एमपी में मिलेंगी दस हजार नौकरियां, सीएम ने मुंबई में की घोषणा, 1550 करोड़ के मिले प्रस्ताव
Sanjay Dhiman | Aug 04, 2026, 23:14 IST
gwalior-tmz-1550-crore-investment
मुंबई रोड-शो में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को 1550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। सीएम मोहन यादव ने इसे मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। इससे 10 हजार से ज्यादा नौकरियां बनेंगी।
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) बन रहा है। मुंबई में इसके लिए राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें 1550 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इसे मध्यप्रदेश की बड़ी सफलता बताया। इससे राज्य में 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अगस्त को मुंबई में थे। वे ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस बैठक में देश-विदेश के कई बड़े निवेशक पहुंचे।
सीएम यादव ने बताया कि पिछले ढाई साल में मध्यप्रदेश ने कई निवेश अनुकूल नीतियां बनाई हैं। इसी वजह से हर सेक्टर में भारी निवेश आ रहा है। उन्होंने इसे मेक इन एमपी और फेथ इन एमपी अभियान का असर बताया।
इससे पहले दिल्ली में भी एक राउंड टेबल मीटिंग हुई थी। वहां साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले थे। इससे करीब 12 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के बीचों-बीच स्थित है। हर दिशा से गुजरने वाला रास्ता यहीं से होकर जाता है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को भी निवेश के लिए अनुकूल बताया।
सीएम ने ग्वालियर टीएमजेड को प्रदेश के लिए विशेष सौगात बताया। यह जोन दिल्ली-एनसीआर से ज्यादा दूर नहीं है। इससे कंपनियों को सप्लाई चेन में आसानी होगी।
उन्होंने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पुराने जल-बंटवारा विवाद का भी जिक्र किया। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर मिलकर काम हो रहा है। सीएम ने इसे आपसी सहयोग की मिसाल बताया।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि भारत अब 5जी सेक्टर में दुनिया के बड़े देशों में शामिल है। देश में 50 करोड़ से ज्यादा 5जी उपभोक्ता हैं।
सिंधिया ने बताया कि पहले भारत को 85 प्रतिशत फोन बाहर से मंगाने पड़ते थे। आज देश में हर साल 33 करोड़ फोन बनते हैं। एपल जैसी कंपनी के भी 20 प्रतिशत फोन अब भारत में बन रहे हैं।
केंद्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने बताया कि ग्वालियर टीएमजेड देश का पहला समर्पित इंटीग्रेटेड टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन है। पहले चरण के लिए 170 एकड़ जमीन तैयार है। दूसरे चरण में 400 एकड़ और जमीन जोड़ी जा सकती है।
निवेशकों को 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। बड़े प्रोजेक्ट के लिए हर श्रमिक पर 5000 रुपए वेतन सहायता दी जाएगी। कौशल प्रशिक्षण के लिए हर कर्मचारी पर 13 हजार रुपए सब्सिडी भी मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि जमीन पर लीज सिर्फ 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर होगी। 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी भी दी जाएगी। अगर कोई कंपनी 12 हजार करोड़ का निवेश करती है, तो सरकार 8 हजार करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में लौटाएगी।
एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने 700 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया। इससे 1500 लोगों को नौकरी मिलेगी। अनंत सिस्टम्स 400 करोड़ रुपए लगाएगी, जिससे 500 रोजगार बनेंगे।
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ 200 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इससे 1200 लोगों को काम मिलेगा। वीएनटी ने 150 करोड़ और टेसकॉम ने 100 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया है। टेसकॉम के प्रोजेक्ट से 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।
नई दिल्ली की बैठक के बाद अब तक 17 कंपनियां निवेश के लिए आगे आ चुकी हैं। जल्द ही ग्वालियर टीएमजेड का भूमि-पूजन भी होने वाला है।
अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS 2025) में भी बड़ी सफलता मिली थी। वहां प्रदेश को 30 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से करीब 30 प्रतिशत निवेश अब तक जमीन पर उतर चुका है।
इसी तरह नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क बन रहा है। वहां भूमि-पूजन के दिन ही 1000 एकड़ जमीन पर सभी भूखंड आवंटित हो गए थे। धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क भी टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर माना जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि ग्वालियर टीएमजेड भी इसी रफ्तार से आगे बढ़ेगा। यह जोन देश के बीचों-बीच स्थित है, जिससे कंपनियों को लॉजिस्टिक्स में फायदा मिलेगा। सरकार इसे टेलीकॉम सेक्टर के लिए मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी पहल बता रही है।
अधिकारियों के मुताबिक टीएमजेड में 6 खास टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएंगी। इससे टेलीकॉम उपकरणों की जांच स्थानीय स्तर पर हो सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
सीएम यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए माहौल पूरी तरह तैयार है। सरकार ने अगले साल फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, यानी जीआईएस-2027 कराने की भी घोषणा की है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में सितंबर से होंगे छात्र संघ चुनाव, हाईकोर्ट के आदेश से रास्ता साफ
मंत्री-विधायकों की कटिंग-धुलाई से त्योहार भत्ते तक सब बंद! खर्च घटाने की तैयारी में एमपी सरकार
एमपी में शिक्षक पुरस्कार का दायरा बढ़ा, हर जिले से शिक्षकों को मिलेगा मौका
एमपी में ट्रांसफर विवाद: अफसर 67 दिन गायब, लोकेशन गलत... फिर भी तबादले
मुंबई में मिला बड़ा भरोसा
सीएम यादव ने बताया कि पिछले ढाई साल में मध्यप्रदेश ने कई निवेश अनुकूल नीतियां बनाई हैं। इसी वजह से हर सेक्टर में भारी निवेश आ रहा है। उन्होंने इसे मेक इन एमपी और फेथ इन एमपी अभियान का असर बताया।
दिल्ली मीटिंग में भी मिली सफलता
सीएम यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के बीचों-बीच स्थित है। हर दिशा से गुजरने वाला रास्ता यहीं से होकर जाता है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को भी निवेश के लिए अनुकूल बताया।
टीएमजेड को बताया खास सौगात
उन्होंने मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पुराने जल-बंटवारा विवाद का भी जिक्र किया। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर मिलकर काम हो रहा है। सीएम ने इसे आपसी सहयोग की मिसाल बताया।
देश की डिजिटल तरक्की का हिस्सा
सिंधिया ने बताया कि पहले भारत को 85 प्रतिशत फोन बाहर से मंगाने पड़ते थे। आज देश में हर साल 33 करोड़ फोन बनते हैं। एपल जैसी कंपनी के भी 20 प्रतिशत फोन अब भारत में बन रहे हैं।
निवेशकों को मिलेगी बड़ी छूट
निवेशकों को 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। बड़े प्रोजेक्ट के लिए हर श्रमिक पर 5000 रुपए वेतन सहायता दी जाएगी। कौशल प्रशिक्षण के लिए हर कर्मचारी पर 13 हजार रुपए सब्सिडी भी मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि जमीन पर लीज सिर्फ 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर होगी। 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी भी दी जाएगी। अगर कोई कंपनी 12 हजार करोड़ का निवेश करती है, तो सरकार 8 हजार करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में लौटाएगी।
किस कंपनी ने कितना दिया प्रस्ताव
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ 200 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इससे 1200 लोगों को काम मिलेगा। वीएनटी ने 150 करोड़ और टेसकॉम ने 100 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया है। टेसकॉम के प्रोजेक्ट से 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।
नई दिल्ली की बैठक के बाद अब तक 17 कंपनियां निवेश के लिए आगे आ चुकी हैं। जल्द ही ग्वालियर टीएमजेड का भूमि-पूजन भी होने वाला है।
प्रदेश में पहले से चल रहे बड़े प्रोजेक्ट
इसी तरह नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क बन रहा है। वहां भूमि-पूजन के दिन ही 1000 एकड़ जमीन पर सभी भूखंड आवंटित हो गए थे। धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क भी टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर माना जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि ग्वालियर टीएमजेड भी इसी रफ्तार से आगे बढ़ेगा। यह जोन देश के बीचों-बीच स्थित है, जिससे कंपनियों को लॉजिस्टिक्स में फायदा मिलेगा। सरकार इसे टेलीकॉम सेक्टर के लिए मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी पहल बता रही है।
आगे की तैयारी
सीएम यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए माहौल पूरी तरह तैयार है। सरकार ने अगले साल फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, यानी जीआईएस-2027 कराने की भी घोषणा की है।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में सितंबर से होंगे छात्र संघ चुनाव, हाईकोर्ट के आदेश से रास्ता साफ
मंत्री-विधायकों की कटिंग-धुलाई से त्योहार भत्ते तक सब बंद! खर्च घटाने की तैयारी में एमपी सरकार
एमपी में शिक्षक पुरस्कार का दायरा बढ़ा, हर जिले से शिक्षकों को मिलेगा मौका
एमपी में ट्रांसफर विवाद: अफसर 67 दिन गायब, लोकेशन गलत... फिर भी तबादले
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA