All India Bar Examination 2026: बार काउंसिल ने जारी किया नया सिलेबस, 29 नवंबर को होगी परीक्षा
All India Bar Examination: कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नई परीक्षा का सिलेबस जारी कर दिया है। यह परीक्षा देश भर में ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन के नाम से जानी जाती है। इस बार यह परीक्षा 29 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
लॉ की डिग्री पूरी करने के बाद वकालत का लाइसेंस पाना जरूरी होता है। कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए यह टेस्ट पास करना अनिवार्य है। हर साल इस परीक्षा में लाखों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाते हैं। इस बार भी करीब ढाई लाख छात्र इसमें शामिल हो सकते हैं।
आवेदन करने की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। छात्र 27 अक्टूबर तक अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। परीक्षा में सिविल, क्रिमिनल और संविधान से जुड़े कई सवाल आएंगे। इसमें कुल 19 विषयों से सवाल पूछे जाने की तैयारी की गई है। ऐसे में अगर आप भी इस परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, तो तैयारी तेज कर दें। आइए जानें परीक्षा से जुड़े सभी जरूरी नियम।
परीक्षा की तारीख और आवेदन
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। AIBE (All India Bar Examination) परीक्षा 29 नवंबर को देश भर में आयोजित होगी। ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख 27 अक्टूबर तय की गई है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
परीक्षा का रिजल्ट 7 से 10 जनवरी के बीच आएगा। यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है। हर बार इस परीक्षा में लगभग ढाई लाख उम्मीदवार बैठते हैं। यह टेस्ट पास करना कानूनी करियर के लिए बहुत जरूरी है।
कौन दे सकता है यह परीक्षा
बीसीआई से मान्यता प्राप्त संस्थान के छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। तीन या पांच साल का एलएलबी कोर्स पूरा होना चाहिए। अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्र भी फॉर्म भर सकते हैं। लेकिन उनका कोई पुराना बैकलॉग नहीं होना चाहिए।
पुराने छात्र अपनी पुरानी लॉगिन जानकारी से ही आवेदन कर सकते हैं। उन्हें नया रजिस्ट्रेशन करने की कोई जरूरत नहीं होगी। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए फीस 35 सौ रुपए है। एससी और एसटी वर्ग के लिए फीस 25 सौ रुपए है।
जानिए परीक्षा का पूरा सिलेबस
परीक्षा में कुल 100 MCQs पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र में कुल 19 अलग विषय शामिल किए गए हैं। कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ से कुल 10 प्रश्न पूछे जाएंगे। आईपीसी और भारतीय न्याय संहिता से आठ प्रश्न आएंगे।
सीआरपीसी और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता से 10 सवाल रहेंगे। कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर से भी 10 प्रश्न आएंगे। एविडेंस एक्ट और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से 8 सवाल होंगे। फैमिली लॉ विषय से भी आठ प्रश्न पूछे जाएंगे।
अन्य विषयों के सवालों का गणित
अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन से चार प्रश्न पूछे जाएंगे। पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन यानी पीआईएल से चार सवाल होंगे। एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ विषय से कुल 3 प्रश्न आएंगे। प्रोफेशनल एथिक्स और मिसकंडक्ट से चार सवाल रहेंगे।
कंपनी लॉ और एनवायरनमेंटल लॉ से दो-दो सवाल आएंगे। साइबर लॉ से भी परीक्षा में दो प्रश्न पूछे जाएंगे। लेबर एंड इंडस्ट्रियल लॉ से चार सवाल शामिल किए गए हैं। लॉ ऑफ टॉर्ट्स और कंज्यूमर प्रोटेक्शन से पांच प्रश्न रहेंगे।
टैक्स और कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े नियम
टैक्सेशन से जुड़े कानूनों से 4 सवाल पूछे जाएंगे। कॉन्ट्रैक्ट, प्रॉपर्टी लॉ और अन्य कानूनों से 8 प्रश्न आएंगे। लैंड एक्विजिशन एक्ट से परीक्षा में 2 प्रश्न रहेंगे। इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉज से भी 2 सवाल आएंगे।
इस तरह कुल 100 प्रश्नों का प्रश्न पत्र तैयार होगा। सभी सवाल वस्तुनिष्ठ यानी ऑब्जेक्टिव प्रकार के होंगे। नेगेटिव मार्किंग के बिना छात्र सभी सवाल हल कर सकते हैं। बेहतर रणनीति बनाकर इस परीक्षा को आसानी से पास किया जा सकता है।
वकालत लाइसेंस के लिए क्यों जरूरी
कानून की डिग्री मिलने के बाद वकालत का अधिकार तुरंत नहीं मिलता। इसके लिए सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस पाना जरूरी होता है। यह सर्टिफिकेट केवल इस परीक्षा को पास करने के बाद ही मिलता है। इसके बिना कोर्ट में केस लड़ना संभव नहीं होता।
यह परीक्षा वकीलों की प्रोफेशनल क्वॉलिफिकेशन्स को सर्टिफाइड करती है। इससे देश में कानूनी सेवा का स्तर बेहतर बना रहता है। इसलिए सभी लॉ ग्रेजुएट्स के लिए यह परीक्षा बहुत मायने रखती है।