यूजी और पीजी सब्जेक्ट सिलेक्शन में बड़ा बदलाव, अब अलग विषय में पीजी नहीं कर पाएंगे छात्र

Kaushiki | May 19, 2025, 09:55 IST
NEW EDUCATION POLICY
नई एडमिशन गाइडलाइन के तहत अब छात्रों को पीजी में वही विषय पढ़ना होगा जो उन्होंने यूजी में मेजर या माइनर के रूप में चुना हो। इस नियम से हजारों छात्रों के करियर विकल्प सीमित हो जाएंगे।

हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई नई एडमिशन गाइडलाइन विद्यार्थियों के लिए एक जरूरी बदलाव लेकर आई है। ये उनके आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा को सीधे प्रभावित करती है।



अब किसी भी छात्र को पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) में केवल उसी विषय में स्पेशलाइजेशन करना होगा, जिसे उसने अपने अंडरग्रेजुएट (UG) स्तर पर मेजर या माइनर के रूप में चुना हो।



इसका मतलब यह है कि बीकॉम, बीएससी या बीए जैसे ग्रेजुएट कोर्स करने वाले छात्र अब पीजी में अपनी पसंद के किसी भी विषय में प्रवेश नहीं ले सकते, बल्कि उन्हें उसी क्षेत्र में आगे की पढ़ाई करनी होगी जिसमें उन्होंने यूजी किया है।



ये खबर भी पढ़ें...Career Tips: 10वीं के बाद स्ट्रीम चुनने में भूलकर भी न करें ये गलती, अपनाएं ये टिप्स



नई शिक्षा नीति (NEP) 2021

बता दें कि, यह बदलाव शिक्षा नीति (NEP) 2021 के लागू होने के बाद से आने वाली नई प्रणाली के तहत किया गया है, जिससे लगभग 35 हजार से अधिक छात्र प्रभावित हो रहे हैं।



पहले तक छात्र अपने स्नातक के विषय से हटकर भी एमए, एमएससी या एमकॉम जैसे कोर्सेज में प्रवेश पा सकते थे, पर अब यह सुविधा समाप्त हो गई है। आइए इस नियम के पहले और बाद के नियमों को विस्तार से समझते हैं।



पहले क्या था नियम

पहले की व्यवस्था में, यूजी के दौरान पढ़ाए गए विषय के आधार पर छात्रों को पीजी के किसी भी स्पेशलाइजेशन में प्रवेश मिलने की सुविधा थी।



जैसे, अगर किसी छात्र ने बीए में हिस्ट्री का विषय चुना था, तो वह एमए में इकोनॉमिक्स, पोलिटिकल साइंस या अन्य किसी विषय में दाखिला ले सकता था।



इसी तरह, बीएससी करने वाले छात्र एमएससी में विभिन्न विज्ञान विषयों में स्पेशलाइजेशन कर सकते थे, भले ही उन्होंने वह विषय अपने यूजी में नहीं पढ़ा हो। यह लचीलापन छात्रों को अपनी रुचि और करियर की आवश्यकताओं के मुताबिक विषय चुनने का अवसर प्रदान करता था।



ये खबर भी पढ़ें... क्या आपको भी है क्रिएटिव करियर का शौक, तो Packaging Designing Career रहेगा बेस्ट



क्या कहता है नया नियम

नियम का प्रभाव

इस नई गाइडलाइन के कारण लगभग 35 हजार से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं, जिनमें से अधिकांश 2021 या उसके बाद शिक्षा प्रारंभ करने वाले छात्र हैं।



इस नियम से छात्रों की पसंद और करियर विकल्प सीमित हो जाते हैं। वहीं, 2021 से पहले दाखिला लेने वाले या स्नातक पूरा कर चुके छात्र अभी भी पुराने नियमों के अनुसार अपनी पसंद के विषय में पीजी कर सकते हैं।



विशेषज्ञों की मांग

एजुकेशनिस्ट डॉ. मंगल मिश्रा ने इस नियम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि, इससे छात्रों की इंटरेस्ट और एबिलिटी के मुताबिक विषय चुनने की स्वतंत्रता बाधित होगी, जो उनकी शिक्षा और करियर पर लॉन्ग टर्म नेगेटिव प्रभाव डाल सकता है।



उन्होंने शिक्षा विभाग से इस नियम में पुनर्विचार (reconsideration) की मांग की है ताकि छात्र अपनी नीड्स और डिजायर के मुताबिक विषय चुन सकें।



ये खबर भी पढ़ें... New Career Options: ये हैं नए जमाने के 10 नए कोर्स, जो कर सकते हैं आपकी जेब की कड़की दूर



ऐसे चलेगी एडमिशन प्रक्रिया

  • एडमिशन के पहले चरण के रजिस्ट्रेशन 30 मई तक चलेंगे।
  • पहली मेरिट लिस्ट 5 जून को जारी की जाएगी।
  • इस बार पहली बार कॉलेजों में एक वर्षीय पीजी कोर्सों में भी प्रवेश होगा।
  • जो छात्र इस वर्ष यूजी के चौथे वर्ष की परीक्षा दे चुके हैं, वे ही इस एडमिशन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
  • यह नया नियम और बदलाव छात्रों के लिए शिक्षा की दिशा बदलने वाला है। इस बदलाव के प्रभाव, चुनौतियों और संभावनाओं को
  • समझना आवश्यक है ताकि छात्र अपनी पढ़ाई और करियर की योजना ठीक से बना सकें।

ये खबर भी पढ़ें...LLB Career Options: LLB सिर्फ वकालत ही नहीं, देता है मल्टीडाइमेन्शनल करियर का मौका



New Education Policy | New Education System | admission | admission in collegeमध्यप्रदेश | MP News | Madhya Pradesh | latest news



Tags:
  • MP News
  • Madhya Pradesh
  • मध्यप्रदेश
  • New Education Policy
  • नई शिक्षा नीति
  • latest news
  • UG
  • New Education System
  • admission
  • admission in college
  • pg