रक्षाबंधन के बाद कलाई से कब उतारें रक्षासूत्र, जानें विसर्जन का सही तरीका
Kaushiki | Aug 29, 2026, 14:08 IST
Rakhi Kab Utare
रक्षाबंधन के बाद कलाई से राखी उतारने का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इसे सही समय पर सम्मान के साथ उतारकर पवित्र जल या मिट्टी में विसर्जित करना चाहिए। कचरे में फेंकने या कैंची से काटने से बचना चाहिए ताकि रक्षासूत्र का पवित्र भाव बना रहे।
Raksha Bandhan Rituals: रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं। वे भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। यह धागा केवल सूत का टुकड़ा नहीं होता है। इसमें बहन का अटूट स्नेह और दुआएं छिपी होती हैं।
पौराणिक काल से ही रक्षासूत्र का बहुत महत्व रहा है। लेकिन रक्षाबंधन बीतने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठता है। वे सोचते हैं कि राखी को कितने दिन बांधकर रखना चाहिए। इसे कलाई से कब उतारना सबसे शुभ होता है।
उतारने के बाद इस पवित्र धागे का क्या करना चाहिए। क्या इसे पानी में बहाना चाहिए या मिट्टी में दबाना चाहिए। शास्त्रों में इसके लिए खास नियम बताए गए हैं। गलत तरीके से राखी उतारना या फेंकना अनुचित माना जाता है। आइए जानें राखी उतारने और विसर्जित करने के नियम।
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रक्षाबंधन के बाद राखी को तुरंत नहीं उतारना चाहिए। इसे कम से कम तीन दिन तक जरूर बांधें। कई लोग सात दिनों तक कलाई पर राखी बांधकर रखते हैं। शास्त्रों में इसे बहुत शुभ और फलदायी माना गया है। कुछ परिवारों में जन्माष्टमी तक राखी बांधने की परंपरा है।
श्रीकृष्ण पूजा के बाद ही लोग राखी को खोलते हैं। आप अपने कुल की परंपरा के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। नियम जो भी हो, श्रद्धा भाव सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक राखी कलाई पर रहे, स्वच्छता का ध्यान रखें। नहाते समय धागे को गंदा होने से बचाएं।
राखी उतारते समय मन में शुद्ध विचार रखने चाहिए। सबसे पहले ईश्वर का ध्यान करें और उनका आभार व्यक्त करें। सुबह के समय राखी उतारना बहुत शुभ माना जाता है। किसी शांत स्थान पर बैठकर ही राखी को खोलें। राखी को कभी भी खींचकर या जोर से न तोड़ें।
कैंची का उपयोग करना भी सही नहीं माना जाता। काटने से रक्षासूत्र का धार्मिक भाव कम हो जाता है। धागे को धीरे से खोलकर साफ थाली में रखें। उतारी गई राखी को इधर-उधर कभी भी न फेंकें। इसे सीधे कचरे के डिब्बे में डालना अशुभ है।
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सूती या रेशमी राखी का विसर्जन जल में करें। बहती नदी या तालाब में इसे प्रवाहित करना चाहिए। जल में छोड़ते समय थोड़ा सा फूल भी साथ रखें। इससे रक्षासूत्र का पूरा आदर और सम्मान बना रहता है। अगर आसपास नदी न हो तो गमले का उपयोग करें।
घर के बगीचे की साफ मिट्टी में दबा दें। मिट्टी में दबाने से धागा अपने आप गल जाता है। यह पर्यावरण के लिए भी बहुत सुरक्षित तरीका है। प्लास्टिक या धातु वाली राखी को जल में न बहाएं। इससे जल प्रदूषण बढ़ता है और नदी गंदी होती है।
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रक्षाबंधन का त्योहार मेंआजकल बाजार में सोने और चांदी की राखियां मिलती हैं। लोग इन्हें बहुत उत्साह से कलाई पर बांधते हैं। ऐसी महंगी राखियों को जल में विसर्जित न करें। इन्हें संभालकर अपनी तिजोरी या अलमारी में रख दें। आप इन्हें अगले साल भी उपयोग में ला सकते हैं। या फिर इन्हें गलाकर नया सामान बना सकते हैं।
धातु की राखी को साफ कपड़े में लपेटकर रखें। इससे उसकी पवित्रता और सुंदरता हमेशा बनी रहती है। नियमों का पालन करने से धार्मिक लाभ पूरा मिलता है। वस्तु का सही रखरखाव ही असली समझदारी है।
![1 2 or 7 days know when to take off the rakhi tied on the wrist. 1-2 या 7 दिन, जानें कब उतारे कलाई पर बंधी राखी]()
कई बार काम करते समय राखी अपने आप टूट जाती है। या फिर पुराना धागा होने से खुल जाती है। राखी का अचानक टूटना कोई अपशकुन नहीं होता है। पानी लगने या खिंचाव से धागा टूट सकता है।
इसलिए मन में किसी भी तरह का डर न लाएं। ईश्वर पर भरोसा रखें और मन शांत बनाए रखें। टूटी हुई राखी को सम्मान से उठाकर रख लें। फिर बताए गए नियमों के अनुसार ही विसर्जित करें। भाई और बहन का प्रेम धागे से बड़ा होता है। धागा टूटने से मन का प्यार कभी नहीं घटता।
कई लोग राखी उतारकर अलमारी में भूल जाते हैं। महीनों तक पुरानी राखी अलमारी में पड़ी रहती है। उतारने के दो-तीन दिन के भीतर विसर्जन कर दें। राखी को ज्यादा दिनों तक संभालकर न लटकाएं।
बच्चों को भी इस नियम के बारे में जरूर समझाएं। उन्हें बताएं कि रक्षासूत्र कोई फालतू कचरा नहीं है। यह भगवान का प्रसाद और बहन का आशीर्वाद है। इसका सम्मान करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। सही तरीके से विसर्जन करने से व्रत पूरा होता है। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
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शास्त्रों में रक्षासूत्र को बहुत शक्तिशाली माना गया है। यह इंसान को हर संकट से बचाने वाला होता है। देवराज इंद्र को असुरों पर विजय पाने के लिए इंद्राणी ने रक्षासूत्र बांधा था। माता लक्ष्मी ने दानवों के राजा बलि को भी रक्षासूत्र बांधकर भगवान विष्णु को मांगा था।
इसलिए यह धागा बहुत पवित्र और फलदायी माना जाता है। इसे हमेशा पूरे आदर के साथ विदा करें। शुभ समय में उतारी गई राखी फलदायी होती है। इससे भाई-बहन के बीच प्यार हमेशा बढ़ता रहता है। परंपराओं का पालन करने से हमारी संस्कृति जीवित रहती है। हर त्यौहार का अपना एक विशेष महत्व होता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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पौराणिक काल से ही रक्षासूत्र का बहुत महत्व रहा है। लेकिन रक्षाबंधन बीतने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठता है। वे सोचते हैं कि राखी को कितने दिन बांधकर रखना चाहिए। इसे कलाई से कब उतारना सबसे शुभ होता है।
उतारने के बाद इस पवित्र धागे का क्या करना चाहिए। क्या इसे पानी में बहाना चाहिए या मिट्टी में दबाना चाहिए। शास्त्रों में इसके लिए खास नियम बताए गए हैं। गलत तरीके से राखी उतारना या फेंकना अनुचित माना जाता है। आइए जानें राखी उतारने और विसर्जित करने के नियम।
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राखी कितने दिन कलाई पर बांधें
श्रीकृष्ण पूजा के बाद ही लोग राखी को खोलते हैं। आप अपने कुल की परंपरा के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। नियम जो भी हो, श्रद्धा भाव सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक राखी कलाई पर रहे, स्वच्छता का ध्यान रखें। नहाते समय धागे को गंदा होने से बचाएं।
राखी उतारते समय क्या ध्यान रखें
कैंची का उपयोग करना भी सही नहीं माना जाता। काटने से रक्षासूत्र का धार्मिक भाव कम हो जाता है। धागे को धीरे से खोलकर साफ थाली में रखें। उतारी गई राखी को इधर-उधर कभी भी न फेंकें। इसे सीधे कचरे के डिब्बे में डालना अशुभ है।
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राखी का विसर्जन कहां और कैसे करें
घर के बगीचे की साफ मिट्टी में दबा दें। मिट्टी में दबाने से धागा अपने आप गल जाता है। यह पर्यावरण के लिए भी बहुत सुरक्षित तरीका है। प्लास्टिक या धातु वाली राखी को जल में न बहाएं। इससे जल प्रदूषण बढ़ता है और नदी गंदी होती है।
Raksha Bandhan 2025: भाई को अपनी कलाई से राखी कितने दिनों के बाद उतारनी चाहिए?
सोने-चांदी की राखी का क्या करें
धातु की राखी को साफ कपड़े में लपेटकर रखें। इससे उसकी पवित्रता और सुंदरता हमेशा बनी रहती है। नियमों का पालन करने से धार्मिक लाभ पूरा मिलता है। वस्तु का सही रखरखाव ही असली समझदारी है।
1 2 or 7 days know when to take off the rakhi tied on the wrist. 1-2 या 7 दिन, जानें कब उतारे कलाई पर बंधी राखी
राखी खुद टूट जाए तो क्या करें
इसलिए मन में किसी भी तरह का डर न लाएं। ईश्वर पर भरोसा रखें और मन शांत बनाए रखें। टूटी हुई राखी को सम्मान से उठाकर रख लें। फिर बताए गए नियमों के अनुसार ही विसर्जित करें। भाई और बहन का प्रेम धागे से बड़ा होता है। धागा टूटने से मन का प्यार कभी नहीं घटता।
घर में रखी राखी का विसर्जन
बच्चों को भी इस नियम के बारे में जरूर समझाएं। उन्हें बताएं कि रक्षासूत्र कोई फालतू कचरा नहीं है। यह भगवान का प्रसाद और बहन का आशीर्वाद है। इसका सम्मान करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। सही तरीके से विसर्जन करने से व्रत पूरा होता है। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
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पौराणिक मान्यताओं में रक्षासूत्र का महत्व
इसलिए यह धागा बहुत पवित्र और फलदायी माना जाता है। इसे हमेशा पूरे आदर के साथ विदा करें। शुभ समय में उतारी गई राखी फलदायी होती है। इससे भाई-बहन के बीच प्यार हमेशा बढ़ता रहता है। परंपराओं का पालन करने से हमारी संस्कृति जीवित रहती है। हर त्यौहार का अपना एक विशेष महत्व होता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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