/sootr/media/media_files/2026/01/09/camphor-scientific-benefit-2026-01-09-15-19-44.jpg)
Latest Religious News: हमारे घरों में सदियों से पूजा में कपूर जलाने की परंपरा चली आ रही है। ये परंपरा केवल धार्मिक विश्वास तक सीमित नहीं है। मॉडर्न साइंस के मुताबिक, कपूर का जलना हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही ज्यादा लाभकारी है।
हमारे पूर्वजों ने बड़ी ही चतुराई से स्वास्थ्य और धर्म को एक साथ जोड़ दिया था। कपूर का औषधीय गुण वातावरण को शुद्ध करने के साथ ही मन को शांति देता है। ऐसे में ये आर्टिकल कपूर के इसी साइंटिफिक और स्पिरिचुअल पहलू को विस्तार से उजागर करता है।
/sootr/media/post_attachments/aajtak/images/story/201811/camphor_new_1543547482_749x421-394421.jpeg?size=948:533)
सनातन धर्म और विज्ञान
क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी दादी-नानी पूजा में कपूर और धूप जलाने पर इतना जोर क्यों देती थीं? असल में सनातन धर्म और विज्ञान एक-दूसरे के दुश्मन नहीं, बल्कि बेस्ट फ्रेंड्स हैं।
जहां साइंस लैब्स में प्रयोग करके सच ढूंढता है, वहीं हमारा सनातन धर्म हजारों सालों के अनुभव से हमें सही रास्ता दिखाता है। कपूर जलाना केवल एक रिवाज नहीं, बल्कि कम्युनिटी हेल्थ को बेहतर रखने का एक प्राचीन देसी नुस्खा है।
हमारे पूर्वजों ने स्वच्छता और मेन्टल पीस को धर्म से जोड़ दिया ताकि हम एक हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकें। आज की मॉडर्न साइंस भी मानती है कि कपूर का धुआं हवा को शुद्ध करता है और स्ट्रेस कम करता है।
ये खबर भी पढ़ें...पोंगल से खिचड़ी तक, जानें भारत में मकर संक्रांति मनाने के तरीके
/sootr/media/post_attachments/2023/04/kapoor-remedy-177408.jpg?w=440)
कपूर की सुगंध से मस्तिष्क का गहरा संबंध
न्यूरोसाइंस के मुताबिक, सुगंध का हमारे मस्तिष्क के लिम्बिक सिस्टम से बहुत सीधा संबंध होता है। ये सिस्टम हमारी भावनाओं, स्मृति और मानसिक तनाव को पूरी तरह नियंत्रित करता है।
कपूर की भीनी खुशबू तनाव को कम करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है। योग और ध्यान के समय कपूर का उपयोग मन को स्थिर करने में सहायक होता है।
यह मस्तिष्क की नसों को सुकून देकर चिंता और मानसिक थकान को दूर भगाता है। एक छोटी सी कपूर की टिकिया हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होती है।
ये खबर भी पढ़ें...मकर संक्रांति के बाद बनेगा रूचक महापुरुष राजयोग, चमकेगा इन राशियों का भाग्य
/sootr/media/post_attachments/lh-img/uploadimage/library/2021/02/20/16_9/16_9_6/kapur_1613798725-978085.jpg)
कपूर का धुआं: एक प्राकृतिक रोगाणुनाशक
कपूर जलाने से निकलने वाला धुआं हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर देता है। शोध बताते हैं कि यह छोटे वायरस और कीटाणुओं को मारने में बहुत प्रभावी होता है। जिन स्थानों पर हवा का संचार कम होता है, वहां कपूर जलाना बेहद फायदेमंद है।
ये वातावरण को इन्फेक्शन फ्री बनाता है। मौसमी बीमारियों को फैलने से रोकता है। इसकी गंध से घर के हानिकारक कीट-पतंगे और मच्छर भी आसानी से दूर भागते हैं। इस तरह से कपूर एक प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर की तरह हमारे घर में काम करता है।
ये खबर भी पढ़ें...23 साल बाद मकर संक्रांति 2026 पर बना एकादशी का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त
/sootr/media/post_attachments/imported/images/2021/September/16_Sep_2021/edible-camphor_big-118512.jpg)
कपूर के अन्य लाभ
कपूर (Camphor) का उपयोग केवल हवा शुद्ध करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके त्वचा और शारीरिक लाभ भी अद्भुत हैं। नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाने से त्वचा की खुजली और फंगल इन्फेक्शन में तुरंत आराम मिलता है। जोड़ों के दर्द में कपूर के तेल की मालिश सूजन को कम कर राहत देता है।
इसकी खुशबू से बंद नाक खुलती है। श्वसन तंत्र (मानसिक सेहत) की रुकावटें भी दूर होती हैं। वैज्ञानिक रूप से कपूर पिनिन और कैम्फीन जैसे तत्वों से भरपूर होता है। ये इसे नेचुरल पेस्टीसिड्स बनाते हैं। घर में कपूर जलाना तन और मन दोनों को नई ऊर्जा देता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। mental health
FAQ
ये खबर भी पढ़ें...2026 सूर्य का साल, जानें इस साल कब-कब कम हो जाएगी सूर्य की शक्ति
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us