अगस्त में कब है शिवरात्रि, तीज और रक्षाबंधन, जानें अगस्त 2026 के व्रत त्योहार

Kaushiki | Aug 01, 2026, 06:30 IST
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अगस्त 2026 का महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत खास है। इस महीने में सावन शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार आएंगे। इसके साथ ही चार प्रमुख ग्रह भी अपनी राशि बदलेंगे।

August 2026 Vrat Tyohar: साल 2026 का अगस्त महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। इस पूरे महीने में भगवान शिव का अति प्रिय श्रावण मास जारी रहेगा। सनातन धर्म में सावन के महीने को भक्ति, साधना और मनोकामनाओं की पूर्ति का समय माना जाता है। इस कारण अगस्त के पूरे तीस दिनों में देशभर के मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-पाठ का माहौल बना रहेगा।



इस महीने में सावन शिवरात्रि, नाग पंचमी, हरियाली तीज, कजरी तीज, पुत्रदा एकादशी और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन जैसे कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे। इसके अलावा धार्मिक उत्सवों के साथ-साथ अगस्त में ग्रहों का बड़ा राशि परिवर्तन भी देखने को मिलेगा।



शुक्र, मंगल, बुध और सूर्य ग्रह अपनी राशियां बदलेंगे। ग्रहों का यह बदलाव मानव जीवन और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डालेगा। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं अगस्त 2026 के सभी व्रतों की सही तिथियों और ग्रहों के गोचर की पूरी डिटेल्स।



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अगस्त 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, अगस्त महीने की शुरुआत बेहद शुभ योग में हो रही है। इस महीने में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए कई अवसर आएंगे।



  • 03 अगस्त 2026 (सावन का पहला सोमवार):
    सावन महीने के पहले सोमवार पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से मन को अपार शांति मिलती है। भोलेनाथ अपने भक्तों के सभी दुख दूर कर देते हैं।
  • 09 अगस्त 2026 (कामिका एकादशी):
    श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की भक्तिभाव से पूजा की जाती है। यह व्रत इंसान को सभी जाने-अनजाने पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
  • 10 अगस्त 2026 (सावन का दूसरा सोमवार व सोम प्रदोष):
    इस दिन सावन का दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष व्रत का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना बहुत फलदायी होता है। इस विशेष योग में पूजा करने से शिवजी की कृपा तुरंत मिलती है।
  • 11 अगस्त 2026 (सावन शिवरात्रि):
    सावन महीने में आने वाली शिवरात्रि का धार्मिक दृष्टि से बहुत बड़ा महत्व होता है। इस खास दिन पर कांवड़ यात्रा का समापन होता है और शिवभक्त जलाभिषेक करते हैं। व्रत रखकर पूजा करने से सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्राप्ति होती है।
  • 12 अगस्त 2026 (हरियाली अमावस्या):
    श्रावण मास की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन पेड़-पौधे लगाने का धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व बहुत ज्यादा होता है। साथ ही इस दिन स्नान-दान और पितरों का तर्पण करना बेहद शुभ माना गया है।
  • 15 अगस्त 2026 (हरियाली तीज):
    हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए एक बहुत ही खास और प्रिय त्योहार है। इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करके व्रत रखती हैं। ऐसा करने से पति को लंबी उम्र मिलती है और दांपत्य जीवन सुखी रहता है।
  • 17 अगस्त 2026 (सावन का तीसरा सोमवार, नाग पंचमी व कल्कि जयंती):
    इस दिन सावन का तीसरा सोमवार, नाग पंचमी और भगवान कल्कि की जयंती का बड़ा संयोग है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने का विशेष विधान है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से कुण्डली का कालसर्प दोष दूर होता है।
  • 20 अगस्त 2026 (मासिक दुर्गाष्टमी):
    भाद्रपद मास की शुरुआत के साथ आने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की भक्ति से पूजा की जाती है। मां भगवती की उपासना करने से जीवन के सारे संकट और नकारात्मकता दूर होती है।
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  • 23 अगस्त 2026 (श्रावण पुत्रदा एकादशी):
    श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। यह पावन व्रत भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए यह व्रत बहुत फलदायी माना गया है।
  • 24 अगस्त 2026 (सावन का चौथा और अंतिम सोमवार):
    यह सावन मास का चौथा और आखिरी सोमवार व्रत होगा। पूरे महीने की भक्ति का समापन करते हुए भक्त शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएंगे। इस दिन विधि-विधान से पूजा करके मनोवांछित फल पाया जा सकता है।
  • 25 अगस्त 2026 (प्रदोष व्रत - शुक्ल पक्ष):
    श्रावण शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। शाम के समय भगवान शिव के मंदिर जाकर दीप प्रज्वलित करने का विशेष महत्व है। इस व्रत को करने से घर में खुशहाली और आरोग्य का वास होता है।
  • 27 अगस्त 2026 (हयग्रीव जयंती):
    यह तिथि भगवान विष्णु के ज्ञान और बुद्धि के अवतार 'हयग्रीव जी' को समर्पित होती है। इस दिन विद्यार्थी और साधक ज्ञान प्राप्ति के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं। उनकी कृपा से एकाग्रता और विद्या की प्राप्ति होती है।
  • 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा व गायत्री जयंती):
    इस पावन दिन पर श्रावण पूर्णिमा, गायत्री जयंती और रक्षाबंधन का महापर्व मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करेंगी। इस दिन गायत्री माता का पूजन करना भी शुभ होता है।
  • 31 अगस्त 2026 (कजरी तीज व बहुला गणेश चतुर्थी):
    अगस्त के अंतिम दिन कजरी तीज और श्री गणेश बहुला चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। सुहागिनें और कन्याएं कजरी तीज का व्रत रखकर पूजन करेंगी। वहीं गणेश चतुर्थी पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना से दुखों का नाश होगा।
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अगस्त में ग्रहों का बड़ा गोचर

धार्मिक त्योहारों के साथ ही अगस्त में ग्रह गोचर की चाल भी बदलेगी। चार मुख्य ग्रह अपनी स्थिति में बदलाव करेंगे।



  • 01 अगस्त को शुक्र का गोचर:
    1 अगस्त को शुक्र ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ वे नीच के माने जाते हैं। इस गोचर के दौरान पैसों और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना बहुत जरूरी होगा। किसी भी तरह के बेवजह के खर्चों से बचें और भावनात्मक फैसले लेने से परहेज करें।
  • 02 अगस्त को मंगल का गोचर:
    2 अगस्त को मंगल ग्रह मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस बदलाव से लोगों के अंदर साहस, ऊर्जा और कार्यक्षमता में काफी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और नए काम की शुरुआत करने वालों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा।
  • 05 अगस्त को बुध का गोचर:
    5 अगस्त को बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ पहले से ही सूर्य और गुरु ग्रह विराजमान रहेंगे। इन तीन ग्रहों के मिलने से बुधादित्य और त्रिग्रही राजयोग का बहुत ही शुभ निर्माण होगा। इस योग के प्रभाव से व्यापार, शिक्षा और संचार के क्षेत्र से जुड़े लोगों को शानदार सफलता मिलेगी।
  • 17 अगस्त को सूर्य का गोचर:
    17 अगस्त को सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन से लोगों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मान-सम्मान में जबरदस्त वृद्धि होगी। विशेष रूप से सरकारी नौकरी, प्रशासन और राजनीति से जुड़े लोगों को अधिकारियों का पूरा सहयोग और तरक्की मिलेगी।
  • 22 अगस्त को बुध का पुनः बदलाव:
    22 अगस्त को बुध ग्रह कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस गोचर के बाद लोगों के संवाद कौशल, रचनात्मक सोच और निर्णय लेने की क्षमता में सकारात्मक सुधार आएगा। मीडिया, लेखन, शिक्षा और व्यापार से जुड़े जातकों को इस बदलाव से बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है।

सावन सोमवार व्रत का महत्व

सावन मास में आने वाली शिवरात्रि और सावन सोमवार के व्रत सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माने गए हैं। इस वर्ष 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस विशेष तिथि पर भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक करने का विधान है। देशभर से कांवड़िए दूर-दूर से गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। इस साल सावन मास में कुल चार सोमवार पड़ेंगे।



धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सावन में पूरे मन से भगवान शिव की आराधना करने पर जीवन के सारे दुख, कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं। इस दिन श्रद्धापूर्वक शिव आराधना से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहता है।



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रक्षाबंधन पर ग्रहण का साया

28 अगस्त को रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाइयों को राखी बांधती हैं। इस दिन सूर्य और चंद्र ग्रहण भी लग रहे हैं। लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देंगे।



इसलिए भारत में कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा। लोग बिना किसी डर के त्योहार मना सकते हैं। बस राखी बांधते समय भद्राकाल का ध्यान रखें। शुभ मुहूर्त में ही रक्षासूत्र बांधना फलदायी होता है।



नाग पंचमी और कालसर्प दोष

सनातन परंपरा में सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी नाग पंचमी का अत्यंत पावन और विशेष धार्मिक महत्व है। इस वर्ष यह पवित्र पर्व 17 अगस्त को बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।



नाग पंचमी का दिन मुख्य रूप से नाग देवताओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को कुण्डली में मौजूद कालसर्प दोष, राहु-केतु के अशुभ प्रभावों और पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे उत्तम और सिद्ध समय माना गया है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। 2026 के व्रत और त्योहार



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