सांदीपनि स्कूल में बेटियों की बाल कैबिनेट से मिले सीएम मोहन यादव, AI पर दिए टिप्स

Kaushiki | Aug 06, 2026, 09:32 IST
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भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि स्कूल में सीएम मोहन यादव ने बाल कैबिनेट की सराहना की। उन्होंने छात्राओं को चैटजीपीटी जैसे एआई टूल्स का बुद्धिमानी से प्रयोग करने और अपनी सोचने की क्षमता को बनाए रखने की अहम सलाह दी।

MP Education News: भोपाल का कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय इन दिनों खूब सुर्खियों में है। वजह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वहां दौरा और छात्राओं के साथ हुआ दिलचस्प संवाद। यह सिर्फ कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं था।



यह आज के डिजिटल युग में स्मार्ट एजुकेशन और एआई (AI) के सही इस्तेमाल को समझने का एक ग्रेट लर्निंग सेशन बन गया। आज के समय में जब हर छात्र असाइनमेंट और प्रोजेक्ट के लिए Google या ChatGPT जैसे AI Tools पर पूरी तरह निर्भर होता जा रहा है।



ऐसे समय में सीएम मोहन यादव ने स्टूडेंट्स के साथ एक फ्रेंडली मेंटर की तरह बात की। उन्होंने बेहद आसान भाषा में समझाया कि टेक्नोलॉजी चाहे कितनी भी एडवांस क्यों न हो जाए। वह आपके इंसान होने और आपके अपने दिमाग से सोचने की शक्ति का मुकाबला कभी नहीं कर सकती।



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स्कूल में छात्राओं का बाल कैबिनेट

इतना ही नहीं, स्कूल में छात्राओं की अपनी एक एक्टिव बाल कैबिनेट चलती है। यहां लड़कियां वोटिंग प्रक्रिया से चुनी जाती हैं और स्कूल का पूरा मैनेजमेंट संभालती हैं। इससे बच्चों में कम उम्र से ही रियल वर्ल्ड प्रॉब्लम सॉल्विंग और लीडरशिप स्किल्स का डेवलपमेंट हो रहा है।



इस खास कन्वर्सेशन में सीएम ने करियर गाइडेंस, एग्जाम स्ट्रेस, मेंटल हेल्थ, सोशल मीडिया का स्मार्ट यूज और ईवीएम से चुनी जाने वाली बाल कैबिनेट के डेमोक्रेटिक प्रोसेस पर बहुत ही प्रैक्टिकल टिप्स शेयर किए हैं।



सीएम मोहन यादव सांदीपनि स्कूल पहुंचे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय पहुंचे। वहां छात्राओं ने उनका बहुत ही शानदार और आत्मीय स्वागत किया। पूरे स्कूल का माहौल बहुत ही ऊर्जावान और सकारात्मक लग रहा था।



स्कूल में छात्राओं की अपनी एक वेल-ऑर्गेनाइज्ड बाल कैबिनेट है। यह कैबिनेट पूरे स्कूल के डेली ऑपरेशन्स को खुद संभालती है। मुख्यमंत्री यह देखकर काफी हैरान और बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने सभी कैबिनेट मेंबर्स को सम्मान के साथ मंच पर बैठाया।



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ईवीएम से होते हैं स्कूल के चुनाव

छात्राओं ने बताया कि उनके स्कूल में हर साल प्रॉपर इलेक्शन होते हैं। यह चुनाव पूरी तरह ईवीएम (EVM) मशीनों की मदद से कराए जाते हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राएं इसमें प्रत्याशी के रूप में खड़ी होती हैं। कक्षा 8वीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थी अपने वोट का इस्तेमाल करते हैं।



सीएम ने इस डेमोक्रेटिक सिस्टम की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इससे छात्राओं में कमाल की लीडरशिप क्वालिटी आती है। बच्चे बचपन से ही डेमोक्रेटिक वैल्यूज और जिम्मेदारियां अच्छे से समझ जाते हैं। यह अनुभव उनके आगे के करियर में बहुत काम आने वाला है।



एआई का इस्तेमाल करें दिमाग भी लगाएं

इंटरैक्टिव सेशन के दौरान एक छात्रा ने ChatGPT पर सवाल पूछा। सीएम ने बताया कि वे खुद नई जानकारियों के लिए एआई टूल्स यूज़ करते हैं। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि एआई का स्मार्टली यूज करें। लेकिन अपनी सोचने और समझने की क्षमता को कभी कम न होने दें।



सीएम ने कहा कि एआई से मिलने वाले डाटा को हमेशा वेरीफाई करें। आंख बंद करके किसी भी ऑनलाइन इंफोर्मेशन पर भरोसा न करें। हर जानकारी का फैक्ट-चेक और क्रॉस वेरिफिकेशन करना बेहद जरूरी है। टेक्नोलॉजी को अपना मास्टर नहीं, बल्कि एक मददगार टूल बनाएं।



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सरकारी स्कूल अब बहुत मॉडर्न हैं

सीएम (CM Mohan Yadav)ने याद दिलाया कि वे खुद भी गवर्नमेंट स्कूल में पढ़े हैं। उन्होंने कहा कि आज के सरकारी स्कूल काफी ज्यादा अपग्रेड हो चुके हैं। अब स्कूलों में हाई-टेक कंप्यूटर लैब्स और स्मार्ट क्लासेस मौजूद हैं। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और पढ़ाई का स्तर बहुत बेहतर हो गया है।



सीएम ने कहा कि हमारी असली पहचान हमारे सांस्कृतिक संस्कार हैं। किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन के नैतिक मूल्य सीखना भी जरूरी है। पढ़ाई केवल परीक्षा पास करने या डिग्री लेने के लिए नहीं होनी चाहिए। सीखने की यह प्रक्रिया जीवनभर लगातार जारी रहनी चाहिए।



तनाव दूर करने के दिए टिप्स

छात्राओं ने एग्जाम स्ट्रेस और टाइम मैनेजमेंट पर भी सवाल पूछे। सीएम ने तनाव से बचने के लिए डेली योग करने का सुझाव दिया। उन्होंने म्यूजिक सुनने, स्पोर्ट्स में भाग लेने और गहरी नींद की सलाह दी। रोजाना एक पर्सनल डायरी लिखने से भी मेंटल क्लैरिटी मिलती है। मध्य प्रदेश शिक्षा नीति



शिक्षकों से भी की खास बातचीत

मुख्यमंत्री ने स्कूल के टीचर्स के साथ भी एक स्पेशल मीटिंग की। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही देश के असली राष्ट्र-निर्माता होते हैं। टीचर्स की जिम्मेदारी केवल सिलेबस खत्म कराना ही नहीं होता। वे बच्चों को एक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाते हैं।



सांदीपनि विद्यालय में वर्तमान में 18 सौ से अधिक छात्राएं पढ़ रही हैं। यहां नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की बेहतरीन व्यवस्था है। इस स्कूल को ग्रीन स्कूल के लिए नेशनल अवार्ड भी मिल चुका है। यहां का बोर्ड एग्जाम रिजल्ट लगातार सौ परसेंट रहता है।



FAQ

  1. सांदीपनि स्कूल में सीएम मोहन यादव ने एआई के इस्तेमाल पर क्या सलाह दी?
    सीएम मोहन यादव ने छात्राओं से कहा कि वे ChatGPT जैसे AI Tools का प्रयोग जानकारी जुटाने के लिए जरूर करें। लेकिन पूरी तरह उस पर निर्भर न रहें। एआई से मिले तथ्यों को अपने विवेक से जांचना और समझना बहुत जरूरी है।
  2. कमला नेहरू सांदीपनि स्कूल की बाल कैबिनेट कैसे काम करती है?
    इस स्कूल में हर साल EVM के जरिए लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होते हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं की छात्राएं चुनाव लड़ती हैं। चुनी गई कैबिनेट मेंबर्स पूरे साल स्कूल के अनुशासन, खेल, कल्चरल इवेंट्स और मैनेजमेंट का काम संभालती हैं।
  3. मुख्यमंत्री ने छात्राओं को तनाव प्रबंधन के लिए क्या प्रैक्टिकल टिप्स दिए?
    मुख्यमंत्री ने छात्राओं को एग्जाम और पढ़ाई के तनाव से बचने के लिए डेली योग, एक्सरसाइज, म्यूजिक, भरपूर नींद और रोज डायरी लिखने की सलाह दी। उन्होंने पढ़ाई को बोझ न मानकर लाइफ-लॉन्ग लर्निंग प्रोसेस बनाने पर जोर दिया।

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