बच्चों के अपहरण में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट
Pawan Modiya | Aug 06, 2026, 08:30 IST
बाल अपहरण केस
मध्य प्रदेश में 2024 में बाल अपहरण के 11,594 मामले दर्ज हुए, जो महाराष्ट्र के बाद देश में सबसे ज्यादा हैं। पांच साल में मामलों में 64 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। देश के हर छह मामलों में एक मध्य प्रदेश से जुड़ा है। हालांकि बरामदगी दर भी बेहतर रही है।
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्य प्रदेश में बाल अपहरण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
- साल 2024 में प्रदेश में 11,594 मामले दर्ज हुए हैं।
- यह आंकड़ा देश में महाराष्ट्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा है।
- पांच साल में मामलों में करीब 64 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
- राहत की बात यह है कि ज्यादातर बच्चे सुरक्षित बरामद हो गए हैं।
मध्य प्रदेश की गंभीर तस्वीर
गृह मंत्रालय के मुताबिक साल 2024 में मध्य प्रदेश में मामले दर्ज हुए। यह संख्या बड़ी और चिंताजनक रही। प्रदेश में बाल अपहरण और व्यपहरण के कुल 11,594 मामले सामने आए। यह संख्या पूरे देश में दूसरी सबसे ज्यादा है। सिर्फ महाराष्ट्र इस मामले में मध्य प्रदेश से आगे है। महाराष्ट्र में पिछले साल 12,950 मामले दर्ज हुए थे। यानी बाल सुरक्षा के मामले में मध्य प्रदेश की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
पांच साल में बड़ी बढ़ोतरी
एमपी में अपहरण
हर छठा मामला मध्य प्रदेश से
देश के टॉप पांच राज्य
बरामदगी में राहत भरी खबर
बरामदगी के इस आंकड़े में पुराने मामले भी शामिल हैं। इनमें पिछले वर्षों में अपहृत हुए कई बच्चे भी हैं। ये बच्चे बाद के समय में मिले और बरामद माने गए। यानी यह सिर्फ 2024 में अपहृत बच्चों की बरामदगी का आंकड़ा नहीं है। फिर भी आंकड़े बताते हैं कि बरामदगी की दर लगभग 99.8 प्रतिशत रही। यह दर देश के कई राज्यों से बेहतर मानी जा रही है। इससे साफ है कि मामले बढ़े हैं, लेकिन तलाश व्यवस्था भी मजबूत हुई है।
इंदौर में भी सामने आए मामले
आगे की चुनौती और जरूरत
राज्य सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती खड़ी है। एक तरफ नए मामलों को रोकना जरूरी हो गया है। दूसरी तरफ पुराने लंबित मामलों की तलाश भी पूरी करनी है। गृह मंत्रालय के यह आंकड़े नीति बनाने में मदद कर सकते हैं। बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों को सख्ती से लागू करने की मांग उठी है। आने वाले महीनों में इस दिशा में नए कदम उठाए जा सकते हैं। तब तक बाल सुरक्षा को लेकर सतर्कता ही सबसे बड़ा और भरोसेमंद बचाव है।
जरूरी FAQ
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में मध्य प्रदेश में बाल अपहरण और व्यपहरण के 11,594 मामले दर्ज हुए। यह संख्या देश में महाराष्ट्र के बाद दूसरी सबसे ज्यादा है। पांच साल पहले यानी 2020 में यह आंकड़ा 7,058 था, यानी इसमें करीब 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
क्या मध्य प्रदेश में अपहृत बच्चों की बरामदगी हो रही है?
हां, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में मध्य प्रदेश में 11,669 बाल पीड़ित दर्ज किए गए, जिनमें से 11,652 बच्चों को जीवित सुरक्षित बरामद किया गया। यह करीब 99.8 प्रतिशत की बरामदगी दर है। हालांकि इसमें पिछले वर्षों में अपहृत होकर बाद में मिले बच्चे भी शामिल हैं।
बाल अपहरण के मामलों में देश में कौन से राज्य सबसे आगे हैं?
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र (12,950) पहले नंबर पर है, उसके बाद मध्य प्रदेश (11,594), उत्तर प्रदेश (8,350), ओडिशा (6,814) और पश्चिम बंगाल (5,661) का स्थान है। देशभर में कुल 75,108 मामले दर्ज हुए, जिनमें मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से ज्यादा है।
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