आज अनंत चतुर्दशी पर कैसे और किस मुहूर्त में करें गणेश विसर्जन, जानें सही टाइमिंग
Anant Chaturdashi Ganesh Visarjan: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आते ही चारों ओर एक अद्भुत उत्साह छा जाता है। ढोल-नगाड़ों की गूंज और मोदक की खुशबू के बीच बप्पा का स्वागत हर घर में पूरे भक्ति भाव से किया जाता है। पूरे 10 दिनों तक बप्पा हमारे बीच रहकर हमारी हर छोटी-बड़ी प्रार्थनाएं सुनते हैं। लेकिन खुशियों के इस उत्सव में एक ऐसा पल भी आता है जो हर भक्त के दिल को भावुक कर देता है।
10 दिनों की अनवरत सेवा के बाद आखिरकार विघ्नहर्ता के अपने दिव्य धाम लौटने की घड़ी आ ही जाती है। अनंत चतुर्दशी का यह दिन विदाई और आस्था का एक अनोखा संगम होता है। नम आंखों से भक्त अपने प्रिय गजानन को जल में विसर्जित करते हैं।
साथ ही यह मंगल कामना करते हैं कि बप्पा अगले बरस और भी जल्दी आएं। शास्त्रों में मान्यता है कि सही और शुभ मुहूर्त में किया गया विसर्जन जीवन में सुख, शांति और तरक्की लेकर आता है। आइए जानते हैं कि इस साल बप्पा की विदाई का सबसे सही समय कौन सा है।
कब है अनंत चतुर्दशी की सही तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को शुरू हो गई है। यह तिथि रात 11 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो जाएगी। इसका समापन आज 25 सितंबर को रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगा। उदयातिथि के नियम के मुताबिक पर्व 25 सितंबर को ही मनेगा।
इस साल अनंत चतुर्दशी शुक्रवार के दिन पड़ रही है। इस खास दिन रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। रवि योग में किए गए सभी धार्मिक कार्य बहुत सफल होते हैं। सूर्य के प्रभाव से सभी तरह के दोष समाप्त हो जाते हैं। अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन
भगवान विष्णु की पूजा का शुभ मुहूर्त
अनंत चतुर्दशी का व्रत पर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा भी होती है। इस दिन व्रत रखकर अनंत सूत्र बांधने की पुरानी परंपरा है। इस साल पूजा के लिए कुल 16 घंटे 55 मिनट मिलेंगे। पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगा।
आप रात 11 बजकर 6 मिनट तक पूजा कर सकते हैं। इस लंबे मुहूर्त में आप आसानी से पूजा संपन्न कर सकते हैं। इसी दिन सुबह रवि योग सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र की शुरुआत हो जाएगी।
गणेश विसर्जन का सुबह का समय
सुबह के समय विसर्जन का पहला मुहूर्त काफी शुभ रहने वाला है। सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक समय है। इस दौरान चर, लाभ और अमृत के चौघड़िया मुहूर्त मौजूद रहेंगे। इस समय विसर्जन करना बहुत ही उत्तम माना गया है।
दोपहर के समय भी विसर्जन का अच्छा मुहूर्त मिल रहा है। दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक समय है। वहीं शाम को 4 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक समय है। भक्त अपनी सुविधा के हिसाब से समय चुन सकते हैं।
रात के समय गणेश विसर्जन का मुहूर्त
जो लोग रात में विसर्जन करते हैं, उनके लिए भी मुहूर्त उपलब्ध हैं। रात 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक समय है। देर रात का मुहूर्त 12 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त 26 सितंबर की सुबह 4 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।
इसमें शुभ, अमृत और चर के चौघड़िया शामिल रहेंगे। बप्पा से विदाई लेते समय उनसे अपनी भूल-चूक की माफी जरूर मांगें। गणेश जी विघ्नहर्ता हैं और वे सभी दुखों को दूर करते हैं। उनकी कृपा से जीवन में हमेशा खुशहाली और सफलता बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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