मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग का कड़ा फरमान, 15 अगस्त तक पूरा करना होगा यू-डाइस का काम
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश में यू-डाइस पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट का काम अभी अधूरा है।
- प्रदेश के 14 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों की प्रोफाइल अब तक अपडेट नहीं हुई है।
- इससे छात्रवृत्ति और साइकिल जैसी योजनाओं का लाभ अटक सकता है।
- बालाघाट जिला 96 प्रतिशत प्रगति के साथ पहले स्थान पर है।
- शिक्षा विभाग ने 15 अगस्त तक पूरा काम खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
सागर में शिक्षा विभाग के यू-डाइस पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट का काम 91 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। यू-डाइस का मतलब है यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (u dise portal– Unified District Information System for Education)। इस पोर्टल पर स्कूली विद्यार्थियों का पूरा डेटा दर्ज किया जाता है। यही डेटा आगे कई सरकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल होता है।
कितने विद्यार्थियों की अपडेट बाकी
प्रदेश में 30 जुलाई तक 1 करोड़ 63 लाख 28 हजार 809 विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट करने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से 1 करोड़ 48 लाख 98 हजार 740 विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट हो चुकी है।
वहीं 14 लाख 30 हजार 69 विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट अभी लंबित है। यानी करीब 9 प्रतिशत काम अब भी बाकी है। यू-डाइस रिपोर्ट के मुताबिक यह आंकड़ा राज्य के लिए चिंता का विषय है।
टॉप 5 जिलों में कौन आगे
यू-डाइस रिपोर्ट के अनुसार बालाघाट जिला 96 प्रतिशत प्रोग्रेशन के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। नरसिंहपुर और खरगोन 94-94 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। खंडवा और बैतूल 93-93 प्रतिशत के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं। वहीं सागर जिला 93 प्रतिशत के साथ प्रदेश में 10वें स्थान पर है।
सबसे पीछे रहने वाले जिले
सबसे कमजोर प्रदर्शन आगरमालवा जिले का रहा है, जो 86 प्रतिशत के साथ 55वें स्थान पर है। श्योपुर 87 प्रतिशत के साथ 54वें स्थान पर है। पन्ना 88 प्रतिशत के साथ 53वें और झाबुआ भी 88 प्रतिशत के साथ 52वें स्थान पर है। दमोह जिला 89 प्रतिशत के साथ 50वें स्थान पर है।
किन योजनाओं पर पड़ेगा असर
यू-डाइस पोर्टल पर प्रोफाइल समय पर अपडेट नहीं होने से कई योजनाओं में दिक्कत आ सकती है। इनमें छात्रवृत्ति, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन सभी योजनाओं के सत्यापन में परेशानी आ सकती है।
इसके अलावा स्कूल का यू-डाइस डेटा अधूरा रहने से एक और समस्या बढ़ेगी। इससे ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ सकती है। यानी स्कूल छोड़ चुके बच्चों का सही आंकड़ा दर्ज नहीं हो पाएगा।
शिक्षा विभाग ने दिए निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों और स्कूलों को निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि लंबित विद्यार्थियों की प्रोफाइल जल्द से जल्द अपडेट की जाए। विभाग के मुताबिक 15 अगस्त तक यह काम 100 प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा।
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