सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजा का क्या है असली राज, भूलकर भी न करें ये काम

Kaushiki | Jul 28, 2026, 14:50 IST
Share
sawan mein parthiv shivling puja vidhi
sawan mein parthiv shivling puja vidhi

सावन के पवित्र महीने में पार्थिव शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। शुद्ध मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा करने से हर संकट दूर होता है। बेलपत्र पर स्थापना की सही विधि और नियम जानकर पूजा करने से महादेव तुरंत प्रसन्न होते हैं।

Parthiv Shivling importance:क्या आप जानते हैं कि कलयुग में भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका क्या है? शास्त्रों और पुराणों में लिखा है कि सावन मास में एक ऐसा विशेष पूजन है, जिसे करने मात्र से इंसान के बड़े से बड़े पाप, बीमारियां और अकाल मृत्यु का भय हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। सावन के महीने में भगवान शिव की पार्थिव शिवलिंग पूजा को सबसे महान बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्थिव शिवलिंग बनाने के क्या-क्या नियम हैं। आइए इसे अच्छे से समझें...

Parthiv Shivling
Parthiv Shivling


पार्थिव शिवलिंग क्या है

पार्थिव शिवलिंग का अर्थ है मिट्टी (पृथ्वी तत्व) से निर्मित शिवलिंग। किसी पवित्र स्थान, बेलवृक्ष की जड़ या नदी तट की शुद्ध मिट्टी में गंगाजल, दूध और भस्म मिलाकर हाथों से बनाए गए अस्थायी शिवलिंग को पार्थिव शिवलिंग कहते हैं।

शिव पुराण के मुताबिक, कलियुग में पार्थिव शिव पूजन को सभी पूजाओं में सबसे श्रेष्ठ और शीघ्र फलदायी माना गया है। त्रेतायुग में भगवान श्री राम ने भी रावण वध के बाद रामेश्वरम में पार्थिव शिवलिंग बनाकर ही महादेव की आराधना की थी।

इसके पूजन से ग्रह-दोष (जैसे शनि या कालसर्प दोष) शांत होते हैं, मानसिक शांति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पूजा और जल-अभिषेक के बाद इसे पवित्र जल में विसर्जित कर दिया जाता है।

f1c06119-423
f1c06119-423


पार्थिव शिवलिंग पूजा का महत्व

शिव पुराण में पार्थिव पूजन (शिव और सावन) की महिमा का बखान मिलता है। मिट्टी के शिवलिंग की पूजा से सुख और शांति मिलती है। यह पूजन जीवन से सभी दुखों को दूर करता है।

जो लोग बीमारी से परेशान हैं, उन्हें यह पूजा जरूर करनी चाहिए। इससे अकाल मृत्यु का भय भी पूरी तरह खत्म होता है। सावन में यह पूजा करने से कई गुना फल मिलता है।

Parthiv Shivling
Parthiv Shivling


पार्थिव शिवलिंग बनाने के नियम

पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए हमेशा शुद्ध मिट्टी लेनी चाहिए। गंगा नदी के किनारे की मिट्टी सबसे उत्तम मानी जाती है। बेलवृक्ष के नीचे की मिट्टी भी पूजा के लिए बहुत अच्छी है। मिट्टी को छानकर साफ पानी से अच्छे से गूंथ लें। मिट्टी में थोड़ा सा गंगाजल जरूर मिलाना चाहिए।

इसमें दूध, गाय का गोबर और भस्म भी मिला सकते हैं। शिवलिंग बनाते समय उत्तर दिशा की तरफ मुंह रखें। शिवलिंग का आकार 12 अंगुल से बड़ा नहीं होना चाहिए। छोटा शिवलिंग बनाना ही घर में शुभ माना जाता है।

1d75fef0-84c
1d75fef0-84c


बेलपत्र पर स्थापना की सही विधि

पार्थिव शिवलिंग को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें। स्थापना के लिए एक साफ थाली या लकड़ी की चौकी लें। उस पर सबसे पहले एक बड़ा और साफ बेलपत्र रखें। बेलपत्र की चिकनी सतह हमेशा ऊपर की तरफ होनी चाहिए।

बेलपत्र का डंठल उत्तर दिशा की ओर रखें। अब इस बेलपत्र के ऊपर ही मिट्टी का शिवलिंग स्थापित करें। ऐसा करने से पूजा का पूरा फल इंसान को मिलता है। बेलपत्र पर स्थापना करने से महादेव बहुत प्रसन्न होते हैं।

पार्थिव शिवलिंग की पूजन विधि

शिवलिंग स्थापित करने के बाद उनका ध्यान लगाएं। ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। इसके बाद पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। फिर साफ जल से शिवलिंग को अच्छे से स्नान कराएं।

स्नान के बाद शिवलिंग पर चंदन और रोली लगाएं। उन्हें भस्म और अक्षत अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आंकड़ा और फूल चढ़ाएं। शिवलिंग पर सफेद मिष्ठान और फल का भोग लगाएं। अंत में कपूर या देसी घी से धूप-आरती करें।

विसर्जन की सही प्रक्रिया

पार्थिव शिवलिंग की पूजा उसी दिन समाप्त होनी चाहिए। शाम की पूजा के बाद शिवलिंग का विसर्जन करें। विसर्जन से पहले महादेव से हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।

पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें। इसके बाद शिवलिंग को किसी पवित्र नदी या तालाब में बहा दें। अगर नदी न हो तो घर के गमले में विसर्जित करें। विसर्जित मिट्टी में कोई भी पौधा लगाया जा सकता है। इससे शिवलिंग का अनादर बिल्कुल नहीं होता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

FAQ

  1. सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजा करने से क्या फायदा मिलता है?
    सावन में पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से सारे पाप मिट जाते हैं। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। बीमारियों से मुक्ति मिलती है और इंसान की सभी रुकी हुई मनोकामनाएं महादेव की कृपा से पूरी होती हैं।
  2. पार्थिव शिवलिंग बनाने के लिए किस तरह की मिट्टी का प्रयोग करें?
    पार्थिव शिवलिंग के लिए गंगा नदी या किसी पवित्र नदी के किनारे की मिट्टी सबसे अच्छी होती है। अगर नदी की मिट्टी न मिले तो बेलवृक्ष के नीचे की शुद्ध मिट्टी में गंगाजल, दूध और भस्म मिलाकर शिवलिंग बनाया जा सकता है।
  3. पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन कब और कैसे करना चाहिए?
    पार्थिव शिवलिंग की पूजा के बाद उसी दिन शाम को विसर्जन करना चाहिए। भगवान से क्षमा मांगकर शिवलिंग को पवित्र नदी, तालाब या फिर घर में ही साफ पानी के बर्तन या गमले में आदरपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए।
ये खबरें भी पढ़ें...

शिवलिंग की पूजा से मिलते हैं अद्भुत लाभ, जानें शिव महापुराण में क्या है लिखा

हिंदू धर्म में पूजा करते समय सही आसन पर बैठना क्यों है जरूरी, यहां जानें जरूरी नियम

क्या रात के समय भगवान की पूजा करना सही है, पहले जान लें ये जरूरी बातें

गीता में कृष्ण ने क्यों कहा मैं वृक्षों में पीपल हूं, जानें पीपल पूजा के नियम

Tags:
  • शिव और सावन
  • सावन मास
  • Parthiv Shivling
  • Parthiv Shivling importance
  • पार्थिव शिवलिंग
  • पार्थिव शिवलिंग क्या है
  • सावन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा