर और 0.175 ग्राम नमक की अनुमति है।
  3. देश में कितने बच्चे मोटापे और प्री-डायबिटीज से प्रभावित हैं?
    भारत में करीब 4.1 करोड़ बच्चे मोटापे का शिकार हैं। इसके अलावा 6 से 19 वर्ष के 10% बच्चे और 15 से 19 वर्ष के 23% किशोर प्री-डायबिटीज की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
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