CBSE 10th Board: दो बोर्ड परीक्षा का नया नियम, पासिंग सर्टिफिकेट पर बड़ा अपडेट
सीबीएसई ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए नया नियम बनाया है। अब छात्रों को साल में दो बार परीक्षा (10th cbse exam) देने का मौका मिलेगा। यह बदलाव नई शिक्षा नीति 2020 के तहत किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों का मानसिक तनाव कम करना है। छात्र अब अपना स्कोर सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।
हालांकि, मार्कशीट और सर्टिफिकेट से जुड़े नियम अब बदल गए हैं। पहली परीक्षा के तुरंत बाद पासिंग सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने इस बात को पूरी तरह स्पष्ट किया है।
पासिंग सर्टिफिकेट और मार्कशीट: क्या है नया नियम?
1. पहली बोर्ड परीक्षा के बाद (After First Board Exam)
पहली मुख्य परीक्षा () संपन्न होने और परिणाम घोषित होने के बाद, बोर्ड केवल मार्कशीट (Marksheet) जारी करेगा। यह मार्कशीट सीधे छात्रों के डिजिलॉकर (DigiLocker) अकाउंट में भेजी जाएगी।
- प्रवेश प्रक्रिया: छात्र इसी मार्कशीट के आधार पर 11वीं कक्षा में प्रवेश (Admission) ले सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी स्कूल इस मार्कशीट (सीबीएसई 10वीं रिजल्ट) के आधार पर प्रवेश देने से मना नहीं कर सकता।
2. दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद (After Second Board Exam)
छात्रों को उनका अंतिम पासिंग सर्टिफिकेट (Passing Certificate) दूसरी बोर्ड परीक्षा की समाप्ति के बाद ही प्राप्त होगा। यह प्रमाण पत्र भी डिजिलॉकर के माध्यम से डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
सीबीएसई 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा 2026
बोर्ड मई 2026 में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इसके लिए स्कूलों के माध्यम से उम्मीदवारों की सूची (List of Candidates - LOC) जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आवेदन की तारीखें
| चरण (Phase) | समय सीमा (Timeline) |
| पहला चरण (First Phase) | 18 मार्च से 31 मार्च 2026 तक |
| दूसरा चरण (Second Phase) | परिणाम घोषित होने के अगले दिन से 5 दिन तक |
| तीसरा चरण (Third Phase) | लेट फीस के साथ 2 दिन की अतिरिक्त विंडो |
कौन दे सकता है दूसरी बोर्ड परीक्षा?
- अनिवार्य उपस्थिति: छात्र का पहली मुख्य परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
- विषय सीमा: छात्र विज्ञान (Science), गणित (Maths), सामाजिक विज्ञान (Social Science) और भाषाओं जैसे अधिकतम 3 विषयों में सुधार (Improvement) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- अपात्रता: यदि कोई छात्र पहली परीक्षा के दौरान 3 या अधिक विषयों में अनुपस्थित (Absent) रहा है या फेल हुआ है, तो वह दूसरी परीक्षा में नहीं बैठ पाएगा।
- कंपार्टमेंट श्रेणी: जिन छात्रों का परिणाम 'कंपार्टमेंट' आया है, वे इस परीक्षा में शामिल होकर अपना साल बचा सकते हैं।
परीक्षा की जानकारी
- सिलेबस (Syllabus): दूसरी परीक्षा का पाठ्यक्रम वही रहेगा जो पहली मुख्य परीक्षा का था।
- नए नाम (New Names): एलओसी की प्रक्रिया में कोई भी नया छात्र (जिसने पहली परीक्षा का फॉर्म नहीं भरा था) नहीं जोड़ा जा सकता।
- प्रमाण पत्र का महत्व: दूसरी परीक्षा के बाद मिलने वाले सर्टिफिकेट को छात्रों को अपने संबंधित स्कूल में जमा करना होगा।
बोर्ड ने किया साफ
पिछले कुछ दिनों में सीबीएसई की काउंसलिंग सेवा में पासिंग सर्टिफिकेट को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने कई सवाल पूछे थे। छात्रों को डर था कि सर्टिफिकेट न मिलने से 11वीं में प्रवेश रुक सकता है।
बोर्ड ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा है कि डिजिलॉकर वाली मार्कशीट पूरी तरह वैध है और शैक्षणिक भविष्य में कोई बाधा नहीं आएगी।
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