16 जून से खुलेंगे एमपी के सरकारी स्कूल, पहले दिन बच्चों को मिलेगा स्पेशल मील
MP School Reopening New Date: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खोलने की नई तारीख तय कर दी है।
अब प्रदेश के सभी शासकीय स्कूल 16 जून से खुलेंगे। पहले शिक्षक जनगणना के काम में लगे थे। इसलिए स्कूल खोलने का समय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। सरकार ने अब इसके नए आदेश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा से दूर हो चुके बच्चों को वापस लाएंगे शिक्षक
स्कूल खुलने के साथ ही राज्य में एक बड़ा अभियान भी शुरू होगा। इस अभियान का नाम स्कूल चलें हम रखा गया है। इसका दूसरा चरण 16 जून से 30 जून तक चलेगा।
इस बार सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान ड्रॉप आउट बच्चों पर रहेगा। जिन बच्चों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी, उन्हें वापस लाया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए सभी कलेक्टर्स को कड़े निर्देश दिए हैं।
ट्रैकिंग सिस्टम से होगी छात्रों की ऑनलाइन निगरानी
अब बच्चों के एडमिशन और उनकी उपस्थिति पर डिजिटल नजर रखी जाएगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए एक विशेष नया GPS ट्रैकिंग सिस्टमबनाया है। टीचर्स के मोबाइल पर एक खास सूची दिखाई देगी। इसमें स्कूल छोड़ चुके बच्चों के नाम होंगे। शिक्षक 'हमारे शिक्षक ऐप' की मदद से ऐसे बच्चों की पूरी ट्रैकिंग करेंगे। इससे फर्जीवाड़ा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
स्कूल के पहले दिन होगा सेलिब्रेशन
स्कूल के पहले दिन को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां होंगी। नए एडमिशन लेने वाले बच्चों और उनके माता-पिता का स्वागत किया जाएगा। कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों में बाल सभाएं आयोजित होंगी। स्कूल के पहले दिन बच्चों को मिड-डे मील में विशेष भोजन परोसा जाएगा। पैरेंट्स को सरकार की सभी फ्री योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों में साफ-सफाई फिक्स्ड करने के निर्देश
सरकार केवल एडमिशन पर ही नहीं, बल्कि सुविधाओं पर भी ध्यान दे रही है। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को तुरंत दूर किया जाएगा। विशेष रूप से बालिकाओं के शौचालयों की सफाई पर ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों में रनिंग वाटर और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। मिशन अंकुर के तहत बच्चों के सीखने की क्षमता को सुधारा जाएगा।
कलेक्टर्स करेंगे रेगुलर रिव्यु
इस पूरे अभियान की कमान जिला स्तर पर कलेक्टर्स के हाथों में होगी। कलेक्टर हर हफ्ते इस अभियान की प्रगति की समीक्षा बैठक करेंगे। विभिन्न सरकारी विभागों के बड़े अधिकारी भी इस काम से जोड़े जाएंगे। ये अधिकारी खुद स्कूलों में जाकर बच्चों से सीधा संवाद करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
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