सीबीएसई ने दी राहत: 7वीं से 9वीं के बच्चे पढ़ेंगे दो विदेशी भाषाएं, जानें नया नियम

Manya Jain | Jun 27, 2026, 11:34 IST
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CBSE ने कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों को राहत दी है। दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे छात्र 10वीं तक यही व्यवस्था जारी रख सकेंगे। नई तीन-भाषा नीति सिर्फ कक्षा 6 में नए दाखिले पर लागू होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • CBSE ने कक्षा 7, 8 और 9 केछात्रों को बड़ी राहत दी है।
  • जो बच्चेअभी दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे10वीं तक ऐसे ही पढ़ते रहेंगे।
  • नईतीन-भाषा नीति उन पर लागू नहीं होगी।
  • यहनियम केवल उन बच्चों पर लागू होगा जो अबकक्षा 6 में दाखिला लेंगे।
  • शिक्षा मंत्रीधर्मेंद्र प्रधान ने खुद यह बात साफ कीहै।

CBSE की नई भाषा नीति से क्यों मचा था बवाल

CBSE ने हाल ही मेंस्कूलों को निर्देश दिया था। जुलाई से नईतीन-भाषा नीति लागू करनी थी। इसके बादस्कूल और अभिभावक परेशान हो गए।



डर यहथा कि जो छात्र सालों से दो विदेशीभाषाएं पढ़ रहे हैं, उन्हें एक भाषाछोड़नी पड़ेगी। इसकी जगह उन्हें कोईभारतीय भाषा अपनानी होगी। यह बदलाव अचानकऔर बीच सत्र में होना था।



शिक्षा मंत्री ने क्या कहा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामला साफकिया। उन्होंने माना कि CBSE के पहलेनिर्देश में कुछ अस्पष्टता थी। अब वहअस्पष्टता दूर कर दी गई है।



उनकेमुताबिक, जो छात्र पहले से दो विदेशीभाषाएं पढ़ रहे हैं, उन्हें 10वीं तकवैसे ही पढ़ने दिया जाएगा। उनके भाषासंयोजन में कोई बदलाव नहीं होगा। पुरानेछात्रों पर पूर्व प्रभाव से नियम नहींथोपा जाएगा।



किन छात्रों पर लागू होगा नया नियम

राष्ट्रीय शिक्षा नीतियानी NEP 2020 (National Education Policy)के तहत नई व्यवस्था बनाई गई है।इसके अनुसार, अब कक्षा 6 में नया दाखिलालेने वाले छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नीहोंगी। इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएंहोनी जरूरी हैं।



मौजूदा कक्षा 7, 8 और 9के छात्रों पर यह नियम नहीं लागू होगा।वे 10वीं तक अपनी मौजूदा भाषाओं के साथपढ़ाई जारी रख सकेंगे। यह उन परिवारों केलिए बड़ी राहत है जिनके बच्चे फ्रेंच,जर्मन या जापानी जैसी भाषाएं पढ़ रहेहैं।



22 भारतीय भाषाओं में मिलेंगी किताबें

शिक्षा मंत्री ने बताया कि नईनीति के तहत 22 भारतीय भाषाओं मेंपाठ्यपुस्तकें तैयार की जाएंगी। शिक्षकऔर संसाधन जुटाना CBSE की जिम्मेदारीहोगी। यह काम चरणबद्ध तरीके से होगा।



स्किल एजुकेशन भी होगी जरूरी

नई नीतिमें व्यावसायिक शिक्षा यानी स्किलएजुकेशन को भी अहमियत दी गई है। कक्षा 6से 8 तक के छात्रों को हर साल 110 घंटेके स्किल मॉड्यूल पूरे करने होंगे। कक्षा9 और 10 में एक स्किल विषय अनिवार्यहोगा।



हालांकि, एक राहत की बात यह भीहै। CBSE इस पर विचार कर रहा है कि कक्षा10 तक स्किल विषय की जगह कोई विदेशी भाषाचुनने का विकल्प दिया जाए। इस प्रस्तावपर अभी चर्चा जारी है।



CBSE जल्द जारी करेगा संशोधित आदेश

अभी तक CBSE कीओर से कोई संशोधित आधिकारिक आदेश नहींआया है। बताया जा रहा है कि बोर्ड अपनीगवर्निंग काउंसिल में विचार-विमर्श केबाद जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगा।इसमें पूरी नीति को औपचारिक रूप सेस्पष्ट किया जाएगा।



अभिभावकों औरस्कूलों को इस आदेश का इंतजार है। जब तकयह नहीं आता, शिक्षा मंत्री के बयान कोही मार्गदर्शन माना जा रहा है।



FAQ

  1. क्या CBSE के 7वीं-9वीं के छात्रों को अभी विदेशी भाषा छोड़नी होगी?
    नहीं। जो छात्र पहले से दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे 10वीं तक इसी व्यवस्था में पढ़ाई जारी रख सकते हैं। नई तीन-भाषा नीति उन पर लागू नहीं होगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह बात साफ कर दी है।
  2. नई तीन-भाषा नीति किन छात्रों पर लागू होगी?
    यह नीति केवल उन छात्रों पर लागू होगी जो अब नए सत्र में कक्षा 6 में दाखिला लेंगे। उन्हें तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी जरूरी हैं। पुराने छात्रों पर यह नियम पूर्व प्रभाव से नहीं लगेगा।
  3. CBSE का संशोधित आधिकारिक आदेश कब आएगा?
    CBSE की गवर्निंग काउंसिल में विचार-विमर्श के बाद जल्द ही संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। अभी तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है। शिक्षा मंत्री के बयान के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट की गई है।

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