NEET PG में बदल सकता है दाखिले का नियम: पर्सेंटाइल की जगह रैंक से मिलेगा प्रवेश, एक्सपर्ट कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट
रिपोर्ट में मेडिकल की पीजी सीटें भरने के कई सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें फीस कम करना और काउंसलिंग के अतिरिक्त चरण शामिल हैं। समिति का मानना है कि प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव से खाली सीटों की समस्या कम हो सकती है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने NEET PG और सुपर स्पेशियलिटी प्रवेश परीक्षा (NEET SS) के लिए नए प्रस्ताव को थियोरिटिकल मंजूरी दी है। हालांकि, नए नियम अभी जारी नहीं हुए हैं। नियम जल्द जारी हो सकते हैं। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है।
NEET PG में पर्सेंटाइल की जगह रैंक से मिलेगा प्रवेश
खबरों के मुताबिक, अभी NEET PG में दाखिले के लिए पर्सेंटाइल आधारित व्यवस्था लागू है। विशेषज्ञ समिति ने इस व्यवस्था को बदलने का सुझाव दिया है। समिति चाहती है कि दाखिले के लिए रैंक को आधार बनाया जाए। रैंक आधारित व्यवस्था में उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा में मिली रैंक के आधार पर मौका मिलेगा।
वहीं, समिति का मानना है कि इससे प्रवेश प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि, इस बदलाव को लागू करने के लिए नए नियम जारी होने जरूरी हैं। समिति ने NEET PG के साथ NEET SS के लिए भी प्रस्ताव दिया है। NMC ने इन प्रस्तावों को थियोरिटिकल मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि प्रस्ताव पर सहमति बनी है। लेकिन इसे लागू करने की पूरी प्रक्रिया अभी बाकी है।
पीजी की खाली सीटें भरने के लिए दिए ये सुझाव
1. गैर-क्लिनिकल विषयों की फीस कम करें
समिति ने क्लिनिकल और गैर-क्लिनिकल विषयों की फीस अलग रखने का सुझाव दिया है। गैर-क्लिनिकल पाठ्यक्रमों की फीस कम की जा सकती है। इससे इन विषयों में दाखिला लेने वाले छात्रों को राहत मिल सकती है।
2. कुछ विषयों में सर्विस बॉड से छूट मिले
समिति ने प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विषयों के लिए भी सुझाव दिया है। इन विषयों में दाखिला लेने वाले छात्रों को सेवा बंधन से छूट देने की बात कही गई है। इससे इन सिलेबस में दाखिला लेने के लिए छात्रों की रुचि बढ़ सकती है।
3. काउंसलिंग के अतिरिक्त चरण आयोजित हों
समिति ने खाली सीटें भरने के लिए अतिरिक्त काउंसलिंग कराने का सुझाव दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद काउंसलिंग के अतिरिक्त चरण आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले खाली रह गई सीटों को भरने का मौका मिल सकता है।
4. सीटें रोकने की समस्या पर ध्यान दें
समिति ने एनएबीएच और एनएएसी से जुड़ी सीटें रोकने के मामले पर भी ध्यान देने को कहा है। रिपोर्ट में परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों पर लगाम लगाने का सुझाव दिया गया है।
5. डेंटल और नर्सिंग के छात्रों को रोजगार के अवसर मिलें
समिति ने डेंटल और नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी सुझाव दिया है। उनके लिए रोजगार के अधिक अवसर तैयार करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही मेडिकल की पढ़ाई के न्यूनतम मानकों को बनाए रखने की बात कही गई है।
NEET PG 2025 में कटऑफ घटाने के बाद उठा था मामला
NEET PG-2025 की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान यह मामला सामने आया था। उस समय पर्सेंटाइल के आधार पर दाखिले की व्यवस्था लागू थी। पीजी की कई सीटें खाली रह गई थीं। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कटऑफ में बड़ी कटौती की थी। मंत्रालय ने सामान्य श्रेणी का कटऑफ 276 से घटाकर 103 कर दिया था। वहीं, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का कटऑफ 235 से घटाकर -40 कर दिया गया था। यह फैसला खाली पीजी सीटें भरने के लिए लिया गया था।
कटऑफ में इतनी बड़ी कटौती को लेकर सवाल उठे थे। सुप्रीम कोर्ट ने भी मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि सरकार के नीतिगत फैसले की भी जांच की जाएगी। इसके बाद कोर्ट ने NEET प्रवेश प्रक्रिया में सुधार के सुझाव देने को कहा था। साथ ही, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया था। इसी के बाद विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार की।
FAQs
- NEET PG में दाखिले को लेकर क्या बदलाव सुझाया गया है?
विशेषज्ञ समिति ने पर्सेंटाइल आधारित व्यवस्था की जगह रैंक आधारित दाखिले का सुझाव दिया है। - NEET PG में बदलाव का सुझाव किसने दिया है?
12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया है। - क्या NEET PG के नए नियम लागू हो गए हैं?
नहीं, नए नियम अभी जारी नहीं हुए हैं। NMC ने प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।