नीट यूजी पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा-जवाबदेही तय होना बहुत जरूरी

Anjali Dwivedi | May 29, 2026, 18:13 IST
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नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि असली समस्या वास्तविक जवाबदेही तय होने पर ही हल होगी। एनटीए ने कोर्ट में हलफनामा देकर सुरक्षा के लिए नए कड़े कदम उठाने की बात कही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • नीट यूजी पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई।
  • कोर्ट ने कहा कि जवाबदेही तय किए बिना यह बड़ी समस्या हल नहीं होगी।
  • केंद्र सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
  • एनटीए ने कोर्ट में हलफनामा देकर परीक्षा सुरक्षा के नए प्लान बताए हैं।
  • अब 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के लिए नई व्यवस्थाएं लागू होंगी।

नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत में सुनवाई हुई। शुक्रवार 29 मई को हुई इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि जब तक वास्तविक जवाबदेही तय नहीं होगी बात नहीं बनेगी। जवाबदेही तय किए बिना इस बड़ी समस्या का कोई स्थाई हल नहीं निकलेगा। हमें देश के होनहार युवाओं को किसी भी हाल में निराश नहीं करना चाहिए।



अदालत ने कहा कि बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं होना बहुत ही दुखद है। सुप्रीम कोर्ट ने अब केंद्र सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा है। सरकार को इस संबंध में एक डिटेल्ड एफिडेविट कोर्ट में दाखिल करना होगा। इस बड़े मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई के दूसरे सप्ताह में की जाएगी। तब तक के लिए कोर्ट ने मामले को स्थगित करने का फैसला सुनाया है।



PM खुद कर रहे हैं इस पूरे मामले की निगरानी

सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि परीक्षा व्यवस्था में कोई भी कमी न रह जाए। युवाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर बहुत गंभीरता से काम चल रहा है।



सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि सरकार छात्रों की चिंताओं को समझती है। आगामी 21 जून को होने वाली री-एग्जाम परीक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं। सरकार लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए कमिटेड है।



NTA ने कोर्ट में पेश किया नया सुरक्षा प्लान

इससे पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने अपना लिखित जवाब दाखिल किया। एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने कई ठोस कदम उठाए हैं। भविष्य में परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए एक मजबूत व्यवस्था लागू होगी।



एनटीए अब पेपर सेटर और मॉडरेटर चुनने के लिए नई नीति अपनाएगा। इसके लिए रैंडमाइजेशन और रोटेशन पॉलिसी को संस्थागत रूप दिया जा रहा है।



अब परीक्षा से जुड़े सभी कर्मचारियों का कड़ा बैकग्राउंड वेरिफिकेशन होगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनने दिया जाएगा। मानवीय दखल को कम करने के लिए तकनीक का भरपूर सहारा लिया जाएगा।



क्वेश्चन पेपर के अनुवाद के लिए आधुनिक एआई-बेस्ड टूल्स का उपयोग किया जाएगा। अनुवाद के कम से कम 85 फीसदी हिस्से में एआई तकनीक का इस्तेमाल होगा।



देशभर में बनेंगे एक हजार हाईटेक परीक्षा केंद्र

एनटीए ने परीक्षा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक बड़ा प्लान बताया है। एजेंसी देशभर के नामी सरकारी संस्थानों में नए परीक्षा केंद्र बनाएगी। इसके तहत कम से कम एक हजार अत्याधुनिक और सुरक्षित टेस्टिंग सेंटर बनेंगे। इन हाईटेक केंद्रों पर क्लाउड-बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही ब्लॉक चेन और एआई-एमएल जैसी सुरक्षित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।



इन केंद्रों पर चल रही पूरी प्रक्रिया की निगरानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग से होगी। तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए रियल-टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग लागू होगी। सभी केंद्रों पर एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी और नेक्स्ट-जनरेशन फायरवॉल लगाए जाएंगे।



परीक्षा की डिलीवरी और रिजल्ट की प्रोसेसिंग के लिए पूरा आईटी सिस्टम अपग्रेड होगा। इन उपायों से पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी तरह रुक जाएंगी।



क्यों रद्द हुई थी परीक्षा

एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि उसकी नीयत पूरी साफ है। परीक्षाओं की पवित्रता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है। बता दें कि NEET UG 2026 परीक्षा में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे थे। NEET पेपर लीक के दावों के बाद देशभर में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किए थे। इसके बाद सरकार को इस मुख्य परीक्षा (नीट यूजी 2026 रद्द) को रद्द करना पड़ा था।



अब आगामी 21 जून को नीट यूजी का री-एग्जाम होना तय हुआ है। इस परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष कराने की बड़ी चुनौती एनटीए पर है। इसी पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लगी हैं। इन याचिकाओं में एनटीए और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। अब छात्रों की नजरें जुलाई में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।



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