अमरनाथ यात्रा पर पहलगाम आतंकी हमले का असर, रजिस्ट्रेशन की संख्या में आई बड़ी कमी
अमरनाथ यात्रा, जो भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है इस साल 3 जुलाई से शुरू हो रही है। ये यात्रा 38 दिनों तक चलेगी और 9 अगस्त को समाप्त होगी। हालांकि इस बार इस यात्रा पर पहलगाम आतंकी हमले का असर देखा गया है।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में एक आतंकी हमला हुआ था जिससे कई सैलानियों की जान गई थी। ऐसे में इस हमले के बाद अमरनाथ यात्रा पर असर की आशंका जताई जा रही थी और ऐसा हुआ भी।
हालांकि, यहां सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए हैं और यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। यह यात्रा धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत जरूरी है और श्रद्धालु इसका हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं।
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रजिस्ट्रेशन की संख्या में कमी
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बता दें कि, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और विशेष रूप से आतंकी हमले के बाद सुरक्षा उपायों को और सख्त किया गया है।
इसके अलावा, यात्रा के समय श्रद्धालुओं को सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक काफिले का हिस्सा बनकर यात्रा करने की सलाह दी गई है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
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इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें
अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट jksasb.nic.in पर जाएं।
यहां पर यात्रा परमिट रजिस्ट्रेशन ऑप्शन को चुनें और अपनी जानकारी भरें। इसमें नाम, आधार नंबर, यात्रा की तारीख, मोबाइल नंबर आदि की जानकारी देनी होगी।
इसके बाद, पासपोर्ट साइज फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करें और 220 रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए यात्रा केंद्रों पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
अमरनाथ यात्रा के जरूरी सुरक्षा निर्देश
इस यात्रा में यात्रियों के लिए कुछ जरूरी सुरक्षा निर्देश दिए गए हैं:
- यात्रा के दौरान आरएफआईडी कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा। बिना कार्ड के यात्रा करना संभव नहीं होगा।
- 70 वर्ष से अधिक आयु, 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे और गर्भवती महिलाएं इस यात्रा में भाग नहीं ले सकतीं।
- यात्रा की तैयारी के लिए शारीरिक फिटनेस जरूरी है।
- रोजाना लगभग 5 किलोमीटर चलने और पैदल सैर करने की सलाह दी जाती है।
- यात्रा में उपयुक्त कपड़े पहनने, शॉर्टकट से बचने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
अमरनाथ यात्रा के बारे में
अमरनाथ यात्रा जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित अमरनाथ गुफा तक होती है, जो 3,888 मीटर की ऊंचाई पर है। यह यात्रा हर साल श्रावण माह के दौरान होती है, खासकर जुलाई-अगस्त में।
यहां भक्त शिवलिंग के दर्शन करते हैं, जो प्राकृतिक रूप से बर्फ से बनता है। यह यात्रा हिन्दू धर्म के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है और भक्तों की आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
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