ज्येष्ठ माह के दूसरे बड़े मंगल पर पंचक का साया, जानें बजरंगबली को प्रसन्न करने का तरीका
Bada Mangal 2026: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवार का विशेष महत्व होता है। इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से पुकारा जाता है। साल 2026 का दूसरा बड़ा मंगल आज (12 मई 2026) पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन हनुमान जी की श्रीराम से मुलाकात हुई थी।
भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और बड़े स्तर पर भंडारे करते हैं। इस बार दूसरे ज्येष्ठ मंगल पर रोग पंचक का साया रहने वाला है। पंचक को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। लेकिन संकटमोचन की पूजा में यह काल बाधा नहीं बनेगा।
क्यों फलदायी है पंचक में हनुमान पूजा
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, हनुमान जी सर्वशक्तिशाली देवता माने गए हैं। वे सभी ग्रहों और नक्षत्रों के दोषों को दूर करते हैं। पंचक के दौरान हनुमान जी की आराधना करना अत्यंत श्रेष्ठ होता है।
विशेष रूप से पंचमुखी हनुमान की पूजा से नकारात्मकता दूर होती है। इससे अज्ञात भय, मानसिक तनाव और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। रोग पंचक के दौरान की गई पूजा शारीरिक कष्टों को भी हरती है।
बस ध्यान रहे कि इस दिन (ज्येष्ठ माह की शुरुआत) नए मांगलिक कार्य न करें। गृह प्रवेश या विवाह जैसे कार्य पंचक में वर्जित होते हैं। मान्यता है कि पंचक काल में किए गए कार्यों की पुनरावृत्ति होती है। यानी वह काम पांच बार होता है। इसलिए लोग इस दिन हनुमान जी की भक्ति, सेवा और दान-पुण्य करते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक, दूसरे बड़े मंगल पर पूजा का विशेष मुहूर्त सुबह से शुरू होगा। यह मुहूर्त सुबह 8:55 बजे से दोपहर 1:59 बजे तक रहेगा। इस दौरान हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। उन्हें लाल चंदन और लाल रंग के पुष्प अर्पित करना चाहिए।
चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। सुंदरकांड या हनुमान बीसा पढ़ना भी इस दिन बहुत फलदायी होता है। पंचक के कारण इस दिन हवन या यज्ञ न करें। सात्विक मन से की गई मानसिक पूजा का अधिक फल मिलता है।
साधक के लिए जरूरी नियम
हनुमान जी की साधना में पवित्रता का बहुत बड़ा महत्व है। बड़ा मंगल के दिन साधक को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन काले या नीले रंग के कपड़े बिल्कुल न पहनें। पूजा के लिए लाल, पीले या सफेद वस्त्र पहनना शुभ है।
तामसिक भोजन जैसे मांस और मदिरा से पूरी तरह दूर रहें। पूरे दिन मन में केवल हनुमान जी का ध्यान करना चाहिए। क्रोध और अहंकार का त्याग कर सात्विक भोजन ग्रहण करें। दूसरों की मदद और दान-पुण्य करने से बाबा प्रसन्न होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
FAQ
- क्या पंचक के दौरान बड़े मंगल पर भंडारा किया जा सकता है?
हां, पंचक के दौरान हनुमान जी का भंडारा और दान-पुण्य करना शुभ है। पंचक केवल नए मांगलिक कार्यों जैसे विवाह के लिए वर्जित होता है। - रोग पंचक में हनुमान जी के किस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए?
रोग पंचक में पंचमुखी हनुमान जी की पूजा करना सबसे उत्तम माना गया है। इससे स्वास्थ्य लाभ मिलता है और सभी प्रकार के भय दूर होते हैं। - दूसरे बड़े मंगल पर चोला चढ़ाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
चोला चढ़ाने के लिए सुबह का समय सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। साधक 12 मई को दोपहर 1:59 बजे से पहले पूजा और चोला चढ़ा सकते हैं।
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