CBSE Board Examinations 2026: 10वीं के लिए 'दूसरी बोर्ड परीक्षा' का बड़ा अपडेट
सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब साल में दो बार मुख्य परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर नया नोटिस जारी हो चुका है। CBSE Boardदूसरी परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह फैसला (CBSE Board Decision) छात्रों का मानसिक तनाव कम करने के लिए है। इससे बच्चों को अपना स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा। 2026 की बोर्ड परीक्षा देने वालों के लिए यह जरूरी खबर है। अब छात्र अपनी तैयारी को और बेहतर बना सकते हैं
एलओसी सबमिशन शेड्यूल
दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए पात्र छात्रों की सूची (List of Candidates - LOC) स्कूलों द्वारा तीन स्टेज में जमा की जाएगी।
| चरण (Phase) | समय सीमा (Timeline) | विवरण (Details) |
| फेज-1 | 31 मार्च 2026 तक | मुख्य परीक्षा से पहले इच्छुक छात्रों का पंजीकरण। |
| फेज-2 | रिजल्ट के बाद (5 दिन) | मुख्य परीक्षा परिणाम घोषित होने के अगले दिन से शुरू। |
| फेज-3 | रिजल्ट के 7वें दिन से | विलंब शुल्क (Late Fee) के साथ आवेदन की अंतिम खिड़की। |
CBSE Board Exam: सीबीएसई दूसरी परीक्षा के नियम
1. प्रदर्शन सुधार का मौका (Opportunity for Improvement)
सभी पास और पात्र छात्रों को विज्ञान (Science), गणित (Mathematics), सामाजिक विज्ञान (Social Science) और भाषाओं (Languages) में से अधिकतम तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की अनुमति होगी।
2. पहली परीक्षा की अनिवार्यता
छात्र के लिए पहली बोर्ड परीक्षा (फरवरी-मार्च) में शामिल होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा के तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को अगले वर्ष की मुख्य परीक्षा का इंतजार करना होगा।
3. कंपार्टमेंट श्रेणी (Compartment Category)
जिन छात्रों को 'कंपार्टमेंट' श्रेणी में रखा गया है, वे भी दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। स्कूलों को ऐसे छात्रों के लिए नए सिरे से एलओसी जमा करनी होगी।
स्कूलों के लिए गाइडलाइंस
- परीक्षा सेंटर: दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए सेंटर्स की संख्या काफी कम होगी। एक बार सेंटर मिलने के बाद उसे किसी भी हालत में बदला नहीं जा सकेगा।
- समय पर रजिस्ट्रेशन: अगर आप अपने नंबर सुधारना चाहते हैं, तो पहले फेज में ही नाम लिखवा लें। इससे बोर्ड को आपके बैठने और पेपर की तैयारी करने में आसानी होगी।
- सब्जेक्ट में बदलाव नहीं: दूसरे फेज के दौरान लिस्ट में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा। साथ ही, आप अपने चुने हुए विषयों (Subjects) को भी नहीं बदल पाएंगे।
- सावधानी बरतें: फॉर्म भरते समय अपनी सारी जानकारी बिल्कुल सही-सही चेक कर लें। बाद में सुधार का मौका मिलना बहुत मुश्किल होगा।
क्या नहीं बदलेगा ?
- प्रैक्टिकल के नंबर: आपको अपने इंटरनल असेसमेंट या प्रैक्टिकल के नंबर सुधारने का मौका नहीं मिलेगा। जो नंबर आपको पहली परीक्षा में मिल चुके हैं, वही फाइनल माने जाएंगे।
- इंटरनल असेसमेंट: आप केवल थ्योरी (लिखित) परीक्षा के नंबर ही बढ़ा सकते हैं। स्कूल की तरफ से मिले अंकों में कोई बदलाव नहीं होगा।
- फेल छात्र (ER): जिन छात्रों के रिजल्ट पर "Essential Repeat" लिखा है, वे दूसरी परीक्षा नहीं दे पाएंगे। यह मौका केवल उन्हीं के लिए है जो अपने नंबर सुधारना चाहते हैं।
- पात्रता: अगर आप किसी विषय में पूरी तरह फेल हैं, तो आपको अगले साल ही परीक्षा देनी होगी। दूसरी परीक्षा का फायदा सिर्फ पास होने वाले छात्र ही उठा सकते हैं।
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