MP BSc Nursing Admission: एडमिशन नियमों में बड़ा बदलाव, अब कॉलेज में ऐसे मिलेगी एंट्री
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश सरकार ने नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के नियम पूरी तरह बदल दिए हैं।
- अब केवल बीएससी नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी।
- एमएससी और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में एडमिशन अब सीधे मेरिट से मिलेंगे।
- नए नियम आगामी शैक्षणिक सेशन 2026-27 से पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे।
- काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया अब नीट परीक्षा के पैटर्न पर ऑनलाइन आयोजित होगी।
MP में नर्सिंग एडमिशन की नई व्यवस्था लागू
मध्यप्रदेश के नर्सिंग छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने BSc नर्सिंग एडमिशन की पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया है।
नए नियमों के मुताबिक अब छात्रों को हर कोर्स के लिए परीक्षा नहीं देनी होगी। अब केवल बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing) में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस फैसले से नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
Msc और पोस्ट बेसिक नर्सिंग में अब सीधे एडमिशन
सरकार के नए आदेश के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट और अन्य उच्च कोर्स में ढील दी गई है। अब एमएससी नर्सिंग (MSc Nursing) में कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। इसके साथ ही पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में भी परीक्षा को खत्म कर दिया गया है।
इन दोनों ही उच्च स्तरीय कोर्स में छात्रों को उनके पुराने एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर चुना जाएगा। यानी अब इन पाठ्यक्रमों में सीधे मेरिट लिस्ट बनाकर दाखिला दिया जाएगा। इस बदलाव से छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
नर्सिंग घोटाले के बीच छात्रों को राहत
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा पिछले कुछ सालों से बड़े विवादों में रही है। छात्र पहले ही नर्सिंग घोटाले के कारण कई साल पिछड़ चुके हैं। सीबीआई जांच और फर्जी कॉलेजों पर कार्रवाई से सेशन बहुत लेट हो गया था।
कई नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता भी समाप्त कर दी गई थी। परीक्षाओं में देरी से छात्र मानसिक रूप से बहुत परेशान थे। इन तमाम दिक्कतों के बीच सरकार का यह नया फैसला छात्रों के लिए संजीवनी साबित होगा।
MPESB कराएगा Bsc नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा
भले ही उच्च कोर्स में परीक्षा खत्म हो गई हो, लेकिन बुनियादी कोर्स में कड़ाई रहेगी। ग्रेजुएशन स्तर के बीएससी नर्सिंग कोर्स में बिना परीक्षा के एंट्री नहीं मिलेगी। इस परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी एक बार फिर सौंपी गई है।
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ही इस परीक्षा को आयोजित कराएगा। परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और लीक-प्रूफ तरीके से कराने की तैयारी चल रही है। नए नियम इसी सेशन 2026-27 से प्रभावी माने जाएंगे।
नीट काउंसलिंग के पैटर्न पर आवंटित होंगी सीटें
नर्सिंग की पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया को अब बहुत आधुनिक और पारदर्शी बनाया गया है। विभाग ने इसे नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट (NEET) के तर्ज पर ढाला है। इसके लिए एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन सिस्टम काम करेगा।
एडमिशन के लिए सबसे पहले छात्रों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए मेरिट सूची और सीट आवंटन (Seat Allotment) किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से गड़बड़ी की आशंका खत्म हो जाएगी।
खाली सीटें भरने के लिए होगी काउंसलिंग
कॉलेजों में सीटें खाली न रहें इसके लिए विशेष योजना बनाई गई है। काउंसलिंग के कुल तीन मुख्य राउंड आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद भी सीट खाली रहने पर चौथा राउंड यानी मॉप-अप राउंड होगा।
सभी नर्सिंग कॉलेजों के लिए अपना काउंसलिंग कैलेंडर जारी करना अब अनिवार्य होगा। इस कैलेंडर में रजिस्ट्रेशन से लेकर आखिरी एडमिशन तक की तारीखें साफ लिखनी होंगी। नियमों को छुपाकर या बैकडोर से एडमिशन देने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कॉलेजों को मिलेगा सीधा मौका
अगर चारों राउंड की बीएससी नर्सिंग काउंसिलिंगके बाद भी कुछ सीटें खाली बच जाती हैं तो क्या होगा? ऐसी स्थिति में कॉलेज सीधे अपने स्तर पर छात्रों को प्रवेश दे सकेंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग से लिखित अनुमति लेनी होगी।
कॉलेज स्तर पर होने वाले एडमिशन में भी नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकेगी। वहां भी मेरिट लिस्ट और सरकारी आरक्षण रोस्टर (Reservation Roster) का पालन करना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई होगी।
FAQ
- मध्यप्रदेश नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया 2026 में क्या मुख्य बदलाव हुए हैं?
नए नियमों के अनुसार, अब मध्यप्रदेश में एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए कोई परीक्षा नहीं देनी होगी। - बीएससी नर्सिंग के लिए प्रवेश परीक्षा कौन आयोजित कराएगा ?
बीएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) को दी गई है। - काउंसलिंग के बाद भी नर्सिंग कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं तो क्या होगा?
यदि ऑनलाइन काउंसलिंग के सभी चार राउंड पूरे होने के बाद भी कॉलेजों में सीटें खाली रहती हैं, तो कॉलेज अपने स्तर पर सीधे प्रवेश दे सकते हैं।
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