CBSE 10वीं सेशन 2 की डेटशीट जारी, 15 मई से शुरू होंगे एग्जाम
Education news.केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने कक्षा 10वीं के दूसरे सत्र की परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया है। नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित होने वाली यह परीक्षा 15 मई से शुरू होगी और 21 मई 2026 तक चलेगी।
| डेट | सब्जेक्ट |
| 15 मई | मैथमेटिक्स (Mathematics) |
| 16 मई | इंग्लिश (English) |
| 18 मई | साइंस (Science) |
| 19 मई | लैंग्वेज (Language) |
| 20 मई | पेंटिंग / संस्कृत / IT / AI |
| 21 मई | सोशल साइंस (Social Science) |
किसे मिलेगा परीक्षा में बैठने का मौका?
यह परीक्षा उन छात्रों के लिए एक संजीवनी की तरह है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। नियम के मुताबिक, वे छात्र जो पहले सत्र की परीक्षा में शामिल हुए थे और अधिकतम तीन विषयों (साइंस, मैथ, सोशल साइंस और भाषा समेत) में बेहतर स्कोर करना चाहते हैं। वे छात्र CBSE की परीक्षा में बैठ सकते हैं।
इसके अलावा, जिन छात्रों को पहले चरण में कंपार्टमेंट मिला है या जो 2025 की कंपार्टमेंट कैटेगरी में थे, उन्हें भी मौका दिया गया है। बोर्ड ने स्पोर्ट्स कोटे वाले खिलाड़ियों और उन छात्रों को खास रियायत दी है, जिन्हें पहली या तीसरी बार कंपार्टमेंट परीक्षा देनी है।
इन छात्रों के लिए बंद रहेंगे दरवाजे
बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि हर छात्र इस परीक्षा का हिस्सा नहीं बन सकता है। नियमों के मुताबिक, वे छात्र जो पहले सेशन के दौरान तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहे थे, वे दूसरे सेशन की परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। यह कदम बोर्ड की अनुशासन और गंभीरता को दर्शाता है।
CBSE सेशन-1 का रिजल्ट कब आया
बता दें कि सेशन-1 का रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 को घोषित किया गया था। इस बार बेटियों ने बाजी मारी और उनका cbse 10 result में पासिंग परसेंटेज 94.99% रहा, जबकि लड़कों का प्रतिशत 92.95% रहा। ट्रांसजेंडर छात्रों ने भी 91.30% के साथ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। क्षेत्रीय स्तर पर 99.75% के साथ त्रिवेंद्रम रीजन सबसे आगे रहा।
मेरिट लिस्ट का झंझट खत्म
सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि वह कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं करेगा और न ही किसी टॉपर की घोषणा की जाएगी। स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला या स्कूल स्तर पर किसी बच्चे को टॉपर घोषित न करें। इस नए सिस्टम का उद्देश्य छात्रों पर से प्रतिस्पर्धा का दबाव कम करना है। गौरतलब है कि इस साल करीब 25 लाख छात्र इस प्रक्रिया का हिस्सा बने हैं।
CBSE का नया सिस्टम
छात्रों के मन में कई सवाल हैं, जिनका जवाब बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है। यह नियम इसी साल 2026 से लागू है। छात्रों के पास ऑप्शंस है कि वे एक बार परीक्षा दें या दोनों बार। अगर कोई छात्र दोनों बार एग्जाम देता है, तो उसका वही रिजल्ट फाइनल माना जाएगा जिसमें ज्यादा अंक होंगे।
सिलेबस कम नहीं होगा, दोनों बार पूरा सिलेबस ही पूछा जाएगा। खास बात यह है कि अब सप्लीमेंट्री एग्जाम खत्म कर दिए गए हैं और प्रैक्टिकल भी साल में एक ही बार (दिसंबर-जनवरी) होंगे।
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