एमपी के करुणाधाम आश्रम में बनेगा भव्य शिवालय, 4 साल में तैयार होगा 150 फीट ऊंचा शिखर
Latest Religious News: मध्यप्रदेश भोपाल का प्रसिद्ध करुणाधाम आश्रम आज (24 अप्रैल) एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का गवाह बनने जा रहा है। शहर के प्रसिद्ध करुणाधाम आश्रम में भव्य शिवालय का निर्माण कार्य शुरू होगा।
आश्रम में भव्य शिवार्चना केंद्र (शिवालय) के निर्माण के लिए आज विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न होगा। ये विशाल मंदिर लगभग 55 हजार वर्गफीट में फैला होगा। इसे राजस्थान के प्रसिद्ध धौलपुर पत्थरों से प्राचीन भारतीय शैली में तैयार किया जाएगा।
इसमें 150 फीट ऊंचे शिखर और मॉडर्न एमेनिटीज होंगे। जैसे बेसमेंट पार्किंग और लाइब्रेरी के साथ, ये प्रोजेक्ट अगले चार साल में भोपाल के कल्चरल प्राइड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा भूमि पूजन
मंदिर निर्माण की शुरुआत एक पवित्र अनुष्ठान के साथ की जा रही है। भूमि पूजन समारोह में उज्जैन के प्रकांड विद्वान डॉ. केदारनाथ शुक्ल मौजूद रहेंगे। उनके साथ आश्रम के पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
यह पूरा कार्यक्रम पूरी तरह से वैदिक परंपराओं पर आधारित होने वाला है। विद्वानों की मौजूदगी में होने वाले इस पूजन से क्षेत्र में नई ऊर्जा मिलेगी। भक्तों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला है।
धौलपुर के पत्थरों से निखरेगी प्राचीन शैली
इस शिवालय का निर्माण बहुत ही भव्य और विशाल स्तर पर किया जाएगा। ये मंदिर लगभग 55 हजार वर्गफीट के विस्तृत क्षेत्र में फैला होगा। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें धौलपुर के पत्थरों का उपयोग होगा।
राजस्थान के ये प्रसिद्ध पत्थर अपनी मजबूती और खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। मंदिर को प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला की शैली में ही तैयार किया जाएगा।
इस भव्य शिवालय की ऊंचाई सभी को अपनी ओर आकर्षित करने वाली है। मंदिर का शिखर जमीन से 150 फीट की शानदार ऊंचाई तक जाएगा।
इतनी ऊंचाई की वजह से इसे काफी दूर से भी देखा जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 20 से 22 करोड़ रुपए होगी। पूरे मंदिर को पूरी तरह तैयार होने में लगभग चार साल लगेंगे।
ज्ञान और साधना का विशेष केंद्र
करुणाधाम आश्रम प्रबंधन ने इसे केवल मंदिर तक सीमित नहीं रखा है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्पिरिचुअल इको-सिस्टम तैयार होगा। मंदिर के नीचे एक बड़ी बेसमेंट पार्किंग की सुविधा भी दी जाएगी।
इससे दर्शन के लिए आने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या नहीं होगी। साथ ही परिसर में पर्यावरण का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। यहां सुंदर फाउंटेन, पार्क और घनी हरियाली भी विकसित की जाएगी।
आश्रम में भक्तों के मानसिक सुकून और ज्ञान के लिए विशेष इंतजाम होंगे। यहां आधुनिक पुस्तकालय बनाया जाएगा जहां धार्मिक ग्रंथ उपलब्ध होंगे।
रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए यह जगह बहुत उपयोगी होगी। इसके अलावा एकांत साधना के लिए विशेष ध्यान कक्ष बनेंगे। भक्त यहां बैठकर शांतिपूर्वक भगवान शिव की आराधना और ध्यान कर सकेंगे।
ये खबरें भी पढ़ें...
सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश: हिंदू समाज एकजुट रहे
चारधाम यात्रा में क्या है केदारनाथ मंदिर का महत्व, भगवान शिव से जुड़ी है मान्यताएं
सबरीमाला मंदिर विवाद : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल, क्या छूने से भगवान अपवित्र हो जाते हैं?