MP के डॉक्टर हनुमान मंदिर को मिला विश्व रिकॉर्ड, यहां कागज की पर्ची से दूर होते हैं सारे रोग
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक बहुत ही अनोखा हनुमान मंदिर स्थित है।
- इस मंदिर को लोग प्यार से डॉक्टर हनुमान का दरबार भी कहते हैं।
- दंदरौआ धाम के इस मंदिर को अब वर्ल्ड रिकॉर्ड का सम्मान मिला है।
- लोग एक पर्ची पर अपनी बीमारी लिखकर भगवान के चरणों में रखते हैं।
- मान्यता है कि केवल 5 परिक्रमा लगाने से गंभीर रोग ठीक होते हैं।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक बहुत ही अनोखा मंदिर है। इस पावन जगह को लोग दंदरौआ धाम के नाम से जानते हैं। यहां बजरंगबली को 'डॉक्टर हनुमान' के रूप में पूजा जाता है। अब इस मंदिर के नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया की टीम ने इस मंदिर को खास सम्मान दिया है। ग्वालियर में हुए एक बड़े कार्यक्रम में यह सम्मान दिया गया। दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज को सर्टिफिकेट और ट्रॉफी मिली। यह खबर सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है।
डॉक्टर हनुमान जी का इतिहास
दंदरौआ धाम का इतिहास सदियों पुराना और बहुत ही दिलचस्प है। यहां हनुमान जी की एक बहुत ही सुंदर मूर्ति स्थापित है। इस मूर्ति में बजरंगबली नृत्य की मुद्रा में दिखाई देते हैं। उन्हें यहां डॉक्टर और सखी के रूप में पूजा जाता है।
यहां आने वाले भक्त अपनी बीमारी एक कागज पर लिखते हैं। इस पर्ची को भगवान के चरणों में अर्जी की तरह रखते हैं। भक्तों का मानना है कि इससे उनकी बीमारी ठीक हो जाती है। डॉक्टर हनुमान अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते हैं।
5 परिक्रमा लगाने से कैसे दूर होते हैं रोग
इस मंदिर की सबसे बड़ी महिमा यहां की पांच परिक्रमा है। लोगों का मानना है कि पांच परिक्रमा लगाने से दुख दूर होते हैं। यहां का विशेष प्रसाद खाने से शारीरिक कष्ट मिट जाते हैं। यह आस्था सालों से लगातार चली आ रही है।
हर मंगलवार और शनिवार को यहां भारी भीड़ उमड़ती है। मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी लोग यहां आते हैं। उत्तर प्रदेश और राजस्थान से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सभी के मन में सेहत ठीक होने की आस होती है।
श्रद्धा कैसे बन जाती है सबसे बड़ी दवा
वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया के सीईओ पवन सोलंकी ने इस पर बात की। उन्होंने कहा कि यह धाम बहुत ही अलौकिक और पवित्र है। यहां भक्तों की सच्ची श्रद्धा ही सबसे बड़ी दवा बन जाती है। लोगों का अटूट विश्वास ही उन्हें अच्छी सेहत देता है।
सम्मान मिलने के बाद मंदिर के महंत बहुत भावुक हो गए। महंत रामदास महाराज ने कहा कि यह करोड़ों भक्तों का सम्मान है। हनुमान जी की कृपा से सबको निरोगी काया मिलती है। दुखी मन को यहां आकर परम शांति मिलती है।
कैसे बना रहा है भव्य हनुमान लोक?
इस प्रसिद्ध मंदिर को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मध्यप्रदेश सरकार अब दंदरौआ धाम का विकास कर रही है। इसे भव्य हनुमान लोक के रूप में बदला जा रहा है। यह सरकार की एक बहुत बड़ी योजना है।
आने वाले समय में यह देश का बड़ा धार्मिक केंद्र बनेगा। आज के विज्ञान के दौर में भी यह आस्था अद्भुत है। डॉक्टर हनुमान के दरबार में हर दिन भीड़ बढ़ती जा रही है। यह भक्तों के अटूट विश्वास का सबसे बड़ा सबूत है।
FAQ
- दंदरौआ धाम के हनुमान जी को डॉक्टर हनुमान क्यों कहा जाता है?
मध्यप्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम को डॉक्टर हनुमान मंदिर इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां आने वाले मरीजों के रोग दूर हो जाते हैं। मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति डॉक्टर और सखी के रूप में नृत्य की मुद्रा में है, जो बेहद दुर्लभ है। - दंदरौआ धाम में बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए क्या नियम है?
दंदरौआ धाम में बीमारियों और मानसिक कष्टों से मुक्ति पाने के लिए पांच परिक्रमा का एक खास नियम है। सदियों से भक्तों का यह दृढ़ विश्वास है कि मंदिर परिसर की सिर्फ पांच परिक्रमा लगाने और वहां का विशेष प्रसाद ग्रहण करने से बड़े से बड़े असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। - दंदरौआ धाम को कौन सा वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला है और इसका भविष्य क्या है?
दंदरौआ धाम की सदियों पुरानी आस्था और यहां होने वाले चमत्कारों को देखते हुए 'वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया' ने इसे एक विशेष सम्मान से नवाजा है। इसके तहत मंदिर के महंत रामदास महाराज को ट्रॉफी और सर्टिफिकेट दिया गया है।
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